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कोरोना काल में भी स्वास्थ्य उपकेंद्र पर लटका ताला

Sun, 12 Jul 2020 01:18 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 12 Jul 2020 01:18 AM IST
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health center locked even in the corona era
गंगानगर। सरकार भले ही जनता को बीमारियों से बचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही हो, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अफसर इसमें लापरवाही बरत रहे हैं। ऐसा इसीलिए कहा जा रहा है क्योंकि अम्हैड़ा आदिपुर और नगली आजमाबाद स्थित स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर ताले लटके हैं। ये दोनों उपकेंद्र भावनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के क्षेत्र में आते हैं। दोनों ही उपकेंद्रों की दुर्दशा के कारण लोग परेशान हैं।
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केस एक
नगली आजमाबाद में बनाया गया परिवार कल्याण उपकेंद्र कई वर्षों से बंद पड़ा है। ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 2008 में गांव में परिवार कल्याण उपकेंद्र का निर्माण कराया गया था। लाखों रुपए खर्च कर उपकेंद्र की बिल्डिंग तैयार की गई, लेकिन पिछले तीन-चार वर्षों से उपकेंद्र का ताला तक नहीं खोला गया। फिलहाल उपकेंद्र की दीवारें टूटने लगी हैं। बड़ी बड़ी झाड़ियां उग आई हैं। भवन अब खंडहर में तब्दील हो चुका है। ग्रामीणों ने बताया कि एएनएम कभी कभार गांव में मरीजों को देखती हैं। इसके चलते नयागांव, साधारणपुर, नगली आजमाबाद आदि के ग्रामीणों को निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है।
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केस दो
कई वर्ष पूर्व अम्हैड़ा गांव में प्राथमिक चिकित्सा उपकेंद्र बनाया गया था। एएनएम व डॉक्टरों के बैठने के लिए भवन का निर्माण भी कराया गया, लेकिन भवन निर्माण के बाद उपकेंद्र में जरूरी उपकरण आज तक नहीं रखे गए। जिसके चलते एएनएम व आशा ने उपकेंद्र पर जाना बंद कर दिया। ग्रामीणों ने बताया कि एएनएम कभी कभार गांव के चौराहों पर मरीजों को देख लेती हैं। सीनियर डॉक्टरों की विजिट नहीं कराई जा रही। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते अब यह भी बदहाल हो गया है।
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ये सुविधा दी जाती हैं उपकेंद्रों पर
उपकेंद्रों में प्राथमिक इलाज के तौर पर कई सुविधाएं मुहैया कराई जाती हैं
हेपेटाइटिस व अन्य बीमारियों के बचाव के टीके लगाए जाते हैं
नवजात शिशुओं के टीके व जरूरी जानकारी दी जाती है
जरूरत पड़ने पर गर्भवती महिलाओं को दवाई आदि दी जाती है।
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