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Meerut News: हैजा से बचना है तो दूषित भोजन और पानी से रहें दूर

Fri, 22 Sep 2023 08:00 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 22 Sep 2023 08:00 PM IST
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विश्व हैजा दिवस आज
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हैजा से बचना है तो दूषित भोजन और पानी से रहें दूर


मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में आ रहे बीमार बच्चे

माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। हैजा फैलने का मुख्य कारण दूषित भोजन और पानी है। यह गंदे हाथों और नाखूनों के जरिए एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भी हो सकता है। इस बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 23 सितंबर को विश्व हैजा दिवस मनाया जाता है।
हैजा बीमारी की वजह से गंभीर दस्त की समस्या होती है, जिससे डिहाइड्रेशन की स्थिति पैदा हो जाती है और समय पर इलाज न हो तो यह जानलेवा भी हो सकती है। हालांकि कोरोना महामारी से हैजा के रोगियों में कमी आई है। वजह ये है कि कोरोना महामारी के दौरान हाथों की बार-बार सफाई और जागरुकता से हैजा रोग थमा है और इन दिनों में फैलने वाले हैजा रोग पर नियंत्रण है।
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मेडिकल कालेज के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ नवरत्न ने बताया कि हैजा का दूषित भोजन व दूषित पानी मुख्य कारण है। पहले लोगों में ज्यादातर दूषित पानी पीने से होता था, लेकिन आजकल लोगों में जागरुकता बढ़ी है। शिशु रोग विभाग में वर्तमान में 250 रोगी आते हैं, जिनमें से करीब 5-10 फीसदी ही बच्चे हैजा से पीड़ित आ रहे हैं। ऐसी ही स्थिति जिला अस्पताल की है।
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जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ कौशलेंद्र सिंह ने बताया कि डीहाइड्रेशन से शरीर में पानी की कमी हो जाती है और यदि जल्दी इलाज नहीं लिया जाए तो जानलेवा भी हो सकता है। हैजा रोग ज्यादातर मई से सितंबर माह के बीच ज्यादा होता है, क्योंकि इन दिनों में मक्खी अधिक होती हैं और गंदगी लेकर खानपान को दूषित कर देती हैं।

हैजा के लक्षण
उल्टी, दस्त और पैर में ऐंठन होना।
हृदय गति बढ़ना।
ज्यादा प्यास लगना, बार-बार जी घबराना।
ब्लड प्रेशर कम होना।

हैजा के कारण...
दूषित पानी से व उससे बनी बर्फ का इस्तेमाल करने से।
सड़क पर बेचे जाने वाले दूषित खाद्य पदार्थों का सेवन।
मानव अपशिष्टों युक्त पानी से उगाई सब्जियों को बिना धुले खाने से।

उपचार व बचाव

ओआरएस घोल
इंट्रावीनस फ्लूइड्स यानी तरल पदार्थों को नसों के जरिए शरीर में पहुंचाने की प्रक्रिया अपनाई जाती है।
खाने पीने की आदतों में बदलाव।
खीरे की पत्तियां, नारियल का पानी, नीबू, छाछ, अदरक, पुदीने का जूस, हल्दी, मेथी के बीच आदि का सेवन।, ताजा खाना ही खाएं।
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