दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर काम बंद, एनएचएआई ने खड़े किए हाथ
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे निर्माण पर एक बार फिर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। अब मेरठ क्षेत्र के किसानों ने भी कार्य बंद करा दिया है। इस पर एनएचएआई ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर जानकारी देने का निर्णय किया है। उनका कहना है कि इस तरह एक्सप्रेसवे का कार्य पूरा नहीं किया जा सकता है। इसलिए साइट पर सुरक्षा की जरूरत है।
एक्सप्रेसवे के चौथे चरण में डासना से मेरठ (34 किमी) के कार्य को दिसंबर 2020 तक पूरा किया जाना था। एक सप्ताह से कार्य की रफ्तार बढ़ी थी। कार्यदायी संस्था जीआर इंफ्रा के अनुसार श्रमिकों की संख्या भी लगभग 900 पहुंच गई थी। अब किसानों की बढ़े मुआवजे की मांग ने कार्य पर विराम लगा दिया है। किसानों का कहना है कि जब तक मांग पूरी नहीं होती तब तक कार्य शुरू नहीं होने दिया जाएगा।
बढ़ती जा रही एक्सप्रेसवे की लागत
समय बढ़ने के साथ एक्सप्रेसवे पर लागत भी बढ़ती जा रही है। इससे सरकार को नुकसान होना तय है। अभी तक इसकी लागत 2900 करोड़ रुपये पहुंच चुकी है। यदि इस तरह लागत बढ़ती गई तो एक्सप्रेसवे का कार्य पूरा कर पाना मुश्किल हो जाएगा। इससे न सिर्फ कार्य में देरी होगी बल्कि एक्सप्रेसवे निर्माण भी अटक सकता है।
यह भी पढ़ें: रिटायर्ड कर्नल के बेटे ने पेट्रोल पंप पर मचाया जमकर उत्पात, कर्मचारियों को कुचलने की कोशिश, गवाह हैं ये तस्वीरें
टोल प्लाजा पर पहुंचे किसान
मेरठ की सीमा में अच्छरौंडा में बन रहे टोल प्लाजा पर पहुंचकर किसानों ने हंगामा किया। उनका कहना था कि जब तक मुरादाबाद गांव में धरना जारी रहेगा तब तक पूरी सीमा में कहीं भी कार्य नहीं होने दिया जाएगा।
ये हैं किसानों की प्रमुख मांगे
जिला मेरठ के काशी, अच्छरौंडा, भूड़बराल, परतापुर समेत अन्य गांवों की आर्बिटेशन की सुनवाई नहीं हुई।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार एक प्रोजेक्ट के लिए एक समान मुआवजा दिया जाए।
डासना से मेरठ तक किसानों के आवागमन के लिए सर्विस रोड बनाई जाए।
19 गांवों को आठ अगस्त 2011 को भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया प्रथम अधिसूचना के आधार पर डीएम गाजियाबाद द्वारा 2013 में आर्बिट्रेशन अवार्ड घोषित किया गया। 19 ग्रामों के किसानों ने आपत्ति के साथ मुआवजा उठा लिया था। वहीं, प्रभावित किसानों ने सेंशन कोर्ट गाजियाबाद में अपील की थी।
ऐसे कार्य करना संभव नहीं
हमने गाजियाबाद के डीएम को निर्माण कार्य रोक दिए जाने की बाबत पत्र लिख दिया है। वहीं, आज डीएम मेरठ को भी कार्य रोके जाने का पत्र जारी कर दिया जाएगा। - अरविंद कुमार, प्रोजेक्ट मैनेजर, एनएचएआई
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/