सॉल्वर गैंग के सरगना नीटू ने छोटे गांव से निकलकर सोनीपत में खड़ा किया करोड़ों का कारोबार
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सॉल्वर गैंग के सरगना विजय तोमर उर्फ नीटू ने अपने गांव वाजिदपुर से निकलकर प्रॉपर्टी का करोड़ों का ऐसा कारोबार खड़ा किया कि आसपास के क्षेत्र में उसकी शोहरत बढ़ती गई। एसटीएफ जांच में पता चला कि विजय तोमर ने अधिकांश संपत्ति अपने परिजनों के नाम पर खरीदी, जिनके बैंक अकाउंट से लेकर अन्य प्रॉपर्टी की जांच में एसटीएफ जुट गई है।
एसटीएफ के अनुसार, बड़ौत क्षेत्र के वाजिदपुर निवासी विजय तोमर उर्फ नीटू का के पिता, भाई और अन्य लोग गांव में रहकर खेती कर रहे हैं। 2011 में भी उसने सॉल्वर गैंग से जुड़े होने के कारण अभ्यर्थियों से मोटी रकम वसूली और गांव में 16-17 बीघा जमीन खरीदी। उसके बाद विजय कस्टम विभाग में अच्छे पद पर नियुक्त हुआ। शुरुआत में उसने होंडा सिटी कार खरीदी।
बाद में फॉर्च्यूनर गाड़ी भी परिवार के अन्य सदस्य के नाम पर खरीद ली। एक अन्य स्थान पर फ्लैट खरीदा। सोनीपत के मूरथल में पत्नी के साथ रहकर वहीं पर बैंक्वेट हॉल बनाना शुरू किया। इस बैंक्वेट हॉल का निर्माण कार्य अभी भी चल रहा है।
आठ सालों में विजय ने करोड़ों का कारोबार खड़ा कर लिया। उसके अलग-अलग स्थानों पर बैंक अकाउंट हैं। एसटीएफ सीओ बृजेश सिंह का कहना है कि विजय तोमर के पास से जो दो मोबाइल फोन मिले हैं, 40-50 मोबाइल नंबर संदेह के घेरे में हैं, जिनकी जांच की जा रही है। 13 मोबाइल नंबर ऐसे हैं, जिन पर लगातार बात होती थी।
व्हॉट्सएप पर कॉलिंग
सीओ एसटीएफ ब्रजेश सिंह ने बताया कि मोबाइल की जांच के बाद एसटीएफ को पता चला कि विजय तोमर अभ्यर्थियों और अपने गिरोह के अन्य लोगों से व्हाट्सपर कॉलिंग करता था, जिससे कोई कॉल रिकार्ड न कर ले।
मोेबाइल में भी उत्तर कुंजी के फोटो और अन्य जानकारी भी एसटीएफ को मिली हैं। पकड़े गए एक आरोपी ने भी विजय तोमर का नाम पूछताछ में बताया था। विजय तोमर कस्टम का अधिकारी था उसको लेकर बारीकी से जांच की गई। उसके बाद गिरफ्तारी की गई।
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