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धूम धड़ाके में उड़ गई ग्रीन पटाखों की मुहिम
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10 बजे के बाद भी चलाए गए पटाखे
मेरठ। दीपावली पर इस बार नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं। न तो 10 बजे तक पटाखे चलाने के नियम का पालन किया गया और न ही सिर्फ ग्रीन पटाखे चलाए गए। पहले की ही तरह परंपरागत पटाखे छुड़ाए। जिससे खूब प्रदूषण फैला।
हालांकि दिवाली से एक सप्ताह पहले पुलिस और प्रशासन ने शहर से लेकर देहात तक अभियान चलाया। बिना लाइसेंस पटाखा बेच रहे लोगों के यहां से पटाखे पकड़े और उन्हें सीज कर दिए। पटाखा व्यापारियों को लाइसेंस भी जारी नहीं किए गए थे, जिससे अनुमान लगाया जा रहा था कि पटाखों की बिक्री कम होगी और पटाखे कम चलाए जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। दीपावली से पहले बाजार में खुलेआम परंपरागत पटाखों की बिक्री हुई। दिल्ली रोड रामलीला ग्राउंड और जिमखाना मैदान में खुलेआम परंपरागत पटाखे बेचे गए। दूसरी तरफ, दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में पटाखों को लेकर सख्ती अधिक है। अन्य प्रदेशों में सख्ती न होने के कारण शहर के पटाखा व्यापारी गुपचुप तरीके से हरियाणा आदि स्थानों से पटाखे ले आए। जिन्हें खुलेआम बेचा गया। ग्रीन पटाखों की चार वेरायटी ही मार्केट में उपलब्ध थीं। इसमें मिट्टी के अनार, फुलझड़ी और स्काईशॉट प्रमुख थे।
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मेरठ। दीपावली पर इस बार नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं। न तो 10 बजे तक पटाखे चलाने के नियम का पालन किया गया और न ही सिर्फ ग्रीन पटाखे चलाए गए। पहले की ही तरह परंपरागत पटाखे छुड़ाए। जिससे खूब प्रदूषण फैला।
हालांकि दिवाली से एक सप्ताह पहले पुलिस और प्रशासन ने शहर से लेकर देहात तक अभियान चलाया। बिना लाइसेंस पटाखा बेच रहे लोगों के यहां से पटाखे पकड़े और उन्हें सीज कर दिए। पटाखा व्यापारियों को लाइसेंस भी जारी नहीं किए गए थे, जिससे अनुमान लगाया जा रहा था कि पटाखों की बिक्री कम होगी और पटाखे कम चलाए जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। दीपावली से पहले बाजार में खुलेआम परंपरागत पटाखों की बिक्री हुई। दिल्ली रोड रामलीला ग्राउंड और जिमखाना मैदान में खुलेआम परंपरागत पटाखे बेचे गए। दूसरी तरफ, दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में पटाखों को लेकर सख्ती अधिक है। अन्य प्रदेशों में सख्ती न होने के कारण शहर के पटाखा व्यापारी गुपचुप तरीके से हरियाणा आदि स्थानों से पटाखे ले आए। जिन्हें खुलेआम बेचा गया। ग्रीन पटाखों की चार वेरायटी ही मार्केट में उपलब्ध थीं। इसमें मिट्टी के अनार, फुलझड़ी और स्काईशॉट प्रमुख थे।
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