मेरठ से बैरंग लौटे राहुल गांधी, कहा- धारा 144 का दुरुपयोग कर सच को बाहर आने से रोक रही सरकार
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इस पूरे प्रकरण को राहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया पेज पर लाइव किया। उन्होंने पोस्ट करते हुए लिखा कि आज मैं और प्रियंका पीड़ितों के परिवार से मिलने मेरठ जा रहे थे, उत्तर प्रदेश पुलिस ने बिना किसी वैध आदेश के हमे रोक दिया। हम फिर उनसे मिलने आएंगे। धारा 144 का दुरुपयोग कर सरकार सच को बाहर आने से रोक रही है।
इसके बाद मेरठ से लौटने पर दिल्ली मुख्यालय में कांग्रेस पार्टी के प्रमोद तिवारी ने प्रेस वार्ता करते हुए कहा कि प्रियंका गांधी रविवार को बिजनौर में प्रदर्शन में मारे गए लोगों के परिजनों से मिली। वहां उन्होंने कोई राजनैतिक गतिविधि नहीं की। शांतिपूर्वक वहां से लौट आईं। आज उसी तरह प्रियंका गांधी और राहुल गांधी मेरठ में पीड़ित परिजनों के आंसू पौंछने जा रहे थे। वे उन दुर्भाग्यशाली लोगों में से थे, जो हिंसा में मारे गए। परिवारों का कहना है कि वे पुलिस की गोली से मरे हैं। पुलिस कहती है कि गोली नहीं चली, फिर बिजनौर में स्वीकार करती है कि गोली चली।
उन्होंने कहा दोनों नेता आज मेरठ जा रहे थे लेकिन पता लगा कि प्रियंका की गाड़ी को रोका गया। वहां एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि वहां की स्थिति तनावपूर्ण है। 144 लागू है इसकी सूचना मौखिक रूप से और लिखित रूप से एक नोटिस दिया गया। और कहा कि गया वहां बहुत भीड़ इक्ट्ठा है स्थिति बिगड़ भी सकती है।
इस नोटिस में बताया गया कि जनपद में धारा 144 लागू है तथा कानून व्यवस्था की दृष्टि से अति संवेदनशील है। यदि आपके आगमन से कानून व्यवस्था संबंधी कोई प्रतिकूल स्थिति उत्पन्न होती है तो इसका पूरी जिम्मेदारी आपकी मानी जाएगी। उन्होंने कहा कि हम प्रशासन की ओर से जिम्मेदारी लेते कि आप किसी और दिन पीड़ितों के परिवार से मिलने जाएं। हम खुद आपको वहां पहुंचाएंगे।
प्रमोद तिवारी ने मेरठ पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि हम कहा हमसे हस्ताक्षर कराए गए। कहा गया कि यदि आप मौके पर गए तो कुछ होने पर जिम्मेदार आप होंगे। मोदीनगर और परतापुर में हमारा काफिला रोका गया।
हमसे कहा गया कि स्थिति तनावपूर्ण है वहां न जाएं। तो यह तो साफ है कि यदि हम वहां जाते और कुछ होता तो सारी जिम्मेदारी हमारी होती इसीलिए हम से हस्ताक्षर कराए गए। हमें पुलिस का यह औचित्य समझ में नहीं आया।