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ग्लैंडर्स संक्रमित घोड़े के रक्त के नमूने लिए
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ग्लैंडर्स संक्रमित घोड़े के रक्त के नमूने लिए
हस्तिनापुर (मेरठ)। क्षेत्र के गांव गणेशपुर में शनिवार को एक घोड़े में ग्लैंडर्स संक्रमण के लक्षण मिले थे। जिससे पशु पालन विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया था। रविवार को तीसरी बार संक्रमित घोड़े के रक्त के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे हैं।
गांव गणेशपुर निवासी भीम के घोडे़ में शनिवार को पशु पालन विभाग ने ग्लैंडर्स संक्रमण के लक्षण होने की पुष्टि की थी। शनिवार को ही विभाग ने टीम मौके पर भेजकर जरूरी निर्देश देते हुए घोड़े से भीम के परिवार के लोगों को दूरी बनाने के लिए कहा था। क्योंकि छूने भर से यह संक्रमण मनुष्यों में भी पहुंच जाता है और जिसका कोई इलाज नहीं है।
राजकीय पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि रविवार को मवाना से विभाग की एक टीम ने गणेशुपर पहुंचकर घोड़े का तीसरी बार रक्त के नमूने लेकर जांच के लिए लैब में भेजे हैं। जिसकी रिपोर्ट आने पर स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। रिपोर्ट जल्द ही आने की उम्मीद है। रिपोर्ट के अनुसार ही उच्च अधिकारियों के निर्देश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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सोमवार को भी पशु पालन विभाग की एक टीम गणेशपुर गांव में भेजी जाएगी, जो घोड़े की बीमारी का बारीकी से निरीक्षण करेगी। सुरक्षा के तौर पर भीम और अन्य ग्रामीणों को घोड़े से दूर रहने के निर्देश दिए गए हैं। अभियान चलाकर गांव में अन्य पशुओं की जांच की जाएगी।
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हस्तिनापुर (मेरठ)। क्षेत्र के गांव गणेशपुर में शनिवार को एक घोड़े में ग्लैंडर्स संक्रमण के लक्षण मिले थे। जिससे पशु पालन विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया था। रविवार को तीसरी बार संक्रमित घोड़े के रक्त के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे हैं।
गांव गणेशपुर निवासी भीम के घोडे़ में शनिवार को पशु पालन विभाग ने ग्लैंडर्स संक्रमण के लक्षण होने की पुष्टि की थी। शनिवार को ही विभाग ने टीम मौके पर भेजकर जरूरी निर्देश देते हुए घोड़े से भीम के परिवार के लोगों को दूरी बनाने के लिए कहा था। क्योंकि छूने भर से यह संक्रमण मनुष्यों में भी पहुंच जाता है और जिसका कोई इलाज नहीं है।
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राजकीय पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि रविवार को मवाना से विभाग की एक टीम ने गणेशुपर पहुंचकर घोड़े का तीसरी बार रक्त के नमूने लेकर जांच के लिए लैब में भेजे हैं। जिसकी रिपोर्ट आने पर स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। रिपोर्ट जल्द ही आने की उम्मीद है। रिपोर्ट के अनुसार ही उच्च अधिकारियों के निर्देश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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सोमवार को भी पशु पालन विभाग की एक टीम गणेशपुर गांव में भेजी जाएगी, जो घोड़े की बीमारी का बारीकी से निरीक्षण करेगी। सुरक्षा के तौर पर भीम और अन्य ग्रामीणों को घोड़े से दूर रहने के निर्देश दिए गए हैं। अभियान चलाकर गांव में अन्य पशुओं की जांच की जाएगी।