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भारतीय संस्कृति की पहचान है हस्तिनापुर : कृष्ण संजय महाराज
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श्री खाटू श्याम कथा के तीसरे दिन महात्मा विदुर के चरित्र और विदुर नीति का वर्णन किया
संवाद न्यूज एजेंसी
मवाना । भक्ति प्रकृति सेवा संस्थान के तत्वावधान में आयोजित श्री खाटू श्याम कथा महोत्सव के तीसरे दिन कृष्ण संजय महाराज ने महात्मा विदुर के चरित्र और विदुर नीति का वर्णन किया। उन्होंने हस्तिनापुर के गौरव को पुनः राष्ट्रीय पटल पर स्थापित करने का आह्वान किया।
कथा व्यास ने कहा कि हस्तिनापुर केवल एक स्थान नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और इतिहास की पहचान है। जिस धरती ने महात्मा विदुर जैसे महान नीतिज्ञ को जन्म दिया, उसके संरक्षण और विकास के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने सरकार व जनप्रतिनिधियों से महाभारतकालीन इस क्षेत्र को सांस्कृतिक विरासत के रूप में उचित पहचान और सम्मान दिलाने का आग्रह किया, ताकि आने वाली पीढ़ियां हस्तिनापुर के गौरव को प्रत्यक्ष अनुभव कर सकें। कथा के दौरान मेरा हस्तिनापुर, मेरा गौरव के नारों से पूरा पंडाल गूंज उठा।
इस अवसर पर मुख्य यजमान अमरीश त्यागी, संयोगिता, नारायण दत्त तिवारी, गौरव रस्तोगी, मोनू रस्तोगी, महेश आर्य, अनुराग दुबलिश, कृष्ण आर्य, गोपाल और सावित्री सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मवाना । भक्ति प्रकृति सेवा संस्थान के तत्वावधान में आयोजित श्री खाटू श्याम कथा महोत्सव के तीसरे दिन कृष्ण संजय महाराज ने महात्मा विदुर के चरित्र और विदुर नीति का वर्णन किया। उन्होंने हस्तिनापुर के गौरव को पुनः राष्ट्रीय पटल पर स्थापित करने का आह्वान किया।
कथा व्यास ने कहा कि हस्तिनापुर केवल एक स्थान नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और इतिहास की पहचान है। जिस धरती ने महात्मा विदुर जैसे महान नीतिज्ञ को जन्म दिया, उसके संरक्षण और विकास के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने सरकार व जनप्रतिनिधियों से महाभारतकालीन इस क्षेत्र को सांस्कृतिक विरासत के रूप में उचित पहचान और सम्मान दिलाने का आग्रह किया, ताकि आने वाली पीढ़ियां हस्तिनापुर के गौरव को प्रत्यक्ष अनुभव कर सकें। कथा के दौरान मेरा हस्तिनापुर, मेरा गौरव के नारों से पूरा पंडाल गूंज उठा।
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इस अवसर पर मुख्य यजमान अमरीश त्यागी, संयोगिता, नारायण दत्त तिवारी, गौरव रस्तोगी, मोनू रस्तोगी, महेश आर्य, अनुराग दुबलिश, कृष्ण आर्य, गोपाल और सावित्री सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
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