फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Weather Forecast Today Mausam Ki Jankari : May is the hottest month in 44 years

Weather: ग्लोबल वार्मिंग का असर, 44 वर्ष में सबसे गर्म मई का महीना, 45 तक पहुंच सकता है तापमान

Wed, 22 May 2024 08:35 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Wed, 22 May 2024 08:35 AM IST
सार

West UP Weather update: पश्चिमी यूपी में गर्मी लगातार बढ़ती जा रही है। मई का महीना पिछले 44 वर्ष में सबसे गर्म आंका गया है। वहीं मौसम वैज्ञानिक तापमान 45 तक जाने की संभावना जता रहे हैं।

विज्ञापन
Weather Forecast Today Mausam Ki Jankari : May is the hottest month in 44 years
धूप में जाती छात्राएं - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पेड़ों का बढ़ता कटान, प्रकृति से अंधाधुंध छेड़छाड़ और ग्लोबल वार्मिंग का असर मौसम पर साफ दिख रहा है। इन हालात में हर साल मौसम का पैटर्न बदल रहा है। इसके चलते मई माह तप रहा है। अभी गर्मी से कोई राहत के आसार नहीं है। तापमान आने वाले दिनों में 45 डिग्री तक पहुंच सकता है। गर्मी का रौद्र रुप बढ़ता ही जा रहा है।

विज्ञापन


इस बार शुरुआत से ही मौसम के तेवर तल्ख दिखाई दे रहे हैं। मार्च से लेकर मई तक गर्मी का असर बढ़ता गया। मई आधा से ज्यादा बीत चुका है। 44 साल में मई सबसे गर्म चल रही है। दिन निकलते ही आसमान से आग बरस रही है।  

विज्ञापन

चौबीस घंटे में करीब चार डिग्री तापमान गिरा, लेकिन गर्मी का असर फिर भी कम नहीं हुआ। मौसम कार्यालय पर दिन का अधिकतम तापमान 38.5 डिग्री व रात का न्यूनतम तापमान 25.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। 

मंगलवार को मेरठ का एक्यूआई 160 दर्ज किया गया। जबकि शहर में जयभमीनगर 201, गंगानगर 143, पल्लवपुरम 137, दिल्ली रोड 185, बेगमपुल 211 दर्ज किया गया।

पिछले 44 वर्ष में मई 
का औसत तापमान  

 वर्ष     डिग्री
1982    40.7 
1983    40.1 
1984    40.8 
1985    39.4 
1986    32.8
1987    38.7 
1988    37.7 
1989    31.8 
1990    34.5 
1991    40.1 
1992    38.7 
1993    37.4 
1994    37.1 
1995    38.4 
1996    37.6 
1997    40.0 
1998    40.7 
1999       39.6 
2000    37.7 
2001    39.5 
2002       40.1 
2003       37.5 
2004       38.4 
2005      34.5 
2006       39.7 
2007       40.1 
2008       38.1 
2009       37.5 
2010    39.4 
2011       36.9 
2012      40.2  
2013       36.7 
2014       40.1 
2015       39.4 
2016    38.2 
2017    38.4 
2018    40.4 
2019       41.1 
2020       40.0 
2021    39.0
2022       39.2 
2023      40.0 
2024       43.0 

कृषि पर भी पड़ेगा ग्लोबल वार्मिंग का असर
सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही का कहना है कि तापमान में वृद्धि का नतीजा बदलते मौसम के रुप में प्रकट होना शुरु हो गया है।

ग्लोबल वार्मिग के कारण वाष्पीकरण की प्रक्रिया में तेजी शुरु होती है। इसके अलावा वाने वाले दिनों में ग्लोबल वार्मिंग का असर कृषि पर भी पड़ने वाला है। तापमान के बढ़ने से कई पौधों का पनपना मुश्किल हो जाता है।

धीरे-धीरे उनका अस्तित्व समाप्त हो जाता है। आगामी पांच दिन तक राहत के आसार नहीं हैं। मेरठ का तापमान 45 डिग्री तक पहुंच सकता है। दिन में लू का असर भी बना रहेगा।

विज्ञापन

गर्मी से लोग परेशान, अस्पतालों में मरीजों की भरमार 
गर्मी, तेज धूप...उड़ती धूल। नतीजतन गर्मी से लोग बिलबिलाए हुए हैं। अस्पतालों में मरीजों की भरमार है। मेडिकल कॉलेज में मरीज को परिवारवाले ही स्ट्रेचर पर ले जाते नजर आए।

गर्मियों में ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों की संख्या बढ़ गई है। मंगलवार को चार हजार से ज्यादा मरीज जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में पहुंचे। डायरिया, उल्टी, पेट दर्द, वायरल बुखार, डिहाइड्रेशन, पीलिया, वायरल बुखार एवं चक्कर आने के लक्षणों के साथ मरीज ज्यादा हैं। इनमें से काफी संख्या में मरीज भर्ती भी हो रहे हैं।

मेडिकल कॉलेज के प्रमुख अधीक्षक डॉ. धीरज बालियान ने बताया कि अस्पताल में नियमित ओपीडी हो रही, साथ ही जांच लैब, ब्लड बैंक, सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड व एक्स-रे जांच की सुविधा होने से मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

दोपहर में घर से निकलने से बचें
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. वीके बिंद्रा ने बताया कि गर्मी में दोपहर में घरों से बाहर निकलने से बचें। जरूरत पड़ने पर घरों से बाहर निकलें तो सिर पर कपड़ा या छाता लगाकर निकलें। थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पीते रहें। शुगर न हो तो ओआरएस का घोल भी पी सकते हैं।

वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. तनुराज सिरोही ने बताया कि खीरा, तरबूज और खरबूजा आदि रसेदार फलों का सेवन करें। ठेले पर कटे फल न खाएं। तली-भुनी चीजों से भी परहेज करें।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed