वेस्ट यूपी में बेटियां लगातार आसमान छू रही हैं। इस बार भी चौधरी चरण सिंह विवि में 30 सितंबर को होने वाले दीक्षांत समारोह में अधिकतर मेडल पर बेटियों ने कब्जा किया है। रविवार को विवि ने एक कुलाधिपति, एक शंकर दयाल शर्मा, दो चौधरी चरण सिंह स्मृति पुरस्कार, 146 कुलपति मेडल और 50 प्रायोजित मेडल पर मुहर लगा दी। चारों प्रमुख मेडल बेटियों के नाम हैं। दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदी बेन पटेल होनहारों को सम्मानित करेंगी। रविवार को राजभवन से उनके आने का कार्यक्रम जारी कर दिया गया।
बेटियों की ऊंची उड़ान, सीसीएसयू में चार मेडलों पर छात्राओं का कब्जा, प्रेरणादायक है इनकी कहानी
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कुलाधिपति रजत पदक - दिव्या तेवतिया एमकॉम
शांति निकेतन कॉलोनी बुलंदशहर निवासी दिव्या तेवतिया को इस बार एमकॉम में टॉप करने पर कुलाधिपति रजत पदक दिया जाएगा। साथ ही उनको स्व. मुरारी लाल माहेश्वरी स्वर्ण पदक भी मिलेगा। दिव्या प्रोफेसर बनना चाहती हैं। पिता अशोक तेवतिया सेना से रिटायर्ड होने के बाद अब गाजियाबाद में कार्यरत हैं। मां सुनीता गृहणी हैं। भाई अभिजीत सिविल इंजीनियर हैं। दिव्या ने 2000 में से 1738 अंक प्राप्त किए हैं। दिव्या बताती हैं कि विवि टॉप करने के पीछे उनके साथियों का भी बहुत सहयोग है। आईपी कॉलेज के कॉमर्स विभाग की छात्रा रहीं दिव्या को एमकॉम में यह पुरस्कार इस बार चक्रानुक्रम में दिया जा रहा है।
डॉ. शंकर दयाल शर्मा गोल्ड मेडल - पूजा एमफिल केमेस्ट्री
मूलरूप से मवाना निवासी पूजा ने सीसीएसयू कैंपस के केमेस्ट्री विभाग से एमफिल में 400 में से 332 अंक पाए हैं। उनके पिता डॉ. सतीश कुमार होम्योपैथी फिजीशियन हैं। मां मुकेश गृहणी हैं। भाई महेश शंकर इंजीनियर हैं। पूजा वैज्ञानिक बनना चाहती हैं। वह अपनी सफलता का श्रेय दादा संसार सिंह, पैरेंट्स और सीसीएसयू कैंपस के केमेस्ट्री विभागाध्यक्ष प्रो. आरके सोनी और असिस्टेंट प्रो. डॉ. नाजिया तरन्नुम को देती हैं। चक्रानुक्रम में यह पुरस्कार इस बार साइंस टॉपर को दिया जा रहा है।
चौधरी चरण सिंह स्मृति पुरस्कार - शिवा चौधरी, बीएससी एजी
मूलरूप से सहारनपुर के नकुड़ तहसील के गांव धाईकी निवासी शिवा चौधरी ने बीएससी एग्रीकल्चर गोचर महाविद्यालय रामपुर मनिहारन से 79.04 फीसदी अंक लाकर टॉप किया है। वह कृषि बैंक क्षेत्र में जाना चाहती हैं। एमएससी हॉर्टीकल्चर से कर रही हैं। वह बताती हैं कि सब बोलते थे कि एग्रीकल्चर में कुछ नहीं है, लेकिन पढ़ाई करने के बाद पता चला कि यहां करने को बहुत है। लड़कियां मेहनत करें तो सब कुछ संभव है। शिवा के पिता संजय कुमार किसान हैं। मां पिंकी देवी गृहणी हैं। बड़ी बहन शिखा और छोटे भाई प्रयास है। शिवा की सफलता पर दादा रोशन सिंह और दादी जयवती बेहद खुश हैं।
चौधरी चरण सिंह स्मृति पुरस्कार - शिवानी अहलावत, बीएससी एजी
दौराला निवासी शिवानी अहलावत ने बीएससी एग्रीकल्चर मुजफ्फरनगर के चौधरी छोटूराम डिग्री कॉलेज से 78.54 फीसदी नंबरों से किया है। शिवानी कृषि वैज्ञानिक बनकर ऐसी तकनीक ईजाद करना चाहती हैं, जिससे किसानों को लाभ मिले। वह फिलहाल कृषि विवि मेरठ से एमएससी एजी जेनेटिक एंड प्लांट ब्रीडिंग प्रथम वर्ष में हैं। शिवानी के पिता योगेश कुमार दौराला शुगर मिल में हैं। मां शशि गृहणी हैं। शिवानी हाईस्कूल से लेकर अब तक टॉपर रही हैं। शिवानी दादा जयपाल सिंह अहलावत को प्रेरणास्रोत मानती हैं।
सीसीएसयू के छात्र-छात्राएं लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। वेस्ट यूपी की बेटियां निरंतर शिखर पर हैं। यह बहुत अच्छा संकेत है। सभी छात्र-छात्राओं को मेरी तरफ से बधाई। -प्रो. एनके तनेजा, कुलपति सीसीएसयू मेरठ