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Meerut News: हसनपुर कदीम-आलमपुर मार्ग बदहाल
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- इसी मार्ग से गुजरेंगे हजारों की संख्या में कावंडियां
संवाद न्यूज एजेंसी
मुंडाली। मेरठ-गढ़ मार्ग पर हसनपुर कदीम से गांव आलमपुर की ओर जाने वाले मुख्य रास्ते की हालत हाल ही में हुई मूसलाधार बारिश के कारण अत्यंत दयनीय हो गई है। वहीं क्षेत्र के ग्रामीण कांवड़ियां इसी रास्ते से गुजरकर बड़ला कैथवाड़ा में स्थित प्राचीन शिव मंदिर में जलाभिषेक करते हैं।
हसनपुर कदीम से गांव आलमपुर की ओर जाने वाले मुख्य रास्ता जोकि आधा दर्जन से अधिक गांव जिठौली, नंगला कबूलपुर, आलमपुर, बड़ला कैथवाड़ा, मुरलीपुर होते हुए खरखौदा क्षेत्र के गांवों से जुड़ जाता है। यह मार्ग लगभग पांच वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनाया गया था। लेकिन हाल में हुई लगातार बारिश के पानी के तेज बहाव और जलभराव के चलते सड़क के बीचो-बीच गहरे गड्ढे बन गए और सड़क जमीन में धंस गई जिस कारण से वाहनों के आवागमन तो दूर, पैदल चलने वाले ग्रामीणों का निकलना भी दूभर हो गया है।
सावन मास में इसी मार्ग से शिवभक्त कांवड़ियों का बड़ा काफिला गुजरता है। इस मार्ग पर गांव बढ़ला कैथवाडा में प्राचीन भूमेश्वर शिव मंदिर है। क्षेत्र के लगभग एक दर्जन से अधिक गांवों के कांवड़ियां इसी रास्ते से होकर प्राचीन मंदिर पहुंचकर शिव का जलाभिषेक करते हैं। इस बार सड़क की जमीन धंसने और जगह-जगह मिट्टी कटने के कारण कांवड़ियों के लिए इस रास्ते नंगे पैर निकलना अत्यंत जोखिम भरा होगा।
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ग्रामीण सुधीर कुमार, दीपक देव, आकाश तोमर, रवि तोमर, मनोहर तोमर आदि का कहना है कि सावन की कांवड़ यात्रा चल रही है। इस सड़क की मरम्मत अतिशीघ्र पीडब्लूडी विभाग को करानी चाहिए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुंडाली। मेरठ-गढ़ मार्ग पर हसनपुर कदीम से गांव आलमपुर की ओर जाने वाले मुख्य रास्ते की हालत हाल ही में हुई मूसलाधार बारिश के कारण अत्यंत दयनीय हो गई है। वहीं क्षेत्र के ग्रामीण कांवड़ियां इसी रास्ते से गुजरकर बड़ला कैथवाड़ा में स्थित प्राचीन शिव मंदिर में जलाभिषेक करते हैं।
हसनपुर कदीम से गांव आलमपुर की ओर जाने वाले मुख्य रास्ता जोकि आधा दर्जन से अधिक गांव जिठौली, नंगला कबूलपुर, आलमपुर, बड़ला कैथवाड़ा, मुरलीपुर होते हुए खरखौदा क्षेत्र के गांवों से जुड़ जाता है। यह मार्ग लगभग पांच वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनाया गया था। लेकिन हाल में हुई लगातार बारिश के पानी के तेज बहाव और जलभराव के चलते सड़क के बीचो-बीच गहरे गड्ढे बन गए और सड़क जमीन में धंस गई जिस कारण से वाहनों के आवागमन तो दूर, पैदल चलने वाले ग्रामीणों का निकलना भी दूभर हो गया है।
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सावन मास में इसी मार्ग से शिवभक्त कांवड़ियों का बड़ा काफिला गुजरता है। इस मार्ग पर गांव बढ़ला कैथवाडा में प्राचीन भूमेश्वर शिव मंदिर है। क्षेत्र के लगभग एक दर्जन से अधिक गांवों के कांवड़ियां इसी रास्ते से होकर प्राचीन मंदिर पहुंचकर शिव का जलाभिषेक करते हैं। इस बार सड़क की जमीन धंसने और जगह-जगह मिट्टी कटने के कारण कांवड़ियों के लिए इस रास्ते नंगे पैर निकलना अत्यंत जोखिम भरा होगा।
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ग्रामीण सुधीर कुमार, दीपक देव, आकाश तोमर, रवि तोमर, मनोहर तोमर आदि का कहना है कि सावन की कांवड़ यात्रा चल रही है। इस सड़क की मरम्मत अतिशीघ्र पीडब्लूडी विभाग को करानी चाहिए।