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जिले में जमकर बरसे मेघा, गंगा और सहायक नदियों का बढ़ा जलस्तर
Tue, 02 Sep 2025 12:33 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Tue, 02 Sep 2025 12:33 AM IST
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बिजनौर में सोमवार को बारिश में छाता लगाकर जाती युवती। संवाद
बिजनौर। सितंबर महीने के पहले दिन का आगाज बरसात के साथ हुआ। दिनभर झमाझम बारिश होती रही। बरसात से शहर की गली मोहल्लों से लेकर गांव तक पानी ही पानी दिखा। खेत और तालाब लबालब हैं। उधर गंगा के जलस्तर में भी इजाफा हुआ है। गंगा खतरे के निशान से महज 70 सेंटीमीटर दूर है।
सोमवार को तड़के से ही बादलों के बरसने का सिलसिला चालू हुआ जोकि दोपहर तक जारी रहा। शाम ढलने तक भी बूंदाबांदी होती रही। बरसात होने से बिजनौर समेत जिले के कई शहर और कस्बों में नालियां उफन गई और सड़कों पर जलभराव हो गया। बारिश होने से अधिकांश बच्चे सोमवार को स्कूल नहीं जा पाए। तमाम नौकरीपेशा लोग भी कार्यालय देरी से पहुंचे।
पांच साल बाद अगस्त में जमकर बरसे बदरा : इस साल अगस्त माह में 349 एमएम बारिश हुई है जबकि इससे ज्यादा केवल साल 2020 के अगस्त में हुई थी। उक्त वक्त अगस्त में 485 एमएम बारिश हुई थी। यानि पांच सालों के बाद अगस्त में जमकर बादल बरसे हैं।
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खतरे के निशान के करीब बह रही गंगा : बिजनौर बैराज पर गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब बना हुआ है। सोमवार की शाम चार बजे बैराज पर जलस्तर 219.30 मीटर और पानी 165715 क्यूसेक रहा। जबकि रविवार की शाम आठ बजे बैराज पर जलस्तर 219.20 मीटर और पानी 142577 क्यूसेक था। जबकि रविवार की शाम बैराज से 134709 क्यूसेक पानी बह रहा था। गंगा के अलावा बाकी सहायक नदियों में भी पानी बढ़ा है।
धामपुर के नेजा सराय में सड़क पर रह एक एक फीट पानी : धामपुर। रविवार की देर रात शुरू हुई बारिश सोमवार को भी दिन भर होती रही। नेजा सराय में सड़क पर लगभग एक फीट तक पानी भर गया। वहीं, स्टेट हाइवे पर ग्राम सुहागपुर के पास मार्ग पर हुए गहरे गड्ढ़ों में पानी भरने के कारण राहगीरों को आवागमन में दिक्कत उठानी पड़ी। बारिश के कारण मोहल्ला बाड़वान में इकड़ा नदी के किनारे स्थित खेत पानी से लबालब हो गए।
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सोमवार को तड़के से ही बादलों के बरसने का सिलसिला चालू हुआ जोकि दोपहर तक जारी रहा। शाम ढलने तक भी बूंदाबांदी होती रही। बरसात होने से बिजनौर समेत जिले के कई शहर और कस्बों में नालियां उफन गई और सड़कों पर जलभराव हो गया। बारिश होने से अधिकांश बच्चे सोमवार को स्कूल नहीं जा पाए। तमाम नौकरीपेशा लोग भी कार्यालय देरी से पहुंचे।
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पांच साल बाद अगस्त में जमकर बरसे बदरा : इस साल अगस्त माह में 349 एमएम बारिश हुई है जबकि इससे ज्यादा केवल साल 2020 के अगस्त में हुई थी। उक्त वक्त अगस्त में 485 एमएम बारिश हुई थी। यानि पांच सालों के बाद अगस्त में जमकर बादल बरसे हैं।
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खतरे के निशान के करीब बह रही गंगा : बिजनौर बैराज पर गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब बना हुआ है। सोमवार की शाम चार बजे बैराज पर जलस्तर 219.30 मीटर और पानी 165715 क्यूसेक रहा। जबकि रविवार की शाम आठ बजे बैराज पर जलस्तर 219.20 मीटर और पानी 142577 क्यूसेक था। जबकि रविवार की शाम बैराज से 134709 क्यूसेक पानी बह रहा था। गंगा के अलावा बाकी सहायक नदियों में भी पानी बढ़ा है।
धामपुर के नेजा सराय में सड़क पर रह एक एक फीट पानी : धामपुर। रविवार की देर रात शुरू हुई बारिश सोमवार को भी दिन भर होती रही। नेजा सराय में सड़क पर लगभग एक फीट तक पानी भर गया। वहीं, स्टेट हाइवे पर ग्राम सुहागपुर के पास मार्ग पर हुए गहरे गड्ढ़ों में पानी भरने के कारण राहगीरों को आवागमन में दिक्कत उठानी पड़ी। बारिश के कारण मोहल्ला बाड़वान में इकड़ा नदी के किनारे स्थित खेत पानी से लबालब हो गए।

बिजनौर में सोमवार को बारिश में छाता लगाकर जाती युवती। संवाद

बिजनौर में सोमवार को बारिश में छाता लगाकर जाती युवती। संवाद

बिजनौर में सोमवार को बारिश में छाता लगाकर जाती युवती। संवाद

बिजनौर में सोमवार को बारिश में छाता लगाकर जाती युवती। संवाद