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लक्ष्य निर्धारण उद्यमिता की महत्वपूर्ण कड़ी : वंदना शर्मा
Thu, 14 May 2026 02:48 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Thu, 14 May 2026 02:48 AM IST
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मेरठ। इस्माईल नेशनल महिला पीजी कॉलेज के मनोविज्ञान विभाग में उद्यमिता हेतु लक्ष्य निर्धारण एक अनुभवात्मक कार्यशाला का आयोजन किया।
कार्यशाला महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. अनीता राठी के निर्देशन में हुई। मनोविज्ञान विभाग प्रभारी वंदना शर्मा मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने छात्राओं को उद्यमिता में लक्ष्य निर्धारण का महत्व समझाया।
कॉलेज में भारतीय ज्ञान परंपरा में उद्यमिता का महत्व पर अतिथि व्याख्यान आयोजित हुआ। मुख्य वक्ता डॉ. रुचिका जैन ने संस्कृत साहित्य में उद्यमिता का विवेचन किया। उन्होंने भारतीय संस्कृति में अर्थ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए आचार्य चाणक्य के अर्थशास्त्र का उल्लेख किया। डॉ. जैन ने बताया कि राष्ट्र की समृद्धि निवासियों के पुरुषार्थ और आर्थिक सुदृढ़ता पर निर्भर करती है। उन्होंने वेद, उपनिषद, रामायण, महाभारत जैसे ग्रंथों से उद्यमिता और नैतिक व्यापार के उदाहरण प्रस्तुत कर छात्राओं को आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में संस्कृत ज्ञान की भूमिका से अवगत कराया। कार्यक्रम का संयोजन संस्कृत विभाग प्रभारी प्रियांशी ने किया, जिसमें डॉ. नीतू शर्मा का सहयोग रहा।
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कार्यशाला महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. अनीता राठी के निर्देशन में हुई। मनोविज्ञान विभाग प्रभारी वंदना शर्मा मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने छात्राओं को उद्यमिता में लक्ष्य निर्धारण का महत्व समझाया।
कॉलेज में भारतीय ज्ञान परंपरा में उद्यमिता का महत्व पर अतिथि व्याख्यान आयोजित हुआ। मुख्य वक्ता डॉ. रुचिका जैन ने संस्कृत साहित्य में उद्यमिता का विवेचन किया। उन्होंने भारतीय संस्कृति में अर्थ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए आचार्य चाणक्य के अर्थशास्त्र का उल्लेख किया। डॉ. जैन ने बताया कि राष्ट्र की समृद्धि निवासियों के पुरुषार्थ और आर्थिक सुदृढ़ता पर निर्भर करती है। उन्होंने वेद, उपनिषद, रामायण, महाभारत जैसे ग्रंथों से उद्यमिता और नैतिक व्यापार के उदाहरण प्रस्तुत कर छात्राओं को आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में संस्कृत ज्ञान की भूमिका से अवगत कराया। कार्यक्रम का संयोजन संस्कृत विभाग प्रभारी प्रियांशी ने किया, जिसमें डॉ. नीतू शर्मा का सहयोग रहा।
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