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नई शमन नीति में फंसा गढ़ रोड, एमडीए द्वारा जारी 188 नोटिसों के बावजूद किसी भवन मालिक ने जमा नहीं किया मानचित्र

Thu, 23 Jul 2020 01:42 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 23 Jul 2020 01:42 AM IST
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Garh Road, implicated in new mitigation policy, no building owner submitted map despite 188 notices issued by MDA
नई शमन नीति में फंसा गढ़ रोड, एमडीए द्वारा जारी 188 नोटिसों के बावजूद किसी भवन मालिक ने जमा नहीं किया मानचित्र
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मेरठ। शमन नीति में पूरा गढ़ रोड फंस गया है। जहां आवासीय भवनों और भूखंडों को व्यावसायिक निर्माण में परिवर्तित कर दिया गया। वहीं, मुख्य मार्ग पर भी दोनों तरफ के दुकानदारों ने करीब 24 मीटर कब्जा लिया है। ऐसे में अब नई शमन नीति के तहत यदि कार्रवाई होती है तो पूरा गढ़ रोड इसकी जद में आना तय माना जा रहा है।
एमडीए की नाक के नीचे शहर में अवैैध निर्माण होते रहे और वह साठगांठ से चुप्पी साधे बैठा रहा। हालात ये हैं कि बड़े शोरूम के अलावा होटल रेस्टोरेंट आदि तैयार हो गए। गढ़ रोड का मामला पुराना नहीं है। दो साल पहले ही एमडीए ने गढ़ रोड के 188 निर्माणों पर नोटिस जारी करते हुए उनसे मानचित्र की कॉपी मांगी थी। लेकिन किसी ने भी एमडीए को नक्शा उपलब्ध नहीं कराया। उल्टे व्यापारियों ने एमडीए को ही धमकी दे डाली थी। इसमें जनप्रतिनिधियों ने भी उस समय अवैध निर्माण करने वालों के साथ मिलकर एमडीए पर दबाव बनाते हुए शमन नीति आने तक शांत रहने को कहा था।
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अब नई शमन नीति जारी हो चुकी है। इस नीति के तहत गढ़ रोड पर संकट के बादल मंडरा गए हैं। क्योंकि यहां पर करीब 115 निर्माण ऐसे हें जो आवासीय भवन या भूखंड थे, जिनमें अब व्यावसायिक निर्माण हो चुका है। इसमें बड़े कार शोरूम, रेस्टोरेंट, बड़े शोरूमों के साथ ही कांप्लेक्स आदि हैं। इन सभी का निर्माण पूरी तरह अवैध है। नई शमन नीति में इनमें किसी का भी शमन नहीं हो सकता है। ऐसे में इन पर ध्वस्तीकरण की तलवार लटक गई है।
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मुख्य मार्ग पर भी किया कब्जा
गढ़ रोड की बात करें तो कागजों में यह मार्ग सेंटर प्वाइंट से दोनों तरफ 76 मीटर चौड़ा है। लेकिन वर्तमान में व्यावसायिक निर्माण के बाद इस मार्ग की चौड़ाई मात्र 52 मीटर रह गई है। कहीं पर इससे भी कम तो कहीं पर दो-तीन मीटर ज्यादा है। लेकिन हापुड़ अड्डा चौराहा से मेडिकल से आगे तक यह मार्ग कहीं भी अपनी मूल पैमाइश में नहीं है। लेकिन एमडीए भी इस तरफ से अब चुप्पी साध कर बैठा है। नोटिस देने के बाद से आज तक एमडीए द्वारा इस मार्ग के अवैध निर्माण पर आज तक कोई कार्रवाई तय नहीं की गई है।
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