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Meerut News: पाकिस्तान आर्मी के जवान से बात करता था..आतंकी हो तो गोली मार दें
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आतंकी कनेक्शन के आरोप में नोएडा में एटीएस के हत्थे चढ़े तुषार चौहान के पिता बोले
मां ने कहा- कंडक्टर डिस आर्डर से पीड़ित है बेटा, सोशल मीडिया पर रहता है सक्रिय
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। नोएडा में एटीएस द्वारा आतंकी कनेक्शन के शक में पकड़े गए तुषार चौहान उर्फ हिजबुल्ला के पिता शैलेंद्र चौहान का कहना है कि अगर उनका बेटा आतंकी हो तो उसे गोली मार दी जाए। वह सोशल मीडिया के जरिये पाकिस्तान सेना के जवान से बात करता था। उनका कहना है कि तुषार मानसिक रूप से बीमार है।
कंकरखेड़ा की वैष्णो धाम कॉलोनी में रहने वाले तुषार के प्रॉपर्टी डीलर पिता शैलेंद्र ने बताया कि तुषार उनका इकलौता बेटा है। उन्होंने तुषार की मेडिकल रिपोर्ट्स दिखाते हुए दावा किया कि उसका इलाज चल रहा है। छह महीने पहले किसी के हिंदू धर्म के खिलाफ गलत पोस्ट करने वाले के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी थी। तब उसे पुलिस ने हिरासत में लिया था और उसकी मानसिक स्थिति को देखते हुए उसे अगले दिन जमानत मिल गई थी। तुषार की मां रितु चौहान ने बताया कि वह कंडक्टर डिस आर्डर से ग्रस्त था। वह जो देखता था। उसमें खुद को महसूस करने लगता है। वह आक्रामक हो जाता है। उसने पिता को बताया था कि इंस्टाग्राम के जरिये वह पाकिस्तान आर्मी के जवान से बात करता है। पाकिस्तान का जवान भी जाट चौहान है। इस पर उसके पिता ने उससे बात करने से इन्कार किया था। उन्होंने आशंका जताई है कि उसी ने तुषार का ब्रेनवॉश किया है। उन्होंने तुषार के हिजबुल्ला नाम रखने, धर्म परिवर्तन और खतना आदि करने के आरोप को निराधार बताया है। दो साल पहले वह कंकरखेड़ा में आए हैं। इससे पहले देहरादून में रहते थे।
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दसवीं फेल है तुषार चौहान, दादा स्वतंत्रता सेनानी, चाचा-ताऊ और भाई सैनिक
संवाद न्यूज़ एजेंसी
रमाला (बागपत)। आतंकी कनेक्शन मिलने पर नोएडा में पकड़ा गया तुषार चौहान उर्फ हिजबुल्ला अली दसवीं फेल है। वह क्रिकेटर बनना चाहता था। इस वजह से दो-ढाई महीने हरियाणा की अकादमी में प्रशिक्षण लेने के बाद वहां से वापस आ गया। उसके दादा गोवर्धन सिंह स्वतंत्रता सेनानी रहे हैं जिन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की सेना में शामिल होकर आजादी की लड़ाई लड़ी।
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तुषार के ताऊ हरेंद्र, चाचा रविंद्र सेवानिवृत्त सैनिक हैं जबकि चचेरा भाई शरण सेना में है। शुक्रवार को रमाला निवासी धर्मेंद्र चौहान ने बताया कि तुषार चौहान उनका भतीजा है जिसका जन्म रमाला गांव में हुआ, लेकिन बचपन में मानसिक रूप से कमजोर होने की वजह से बड़ा भाई शैलेंद्र मेरठ ले गया। वहां पर उसका उपचार भी कराया। इसके अलावा पढ़ाई में भी तुषार चौहान कमजोर था जो आठवीं कक्षा पास करने के बाद ओपन से दसवीं कक्षा भी पास नहीं कर पाया। इसके बाद उसने क्रिकेटर बनने की इच्छा जताई तो हरियाणा की बड़ी अकादमी में उसे प्रशिक्षण दिलाया गया। वहां भी दो-ढाई महीने ही रहा। इसके बाद तुषार मोबाइल में ही व्यस्त रहने लगा। तुषार के पिता के हिस्से में गांव का मकान और जमीन है। जमीन उन्होंने ठेके पर उगाही पर दे रखी है। मकान पूरी तरह खंडहर में तब्दील हो चुका है। चाचा धर्मेंद्र ने कहा कि आतंकी गतिविधियों से जुड़ने वाले तुषार चौहान और उसके परिवार से हमारा कोई मतलब नहीं है। गांव के रहने वाले अजय, विकास आदि ने बताया कि तुषार चौहान ने अपने परिवार के साथ पूरे गांव की बेइज़्ज़ती करा दी।
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मां ने कहा- कंडक्टर डिस आर्डर से पीड़ित है बेटा, सोशल मीडिया पर रहता है सक्रिय
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। नोएडा में एटीएस द्वारा आतंकी कनेक्शन के शक में पकड़े गए तुषार चौहान उर्फ हिजबुल्ला के पिता शैलेंद्र चौहान का कहना है कि अगर उनका बेटा आतंकी हो तो उसे गोली मार दी जाए। वह सोशल मीडिया के जरिये पाकिस्तान सेना के जवान से बात करता था। उनका कहना है कि तुषार मानसिक रूप से बीमार है।
कंकरखेड़ा की वैष्णो धाम कॉलोनी में रहने वाले तुषार के प्रॉपर्टी डीलर पिता शैलेंद्र ने बताया कि तुषार उनका इकलौता बेटा है। उन्होंने तुषार की मेडिकल रिपोर्ट्स दिखाते हुए दावा किया कि उसका इलाज चल रहा है। छह महीने पहले किसी के हिंदू धर्म के खिलाफ गलत पोस्ट करने वाले के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी थी। तब उसे पुलिस ने हिरासत में लिया था और उसकी मानसिक स्थिति को देखते हुए उसे अगले दिन जमानत मिल गई थी। तुषार की मां रितु चौहान ने बताया कि वह कंडक्टर डिस आर्डर से ग्रस्त था। वह जो देखता था। उसमें खुद को महसूस करने लगता है। वह आक्रामक हो जाता है। उसने पिता को बताया था कि इंस्टाग्राम के जरिये वह पाकिस्तान आर्मी के जवान से बात करता है। पाकिस्तान का जवान भी जाट चौहान है। इस पर उसके पिता ने उससे बात करने से इन्कार किया था। उन्होंने आशंका जताई है कि उसी ने तुषार का ब्रेनवॉश किया है। उन्होंने तुषार के हिजबुल्ला नाम रखने, धर्म परिवर्तन और खतना आदि करने के आरोप को निराधार बताया है। दो साल पहले वह कंकरखेड़ा में आए हैं। इससे पहले देहरादून में रहते थे।
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दसवीं फेल है तुषार चौहान, दादा स्वतंत्रता सेनानी, चाचा-ताऊ और भाई सैनिक
संवाद न्यूज़ एजेंसी
रमाला (बागपत)। आतंकी कनेक्शन मिलने पर नोएडा में पकड़ा गया तुषार चौहान उर्फ हिजबुल्ला अली दसवीं फेल है। वह क्रिकेटर बनना चाहता था। इस वजह से दो-ढाई महीने हरियाणा की अकादमी में प्रशिक्षण लेने के बाद वहां से वापस आ गया। उसके दादा गोवर्धन सिंह स्वतंत्रता सेनानी रहे हैं जिन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की सेना में शामिल होकर आजादी की लड़ाई लड़ी।
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तुषार के ताऊ हरेंद्र, चाचा रविंद्र सेवानिवृत्त सैनिक हैं जबकि चचेरा भाई शरण सेना में है। शुक्रवार को रमाला निवासी धर्मेंद्र चौहान ने बताया कि तुषार चौहान उनका भतीजा है जिसका जन्म रमाला गांव में हुआ, लेकिन बचपन में मानसिक रूप से कमजोर होने की वजह से बड़ा भाई शैलेंद्र मेरठ ले गया। वहां पर उसका उपचार भी कराया। इसके अलावा पढ़ाई में भी तुषार चौहान कमजोर था जो आठवीं कक्षा पास करने के बाद ओपन से दसवीं कक्षा भी पास नहीं कर पाया। इसके बाद उसने क्रिकेटर बनने की इच्छा जताई तो हरियाणा की बड़ी अकादमी में उसे प्रशिक्षण दिलाया गया। वहां भी दो-ढाई महीने ही रहा। इसके बाद तुषार मोबाइल में ही व्यस्त रहने लगा। तुषार के पिता के हिस्से में गांव का मकान और जमीन है। जमीन उन्होंने ठेके पर उगाही पर दे रखी है। मकान पूरी तरह खंडहर में तब्दील हो चुका है। चाचा धर्मेंद्र ने कहा कि आतंकी गतिविधियों से जुड़ने वाले तुषार चौहान और उसके परिवार से हमारा कोई मतलब नहीं है। गांव के रहने वाले अजय, विकास आदि ने बताया कि तुषार चौहान ने अपने परिवार के साथ पूरे गांव की बेइज़्ज़ती करा दी।