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बिजनौर: आबादी में घूम रहे गुलदार, गांवों में दहशत, हमले से बचने के लिए रखें इन बातों का ध्यान

Mon, 14 Sep 2020 08:52 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर Published by: Dimple Sirohi Updated Mon, 14 Sep 2020 08:52 PM IST
सार

  • - परिवार और पशुओं की सुरक्षा के लिए रात में पहरा दे रहे ग्रामीण
  • - वन विभाग से की गुलदारों को पकड़कर वनों में छोड़ने की मांग

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Guldar roaming in the population Bijnor district, panic in villages
गुलदार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश के बिजनौर में  वनों से निकलकर आबादी में पहुंचने लगे हैं। इससे वनों के पासपास के गांवों में दहशत का माहौल है। शिकार की तलाश में गुलदार गांवों पशुओं को मार रहे हैं। खेतों में कार्य करने जा रहे किसानों और राहगीरों पर हमले की घटनाएं भी आम हो रही हैं। परिवार और अपने पशुओं की सुरक्षा के लिए ग्रामीण रात में पहरा दे रहे हैं, लेकिन बार-बार शिकायत के बाद भी वन विभाग के लोग इस ओर कदम नहीं उठा रहे हैं। 

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दिसंबर और जनवरी में गुलदार ने खेतों में जमकर आतंक मचाया था। छह लोगों को गुलदार ने मार डाला था। नजीबाबाद में एक गुलदार को गांव वालों घेरकर मार डाला था। इस बार फिर से खेतों में गुलदार दिखने लगे हैं। कई जगह तो गुलदार पशुशालाओं में घुसकर मवेशियों को निशाना बना रहे हैं। खेतों में गुलदार के शावक दिखाई दे रहे हैं।
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अफजलगढ़, रेहड़, कासमपुर गढ़ी में लगभग रोज ही गुलदार देखे जा रहे हैं। हल्दौर के गांव शरीफपुर निवासी देशराज सिंह का मकान गांव से बाहर है। बुधवार रात करीब दस बजे उनके घर के बाहर बंधी बछिया पर गुलदार ने हमला कर मार डाला। ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार सुबह वन विभाग के अधिकारियों को घटना की सूचना दी।

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क्षेत्र के पैजनियां, अम्हेड़ा, पावटी, पोटा गांवड़ी, जगनवाला, तहारपुर मदद इमाम, सेलपुरा, बमनौला आदि जंगलों में गुलदार के देखे जाने पर किसानों में दहशत है। किसान पशुओं को चारा लाने के लिए टोली बनाकर जा रहे है। परिवार और पशुओं की सुरक्षा के लिए गांवों में पहरा दिया जा रहा है। चांदपुर रेंज के वन दरोगा सौरभ कुमार मौके पर पहुंचे और उन्होंने गुलदार के पद चिन्हों की जांच की।

ग्रामीण राकेश कुमार,  महिपाल सिंह, रामपाल सिंह, संजीव कुमार, जगत सिंह, विजय कुमार, प्रीतम कुमार, सोनू आदि ग्रामीणों की गुलदार पकड़वाने को लेकर वन दरोगा से मांग की। वन दरोगा ने बताया कि मौके पर मिले पैरों के निशान गुलदार के साथ शावक के ही हैं। उन्होंने जंगल में पिंजरा लगवा कर गुलदार को शीघ्र पकड़वाने का आश्वासन दिया है।

गुलदार ने घर में घुसकर कुत्ते को मार डाला
गांव मच्छमार के मौजा रसूलपुर वीरान निवासी बोबी ने बताया बुधवार रात नौ बजे परिजन खाना खाने के बाद सोने की तैयारी में थे तभी अचानक एक गुलदार घर में आ गया। गुलदार को देख परिजनों ने शोर मचाया। लेकिन तब तक गुलदार आंगन में बैठे कुत्ते को उठाकर खेतों की ओर भाग निकला।

फूल सिंह, हंसराम, ओमप्रकाश, प्रमोद, मंगल, सतनाम आदि ने बताया कि अक्सर गुलदार रात को गांव में आ जाता है। इससे कुछ दिन पूर्व भी गुलदार गांव मच्छमार में एक बकरी तथा एक बछिया को भी अपना निवाला बना चुका है। वन दरोगा श्यामलाल यादव ने कहा की टीम को मौके पर भेजा जा रहा है। आवश्यकता पड़ने पर उच्चाधिकारियों को अवगत कराकर पिंजरा लगवाया जाएगा।

इन बातों का रखें ध्यान
- झुंड बनाकर खेतों में जाएं।
- खेत में काम करने से पहले मिलकर शोर मचाएं।
- गुलदार का आभास होने पर खेतों में किसान मिलकर हांका लगाएं।
- जहां तक संभव हो रात को खेत में न रुकें।
- हो सके तो खेत में बैठकर या झुक कर काम न करें।
- रात को खेत में रुकने पर आग जलाकर रखें।
- पशुओं को खुले में बांधें, रात में अंधेरा न रखें।

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