राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा- बेटियों के कुपोषण की बड़ी वजह परिवार, बदलनी होगी सोच
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सूबे की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल सोमवार को मेरठ में सरदार बल्लवभाई पटले कृषि विश्वविद्यालय में दीक्षांत समारोह में शामिल होने के बाद मंगलवार को बागपत जनपद का दौरा करने पहुंची।
इस दौरान राज्यपाल ने जिला अस्पताल पहुंचकर मरीजों का हाल जाना और उनसे बातचीत। उन्होंने डॉक्टरों से कहा कि वे मरीजों का रखें ख्याल। आम से आम आदमी को भी स्वास्थ्य सेवाओं और योजनाओं का लाभ मिले।
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राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कहा कि पर्यावरण बचाना जरूरी है। जल संरक्षण के लिए हमें विभिन्न उपाय करने होंगे। जल नहीं बचेगा तो भविष्य का क्या होगा। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने गेटवे इंटरनेशनल स्कूल में पर्यावरण संरक्षण गोष्ठी में कहा कि कुपोषित मां ही कुपोषित बच्चों को जन्म देती हैं।
उन्होंने कहा कि बेटियों के कुपोषण की वजह परिवार है। बेटों को दूध पिलाने और बेटियां यूं ही बड़ी हो जाएगी जैसी सोच छोड़नी होगी। स्कूली छात्राओं को समय-समय पर महिला अस्पताल में दिखाएं। उन्हें स्वास्थय के प्रति जागरूक करें।
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जिला अस्पताल का भ्रमण के दौरान राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने किया टीबीग्रस्त बच्चों को अधिकारियों और सामाजिक संगठनों को गोद लेने के दिए गए निर्देश। जिले में ऐसे बच्चों की संख्या 226। महिलाओं से भी बातचीत की। इसके बाद राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने गेस्ट हाउस में किसानों, समाजसेवी संगठनों, जनप्रतिनिधियों से की मुलाकात। किसानों की सफलता की कहानियों के विषय में जाना।
सिसाना स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र, कोतवाली और जीआईसी में भी राज्यपाल के स्वागत की तैयारियां की गईं थी लेकिन वह यहां निरीक्षण करने नहीं पहुंची।