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यह कैसा आरक्षण : बिना चुनाव लड़े ही हारे सामान्य मतदाता
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दौराला। पंचायत चुनाव की आरक्षण सूची जारी होने के बाद सामान्य मतदाता सबसे अधिक सकते हैं तो इस जाति के दावेदार अपने को ठगा महसूस कर रहे है। जिन गांवों को अनारक्षित किया गया है, वहां सामान्य मतदाता कम हैं या मतदाता है ही नहीं। एक-दो गांव तो ऐसे भी है, जिनमें सामान्य मतदाताओं की संख्या शून्य है फिर भी उन्हें अनारक्षित में रखा गया है। वहीं जिन गांवों में सामान्य जाति के लोग अधिक हैं, वहां का प्रधान पद आरक्षित कर दिया गया है।
दौराला ब्लॉक के 45 गांवों के लिए जारी की गई सूची में अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए चार, पुरुषों के लिए सात, पिछड़ा वर्ग की महिलाओं के लिए पांच व पुरुषों के लिए आठ सीट आरक्षित की गई हैं। वहीं, अनारक्षित महिलाओं के लिए छह व पुरुषों के लिए 15 सीट रखी गई हैं। आरक्षण जारी होने के बाद अनारक्षित सीटों को लेकर सवाल उठने लगे है।
दौराला ब्लॉक का चरला गांव अनारक्षित किया गया है, यह गांव गुर्जर बाहुल्य गांव है और इस गांव में एक भी परिवार सामान्य बिरादरी का नहीं है। जिस कारण सामान्य बिरादरी के मतदाता शून्य हैं। इसके अलावा अझौता गांव में मात्र बीस मतदाता, देदवा गांव में सामान्य बिरादरी के 70 मतदाता हैं। अन्य अनारक्षित गांवों में जाट, गुर्जर, दलित, सैनी आदि बाहुल्य गांव है और इन गांवों में भी सामान्य बिरादरी के मतदाता नाम मात्र ही हैं। दौराला ब्लॉक के 45 गांवों में दुल्हैड़ा व मटौर गांव ही ठाकुर बहुल गांव है, लेकिन इन दोनों गांवों को आरक्षित कर दिया गया है।
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दौराला ब्लॉक के 45 गांवों के लिए जारी की गई सूची में अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए चार, पुरुषों के लिए सात, पिछड़ा वर्ग की महिलाओं के लिए पांच व पुरुषों के लिए आठ सीट आरक्षित की गई हैं। वहीं, अनारक्षित महिलाओं के लिए छह व पुरुषों के लिए 15 सीट रखी गई हैं। आरक्षण जारी होने के बाद अनारक्षित सीटों को लेकर सवाल उठने लगे है।
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दौराला ब्लॉक का चरला गांव अनारक्षित किया गया है, यह गांव गुर्जर बाहुल्य गांव है और इस गांव में एक भी परिवार सामान्य बिरादरी का नहीं है। जिस कारण सामान्य बिरादरी के मतदाता शून्य हैं। इसके अलावा अझौता गांव में मात्र बीस मतदाता, देदवा गांव में सामान्य बिरादरी के 70 मतदाता हैं। अन्य अनारक्षित गांवों में जाट, गुर्जर, दलित, सैनी आदि बाहुल्य गांव है और इन गांवों में भी सामान्य बिरादरी के मतदाता नाम मात्र ही हैं। दौराला ब्लॉक के 45 गांवों में दुल्हैड़ा व मटौर गांव ही ठाकुर बहुल गांव है, लेकिन इन दोनों गांवों को आरक्षित कर दिया गया है।
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