अलविदा 2019: नहीं बदली मेरठ की तस्वीर, हवाई सफर की केवल बातें, एक्सप्रेस-वे भी नहीं हुआ नसीब
देखते-देखते 2019 भी गुजर गया। आज रात के बाद कैलेंडर में सिर्फ तारीख और साल बदलेगा। शहर की तस्वीर जो एक साल पहले थी, वही इस साल भी है। उसमें कोई उल्लेखनीय बदलाव नहीं दिखेगा। इस साल भी उपलब्धियों के नाम पर मेरठ की झोली लगभग खाली ही है। इस साल के लेखा-जोखा के साथ यही कामना है कि नया साल उम्मीदों का नया सवेरा लेकर आएगा...
मेरठ शहरवासियों को रफ्तार के साथ विश्वस्तरीय परिवहन सेवाओें का लाभ वर्ष-2019 में सपना ही बनकर रह गया। केंद्र और राज्य सरकार ने शहर को रैपिड, एक्सप्रेस-वे, मेट्रो से जोड़ने का दावा तो किया, लेकिन एक भी परियोजना इस वर्ष पूरी नहीं हो सकी।
पिछले कई वर्षों से मेरठ से हवाई सफर का सपना भी अभी पूरा नहीं हो सका। हालांकि, वर्ष-2020 में एक्सप्रेस-वे, सीएनजी बस सेवा सहित अन्य परिवहन साधनों में बढ़ोत्तरी होने से नए उम्मीदों की डोर बंधेगी।
मेरठ को दिल्ली, लखनऊ, प्रयागराज से कनेक्टिविटी को कम समय में जोड़ने के लिए कई परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। इन कार्यों की रफ्तार धीमी है, लेकिन उम्मीदें बंधी हुई है। शहर की जनता चल रहे प्रोजेक्ट से एक नए मेरठ की तस्वीर का सपना बुने हुए है।
कई योजनाओं पर कार्य धरातल पर शुरू हो गया है तो कई योजनाओं को फाइलों में तैयार किया जा रहा है। प्रयागराज से मेरठ का सफर आसान बनाने के लिए देश का सबसे लंबा गंगा एक्सप्रेस-वे बनाने का दावा सरकार कर रही है। इन सभी परियोजनाओं की सौगात मेरठ को मिल गई तो हमारा शहर विश्व पटल पर दिखने लगेगा।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे
मेरठ से दिल्ली का सफर आसान बनाने के लिए 81 किमी का एक्सप्रेस-वे बनाया जा रहा है। सरायकाले खां से मेरठ के परतापुर तिराहे तक बनाए जाने वाले इस एक्सप्रेस-वे को पूरा करने का लक्ष्य दिसंबर-2019 तय किया गया, लेकिन इसे पूरा नहीं किया जा सका। इससे मेरठ से दिल्ली का सफर आसान नहीं हो सका। अब इसे पूरा करने का लक्ष्य मई-2020 रखा गया है।
मेरठ से लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी तक हवाई उड़ान का सपना भी अधूरा है। कई बार परतापुर स्थित आंबेडकर हवाई पट्टी पर भूमि अधिग्रहण के लिए प्रशासन और एमडीए ने प्लान तैयार किया। इस प्लान को तैयार कर एयरपोर्ट ऑथिरिटी ऑफ इंडिया को सौंप दिया गया, लेकिन अभी हरी झंडी मिलने का इंतजार है।
रैपिड रेल
दिल्ली से मेरठ विश्व स्तरीय सुविधा जैसी रैपिड रेल का कार्य शुरू कर दिया गया। वर्ष-2023 तक मेरठ के परतापुर तक रैपिड रेल चलाने का दावा किया गया है। हालांकि, पहले चरण में साहिबाबाद से दुहाई तक का कार्य धरातल पर दिख रहा है। नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन का दावा है कि वर्ष-2025 तक मेरठ से दिल्ली का सफर महज 55 मिनट में पूरा हो सकेगा।
मालगाड़ियों को रफ्तार देने के लिए अलग से फ्रेट कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। मेरठ से भी ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर गुजरेगा। ये खुर्जा से शुरू होकर वाया मेरठ, लुधियाना तक जाएगा। इस परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य वर्ष-2021 रखा गया है। इस कॉरिडोर के शुरू होने से मालगाड़ियों के लिए अलग ट्रैक होगा और रफ्तार 110 किमी की होगी।
आईटी पार्क
शहर में युवाओं के लिए रोजगार देने के लिए आईटी पार्क का निर्माण चल रहा है। पिछले तीन वर्षों से चल रहे इस पार्क का भी निर्माण पूरा नहीं किया गया। इस वर्ष इसके शिलान्यास की उम्मीद थी, लेकिन प्रदूषण के कारण बंद हुए प्रोजेक्ट में इसकी रफ्तार भी मंद हो गई। हालात ये हो गए कि इस प्रोजेक्ट को शुरू करने में अभी मार्च-2020 तक का समय लगेगा।