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अवैध निर्माण पर नोटिस दिए...वसूली की और चुप्पी साध ली, एक-दूसरे पर पासा फेंक रहे सरकारी विभाग

Thu, 29 Oct 2020 01:38 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Thu, 29 Oct 2020 01:38 AM IST
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Gave notice on illegal construction ... took recovery and kept silence
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
सरकारी विभाग एक-दूसरे पर पासा फेंकने में माहिर हैं। अधिकारियों की आंखों के सामने इमारतें बनकर खड़ी हो जाती हैं लेकिन वसूली के चक्कर में नोटिस-दर-नोटिस का खेल चलता रहता है। मेरठ के शास्त्री नगर, माधवपुरम और मंगलपांडे नगर में ऐसे कई मामले हैं।
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हालात ऐसे है कि माधवपुरम का आवासीय इलाका तो धीरे-धीरे औद्योगिक क्षेत्र में तब्दील होने जा रहा है। वहीं, ताजा मामला तेजगढ़ी चौराहे पर बन रही तीन मंजिला इमारत का है। यहां नोटिस देने के बाद भी कोई कार्रवाई न तो आवास विकास परिषद ने की और न ही मेडिकल थाना पुलिस ने इस बारे में दी गई एफआईआर दर्ज की।
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आरटीआई में हुए खुलासे के बाद मेडिकल पुलिस एक महीने बाद बुधवार को तेजगढ़ी स्थित इमारत में कार्य रुकवाने की औपचारिकता पूरी करने पहुंची। आवास विकास परिषद की तरफ से 29 सितंबर को थानाध्यक्ष मेडिकल को कार्य रुकवाने के लिए पत्र लिखा गया था। पुलिस इस पत्र को ही दबाए बैठे रही। बुुधवार को खबर छपने के बाद पुलिस ने पहुंचकर कार्य रुकवाया। हालांकि बाद में यहां काम दोबारा शुरू हो गया।
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उप आवास आयुक्त कभी कुछ नहीं बोलतीं
कोरोना काल में भी आवास विकास परिषद के क्षेत्र में नियम विपरीत निर्माणों का सिलसिला जारी रहा। मामले में राहुल राणा ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में खिलाफ याचिका दायर कर रखी है। इस पर जल्द सुनवाई होनी है। वहीं, इन सभी मामलों में आवास विकास परिषद के अधिकारी मौन साधे रहते हैं। उप आवास आयुक्त शेरी तो ये कहकर पीछे हट जाती हैं कि वह इस इन सब मामलों में कुछ नहीं बोलेंगी।
 
प्रदूषण नियंत्रण विभाग कर रहा नजरअंदाज
ग्रैप लागू होने के बाद प्रदूषण नियंत्रण विभाग सख्त कार्रवाई करने का दावा कर रहा है। वहीं, तेजगढ़ी में बन रही इमारत के बाहर सड़क पर रेत और डस्ट को बिना ढके ही रखा गया है। शहर का सबसे व्यस्त चौराहा होने के बाद भी खुले में रखी गई निर्माण सामग्री को प्रदूषण नियंत्रण विभाग नजरअंदाज कर रहा है। टीम रोज शहर का दौरा करती है लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई है। नगर निगम भी अनदेखी कर रहा है।
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