UP: तीन करोड़ में बनी बर्न यूनिट, सब कुछ तैयार, पर मरीजों को करना पड़ रहा इंतजार, CM योगी ने किया था लोकार्पण
Meerut News : LLRM मेडिकल कॉलेज में करीब तीन करोड़ की लागत से बनी बर्न यूनिट की शुरुआत आधी हकीकत और आधा फसाना बना हुआ है।
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मेरठ में एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से बनी बर्न यूनिट की शुरुआत आधी हकीकत और आधा फसाना बना हुआ है। यूनिट का ताला खुल गया है। ओपीडी रूम भी मरीजों के लिए तैयार है। कमरों में बेड भी बिछा दिए गए हैं और ऑक्सीजन सिलेंडर भी रखे हैं। लिफ्ट भी चालू है। इतना होने के बावजूद मरीजों को अभी इलाज के लिए इंतजार करना होगा, क्योंकि स्टाफ की तैनाती अभी नहीं हुई है। न ही पाइप लाइन से ऑक्सीजन की व्यवस्था हो पाई है। अभी किसी मरीज को यहां भर्ती भी नहीं किया गया है।
यहां एक स्टाफ नर्स और एक जीएनएम कर्मचारी तैनात है। बाकी स्टाफ और ऑक्सीजन पाइप लाइन बिछाने की तैयारी है। इसका लोकार्पण 10 मई 2022 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था, लेकिन अभी तक बर्न यूनिट चालू नहीं हो पाई है। उपकरण आ गए हैं, पर स्टाफ नहीं मिल सका है। अभी भी गंभीर जले हुए मरीजों को रेफर किया जा रहा है। इलाज कब से मिलना शुरू होगा, यह अभी साफ नहीं है, पर जल्द शुरू करने का दावा किया जा रहा है।
मेरठ में बर्न यूनिट की मांग दशकों पुरानी है। विक्टोरिया पार्क में साल 2006 में हुए भीषण अग्निकांड में 65 लोगों की मौत हो गई थी, तब अगर बर्न यूनिट होती तो शायद बहुत से लोगों की जान बच जाती। डेढ़ दशक बाद भी स्वास्थ्य विभाग वहीं खड़ा है। इस बर्न यूनिट में पांच बेड की आईसीयू है, 20 बेड का जनरल वार्ड है। मेडिकल कॉलेज में सामान्य तौर पर हर माह 30 से 35 गंभीर जले हुए मरीज आते हैं। कम जले हुए मरीजों को तो भर्ती कर लिया जाता है, मगर गंभीर मरीजों को रेफर करना पड़ता है।
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भर्ती किए जा सकते हैं मरीज : प्राचार्य
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता का कहना है कि बर्न यूनिट में मरीज भर्ती किए जा सकते हैं। इतनी व्यवस्था हो गई है। शासन से स्टाफ के लिए पत्राचार चल रहा है। वैसे, फिलहाल मेडिकल के मौजूदा स्टाफ की मदद ली जाएगी।
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जिला अस्पताल की आईसीयू जैसा न हो जाए हाल
जिला अस्पताल में करीब चार साल पहले आईसीयू को शुरू करा दिया गया था, बेड डालकर भर्ती कर लिए गए थे, लेकिन स्टाफ न होने के कारण चंद दिन बाद ही उसे बंद कर दिया गया। अब उसमें कोरोना की वैक्सीन लगाई जा रही थी। अब वैक्सीन भी नहीं लग रही, फिलहाल बंद है।