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मेरठ: शहीद स्मारक पर अंकित होगा इतिहा, 1857 की क्रांति को उकेर रहे देशभर के चित्रकार
Sat, 25 Sep 2021 03:46 PM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Sat, 25 Sep 2021 03:46 PM IST
सार
1857 की क्रांति मेरठ के संबंध में 1400 पेज का ऐतिहासिक शोध लखनऊ से प्राप्त हुआ है। इसमें से ही प्रमुख घटनाओं को चित्रकारी के माध्यम से शहीद स्मारक पर दिखाया जाएगा। देश भर के चित्रकार इन चित्रों को उकेर रहे हैं।
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1857 की क्रांति
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
1857 की क्रांतिकारी नगरी मेरठ में अब शहीद स्मारक पर इतिहास की कहानियों का चित्रण नजर आएगा। पांच गैलरी में दस सेक्शन को दिल्ली, जयपुर और कोलकाता के चित्रकारों द्वारा तैयार किया जा रहा है।
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इसमें झांसी की रानी, वीर कुंवर सिंह की रियासत, कालपी का दृश्य, नाना साहेब, तात्या टोपे जैसे शूरवीरों की गाथा उकेरी जा रही है। इस कार्य को अक्तूबर में ही खत्म किया जाना था लेकिन कोरोना के चलते देरी हो गई। इस पर एक करोड़ 72 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
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वहीं, सदर थाने का गदर और कोर्ट मार्शल विशेष रूप से दिखाई देगा, जिससे देशभर से लोग मेरठ आकर शहीद स्मारक में क्रांतिकारी वीरों को चित्रण के माध्यम से जान और देख सकें। शहीद स्मारक में अमर जवान ज्योति स्थल तैयार हो चुका है। इसके बाद से ही लोगों का आना-जाना शुरू हो गया है। वहीं, पर्यटन विभाग की ओर से भी एक ऑडिटोरियम का निर्माण करने के लिए खोदाई की जा रही है।
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1400 पेज का ऐतिहासिक शोध
1857 की क्रांति पर 1400 पेज का ऐतिहासिक शोध लखनऊ से प्राप्त हुआ है। इसमें से ही प्रमुख घटनाओं को चित्रकारी के माध्यम से दिखाया जाएगा। वहीं, अन्य इतिहास को डिजिटल माध्यम से टैब से दिखाया जाएगा। इसके लिए संग्रहालय अध्यक्ष पतरू ने तैयारी कर ली है, जिससे स्कूली छात्र, स्थानीय निवासी इतिहास से रूबरू हो सकें।
संग्रहालय में लगेगा रिवॉल्विंग प्रोजेक्टर
वहीं, संग्रहालय स्थल के प्रमुख द्वार पर मध्य में रिवॉल्विंग प्रोजेक्टर तैयार किया जा रहा है। ये चारों तरफ घूमेगा। इसमें प्रमुख घटनाओं की सीनरी लगाई जाएंगी। बिजली मोटर से रिवॉल्विंग प्रोजेक्टर को घुमाया जाएगा, जिससे रात के समय भी इसे देखा जा सकेगा।
1857 की क्रांति पर 1400 पेज का ऐतिहासिक शोध लखनऊ से प्राप्त हुआ है। इसमें से ही प्रमुख घटनाओं को चित्रकारी के माध्यम से दिखाया जाएगा। वहीं, अन्य इतिहास को डिजिटल माध्यम से टैब से दिखाया जाएगा। इसके लिए संग्रहालय अध्यक्ष पतरू ने तैयारी कर ली है, जिससे स्कूली छात्र, स्थानीय निवासी इतिहास से रूबरू हो सकें।
संग्रहालय में लगेगा रिवॉल्विंग प्रोजेक्टर
वहीं, संग्रहालय स्थल के प्रमुख द्वार पर मध्य में रिवॉल्विंग प्रोजेक्टर तैयार किया जा रहा है। ये चारों तरफ घूमेगा। इसमें प्रमुख घटनाओं की सीनरी लगाई जाएंगी। बिजली मोटर से रिवॉल्विंग प्रोजेक्टर को घुमाया जाएगा, जिससे रात के समय भी इसे देखा जा सकेगा।