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जिला प्रशासन ने ली राहत की सांस, हर बूथ पर होगी एक ही ईवीएम
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
Updated Fri, 27 Jan 2017 12:08 PM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटे जिला प्रशासन ने प्रत्येक विधानसभा में प्रत्याशियों की संख्या 15 से कम होने पर राहत की सांस ली है। अब प्रशासन को किसी भी विधानसभा में दो मशीन नहीं लगानी पड़ेंगी। इससे मतदान के साथ ही मतगणना का काम भी आसान हो जाएगा।
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ईवीएम मशीन में 15 प्रत्याशियों के नाम, चुनाव चिह्न और फोटो के साथ नोटा के विकल्प का बटन होता है। मशीन में सिर्फ 16 विकल्प ही प्रयोग कर सकते हैं। ऐसे में यदि किसी विधानसभा में 16 भी प्रत्याशी हो जाएं तो निर्वाचन कार्यालय को उस विधानसभा में दो ईवीएम का प्रयोग करना होगा। ऐसे में जनपद की प्रत्येक विधानसभा में लगभग 300 से ज्यादा बूथ हैं तो निर्वाचन कार्यालय को वहां अतिरिक्त 300 मशीनों की व्यवस्था करनी होगी। जिसे ले जाने और बाद में मतगणना स्थल तक लेकर आने में तो दिक्कत होती ही, मतगणना में भी देरी होती। लेकिन इस बार जहां पहले से ही प्रत्येक विधानसभा में प्रत्याशी पूर्व के चुनाव की तुलना में कम थे, तो बुधवार को नामांकन पत्रों की जांच के बाद निरस्त हुए पर्चों के चलते शहर विधानसभा जिसमें कि सबसे ज्यादा 16 प्रत्याशी थे, अब उसमें भी 15 रह गए हैं।
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प्रत्याशियों की स्थिति
सिवालखास में 10, सरधना में 10, हस्तिनापुर में 7, किठौर में 8, मेरठ कैंट में 14, मेरठ शहर में 15 और मेरठ दक्षिण में 11 प्रत्याशी मैदान में रह गये हैं। हालांकि पर्चा वापसी के बाद अभी संख्या और भी कम हो सकती है। लेकिन फिलहाल जनपद की सातों विधानसभाओं में 75 प्रत्याशी मैदान में हैं।
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