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लंपी वायरस का कहर : तीन दिन में पांच गोवंश की मौत, कई गाेवंश बीमार
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संवाद न्यूज एजेंसी
फलावदा (मेरठ)। कस्बे और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में लंपी स्किन डिजीज तेजी से पैर पसार रही है। बीमारी के बढ़ते प्रकोप से पशुपालकों में दहशत का माहौल है। तीन दिनों में पांच गायों की मौत हो गई। फलावदा समेत क्षेत्र के कई गांवों में बड़ी संख्या में गोवंश इस बीमारी की चपेट में आ गए हैं।
बीमारी के चलते शुक्रवार को गांव खाता निवासी राजेंद्र और सतबीर की एक-एक गाय की मौत हो गई। कस्बे में शनिवार को सुरेंद्र की भी एक गाय की भी बीमारी के चलते मौत हुई है। तीन दिन पूर्व बृजपाल और कृष्ण की भी एक-एक गाय की भी मौत हुई थी। इससे पूर्व भी फलावदा, बातनौर, नगला काटर, गगसोना गांव में करीब 20 दिनों में 11 गाय की मौत हो चुकी है। गांव खाता में अमरपाल, चुन्नू, दिनेश, महावीर, ओमपाल, रामकुमार, लोकेश और रघुवीर समेत कई पशुपालकों की करीब 37 गाय बीमारी से ग्रस्त हैं।
इसके अलावा क्षेत्र के गांव बातनौर, अमरौली उर्फ बड़ा गांव, नगला यजदी और नगला हरेरु में भी गाय लंपी स्किन डिजीज के लक्षण दिखाई देने की किसानों ने जानकारी दी है।पशुपालकों के अनुसार, पिछले करीब तीन सप्ताह से गाय के शरीर पर मोटी-मोटी गांठें और गहरे घाव उभर रहे हैं। इस बीमारी के कारण पशुपालकों की गायों ने चारा खाना तक बंद कर दिया है। लगातार बढ़ते मामलों से पशुपालकों में चिंता और भय का माहौल है।
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पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. इंद्रजीत ने बताया कि गांव-गांव जाकर गोवंश का टीकाकरण किया जा रहा है। साथ ही पशुपालकों को बीमारी से बचाव और जरूरी सावधानियों के बारे में जानकारी दी जा रही है।
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फलावदा (मेरठ)। कस्बे और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में लंपी स्किन डिजीज तेजी से पैर पसार रही है। बीमारी के बढ़ते प्रकोप से पशुपालकों में दहशत का माहौल है। तीन दिनों में पांच गायों की मौत हो गई। फलावदा समेत क्षेत्र के कई गांवों में बड़ी संख्या में गोवंश इस बीमारी की चपेट में आ गए हैं।
बीमारी के चलते शुक्रवार को गांव खाता निवासी राजेंद्र और सतबीर की एक-एक गाय की मौत हो गई। कस्बे में शनिवार को सुरेंद्र की भी एक गाय की भी बीमारी के चलते मौत हुई है। तीन दिन पूर्व बृजपाल और कृष्ण की भी एक-एक गाय की भी मौत हुई थी। इससे पूर्व भी फलावदा, बातनौर, नगला काटर, गगसोना गांव में करीब 20 दिनों में 11 गाय की मौत हो चुकी है। गांव खाता में अमरपाल, चुन्नू, दिनेश, महावीर, ओमपाल, रामकुमार, लोकेश और रघुवीर समेत कई पशुपालकों की करीब 37 गाय बीमारी से ग्रस्त हैं।
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इसके अलावा क्षेत्र के गांव बातनौर, अमरौली उर्फ बड़ा गांव, नगला यजदी और नगला हरेरु में भी गाय लंपी स्किन डिजीज के लक्षण दिखाई देने की किसानों ने जानकारी दी है।पशुपालकों के अनुसार, पिछले करीब तीन सप्ताह से गाय के शरीर पर मोटी-मोटी गांठें और गहरे घाव उभर रहे हैं। इस बीमारी के कारण पशुपालकों की गायों ने चारा खाना तक बंद कर दिया है। लगातार बढ़ते मामलों से पशुपालकों में चिंता और भय का माहौल है।
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पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. इंद्रजीत ने बताया कि गांव-गांव जाकर गोवंश का टीकाकरण किया जा रहा है। साथ ही पशुपालकों को बीमारी से बचाव और जरूरी सावधानियों के बारे में जानकारी दी जा रही है।