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Meerut News: जीएसटी की 10-15 साल पुरानी डिमांड पर रोक लगे, उद्यमियों को मिले राहत
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...लघु उद्योग भारती के प्रतिनिधिमंडल ने एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1 से की मुलाकात
...रिफंड जारी करने, खाते सीज करने से पहले पक्ष रखने का अवसर देने की मांग
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ।
लघु उद्योग भारती मेरठ महानगर के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के सामने स्थित जीएसटी विभाग में एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1 हरिराम चौरसिया से मुलाकात कर उद्यमियों एवं व्यापारियों से जुड़ी विभिन्न समस्याएं उठाईं। प्रतिनिधिमंडल ने 10-15 वर्ष पुराने रिकॉर्ड के आधार पर निकाली जा रही डिमांड पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
लघु उद्योग भारती के प्रदेश सचिव राजकुमार शर्मा ने कहा कि किसी भी उद्यमी के पास इतने लंबे समय का रिकॉर्ड उपलब्ध होना व्यावहारिक नहीं है। विभाग द्वारा भी सामान्य तौर पर बकाया अथवा कर संबंधी मामलों को दो-तीन वर्ष से अधिक समय तक लंबित नहीं रखा जाता। ऐसे में 10 वर्ष बाद पुरानी डिमांड निकालना न्यायोचित नहीं है। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से उद्यमियों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
महानगर अध्यक्ष सतीश गर्ग ने सचल दल द्वारा चेकिंग के नाम पर माल को विभिन्न स्थानों पर रोककर उद्यमियों के उत्पीड़न का मामला भी प्रमुखता से उठाया और इसे तत्काल रोकने की मांग की। साथ ही लंबित जीएसटी रिफंड शीघ्र जारी करने तथा किसी उद्यमी के खिलाफ डिमांड निकलने के आधार पर बिना उसका पक्ष सुने बैंक खाता सीज नहीं करने की मांग रखी।
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महामंत्री सौरभ सिंघल ने कहा कि किसी उद्यमी के बिल अथवा ई-वे बिल में त्रुटि मिलने पर पहले यह देखा जाना चाहिए कि गलती जानबूझकर की गई है या अनजाने में हुई है। यदि त्रुटि अनजाने में हुई है तो उद्यमी को उसे सुधारने का अवसर दिया जाए और अनावश्यक कार्रवाई से बचा जाए।
जिला कोषाध्यक्ष हिमांशु शर्मा ने कहा कि जीएसटी विभाग से उद्यमियों के साथ व्यावहारिक, पारदर्शी और सहयोगात्मक रवैया अपनाने का आग्रह किया।
इस अवसर पर लघु उद्योग भारती उपाध्यक्ष अमित रस्तोगी, कार्यकारिणी सदस्य लक्ष्मण शर्मा, प्रियांशु शर्मा, वरिष्ठ भाजपा नेता अरुण वशिष्ठ, कार्यकारिणी सदस्य अंकुश गोयल, सचिव विवेक मित्तल, मंडल महासचिव पंकज जैन, संभाग सचिव पंकज गोयल रहे।
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...रिफंड जारी करने, खाते सीज करने से पहले पक्ष रखने का अवसर देने की मांग
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ।
लघु उद्योग भारती मेरठ महानगर के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के सामने स्थित जीएसटी विभाग में एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1 हरिराम चौरसिया से मुलाकात कर उद्यमियों एवं व्यापारियों से जुड़ी विभिन्न समस्याएं उठाईं। प्रतिनिधिमंडल ने 10-15 वर्ष पुराने रिकॉर्ड के आधार पर निकाली जा रही डिमांड पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
लघु उद्योग भारती के प्रदेश सचिव राजकुमार शर्मा ने कहा कि किसी भी उद्यमी के पास इतने लंबे समय का रिकॉर्ड उपलब्ध होना व्यावहारिक नहीं है। विभाग द्वारा भी सामान्य तौर पर बकाया अथवा कर संबंधी मामलों को दो-तीन वर्ष से अधिक समय तक लंबित नहीं रखा जाता। ऐसे में 10 वर्ष बाद पुरानी डिमांड निकालना न्यायोचित नहीं है। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से उद्यमियों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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महानगर अध्यक्ष सतीश गर्ग ने सचल दल द्वारा चेकिंग के नाम पर माल को विभिन्न स्थानों पर रोककर उद्यमियों के उत्पीड़न का मामला भी प्रमुखता से उठाया और इसे तत्काल रोकने की मांग की। साथ ही लंबित जीएसटी रिफंड शीघ्र जारी करने तथा किसी उद्यमी के खिलाफ डिमांड निकलने के आधार पर बिना उसका पक्ष सुने बैंक खाता सीज नहीं करने की मांग रखी।
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महामंत्री सौरभ सिंघल ने कहा कि किसी उद्यमी के बिल अथवा ई-वे बिल में त्रुटि मिलने पर पहले यह देखा जाना चाहिए कि गलती जानबूझकर की गई है या अनजाने में हुई है। यदि त्रुटि अनजाने में हुई है तो उद्यमी को उसे सुधारने का अवसर दिया जाए और अनावश्यक कार्रवाई से बचा जाए।
जिला कोषाध्यक्ष हिमांशु शर्मा ने कहा कि जीएसटी विभाग से उद्यमियों के साथ व्यावहारिक, पारदर्शी और सहयोगात्मक रवैया अपनाने का आग्रह किया।
इस अवसर पर लघु उद्योग भारती उपाध्यक्ष अमित रस्तोगी, कार्यकारिणी सदस्य लक्ष्मण शर्मा, प्रियांशु शर्मा, वरिष्ठ भाजपा नेता अरुण वशिष्ठ, कार्यकारिणी सदस्य अंकुश गोयल, सचिव विवेक मित्तल, मंडल महासचिव पंकज जैन, संभाग सचिव पंकज गोयल रहे।