UP: एक मां ने जन्म देकर सड़क पर मरने के लिए छोड़ा, तो दूसरी ने नया जीवन दिया, सोनी की गोद पाकर खिलखिलाई बच्ची
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर बुधवार सुबह सड़क किनारे मिली एक माह की बच्ची को नया जीवनदान मिल गया। बच्ची को जहां उसके सगे मां बाप ने मरने के लिए सड़क पर छोड़ दिया तो वहीं एक मां ने उसे अपनाकर मासूम के जीवन को नई रोशनी दी।
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दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर बुधवार सुबह सड़क किनारे मिली बच्ची को उसका कोई अपना मरने के लिए छोड़ गया, लेकिन रहमदिल नियति ने श्रावण के अधिकमास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को बच्ची की नई जन्मतिथि लिख दी।
जानवरों का निवाला बनने के लिए छोड़ी गई बच्ची नई मां सोनी की गोद पाकर खिलखिला उठी। सात साल से सोनी के आंगन का खाली पड़ा झूला सावन में झूल उठा तो वहीं बच्ची के जीवन को भी नई रोशनी मिली।
एक माह की बच्ची को रैपिड रेल का कार्य कर रहे टीपीनगर की शिवहरि कालोनी के एलएंडटी के सुपरवाइजर मनीष वर्मा की सुपुर्दगी में दिया गया। बच्ची को गोद लेते ही मनीष की पत्नी सोनी की आंखें भी खुशी से नम हो गईं। बच्ची को गले से लगा लिया। नन्हीं मेहमान के घर आने से परिवार में खुशियों का माहौल हो गया।
रात तक मेहमानों के घर पहुंचने का सिलसिला चलता रहा। मनीष वर्मा ने कहा कि शादी के सात साल बाद भी कोई बच्चा नहीं हुआ। बहुत मिन्नतें की लेकिन कुछ नहीं हुआ।
पत्नी बच्चों को देखकर उदास रहती थी, आज उसके चेहरे पर जितनी खुशी देखी है, उतनी कभी नहीं दिखी। परिवार के लोगों का कहना है कि कुछ ही घंटों में बच्ची उनके घर की सदस्य हो गई है। हर कोई उसको गोद में लेना चाहता है।