Meerut: एक करोड़ रुपये से सजेगा मेरठ का ऐतिहासिक नौचंदी मेला, इस दिन होगा उद्घाटन
मेरठ के ऐतिहासिक नौचंदी मेले को इस बार एक करोड़ रुपये के बजट से सजाया जाएगा। 15 मार्च को होने वाले उद्घाटन से पहले मेला मैदान, प्रवेश द्वार और प्रतिमाओं की रंगाई-पुताई का काम शुरू हो गया है।
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मेरठ का ऐतिहासिक नौचंदी मेला इस बार एक करोड़ रुपये के बजट से सजाया जाएगा। जिला पंचायत ने इसके लिए बजट जारी कर दिया है और मेला मैदान में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। प्रवेश द्वार से लेकर महापुरुषों की प्रतिमाओं तक रंगाई-पुताई का काम शुरू हो गया है। 15 मार्च की शाम पांच बजे मेले का भव्य उद्घाटन किया जाएगा।
यह मेला पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान माना जाता है और गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल भी पेश करता है। प्रशासनिक अधिकारियों और शहर के प्रमुख लोगों की मौजूदगी में इस बार भी पारंपरिक तरीके से मेले की शुरुआत कराई जाएगी।
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नौचंदी मेले की खासियत इसकी सांप्रदायिक सौहार्द की परंपरा है। यहां सड़क के एक ओर बालेमियां की मजार स्थित है, जबकि दूसरी ओर मां चंडी का पौराणिक मंदिर है। मेले में दोनों स्थलों पर श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में आवाजाही रहती है।
उद्घाटन के दौरान गणेश मंदिर गेट से कबूतर और गुब्बारे उड़ाए जाएंगे। इसके साथ ही बालेमियां की मजार पर चादरपोशी और मां चंडी मंदिर में चुनरी व नारियल चढ़ाकर मेले की औपचारिक शुरुआत की जाएगी।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सजता है पटेल मंडप
नौचंदी मेले में पटेल मंडप प्रमुख आकर्षण का केंद्र होता है। यहां आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों में देशभक्ति, धर्म, कला और संस्कृति से जुड़े संदेश दिए जाते हैं। कलाकारों की प्रस्तुतियां मेले में आने वाले लोगों के लिए खास आकर्षण बनती हैं। यह परंपरा हर वर्ष होली के दूसरे रविवार से शुरू होती है और पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बन जाता है।
तैयारियों में जुटे कर्मचारी
अमर उजाला टीम ने बुधवार को मेला मैदान का जायजा लिया तो पाया कि करीब 30 से 40 कर्मचारी सफाई और रंगाई-पुताई के काम में लगे हुए थे। माना जा रहा है कि अगले तीन दिनों में अधिकांश तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी। अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत वीएस कुशवाहा ने बताया कि मेला मैदान में विकास कार्य शुरू कर दिए गए हैं। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है और इस बार उद्घाटन समारोह को भव्य बनाने की योजना है।
बिजली के खंभों और तारों से हादसे का खतरा
मेला मैदान में कई स्थानों पर बिजली के खंभे टूटे पड़े हैं और कुछ जगहों पर बिजली के तार जमीन पर झूल रहे हैं। इससे दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। स्थानीय निवासी राकेश शर्मा ने इस पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि मेला समाप्त होने के बाद नौचंदी मैदान की देखरेख नहीं हो पाती, जिससे यहां अव्यवस्था बनी रहती है। उन्होंने अधिकारियों से इस समस्या पर ध्यान देने की मांग की है।