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यूपीडा ने हाजीपुर से प्रस्तावित बताया गंगा एक्सप्रेस-वे
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मेरठ। मुख्यमंत्री की मेरठ मंडल की समीक्षा बैठक से चंद घंटे पहले यूपीडा ने अपनी वेबसाइट को बृहस्पतिवार रात अपडेट कर दिया। पिछले कुछ समय से हाजीपुर और कांशी से गंगा एक्सप्रेसवे के एलानमेंट निकाले जाने को लेकर किसान विरोध जता रहे थे। इस पर यूपीडा ने विराम लगा दिया। उसने वेबसाइट के गंगा एक्सप्रेसवे कॉलम मेें इस प्रोजेक्ट को एनएच-334 यानि मेरठ-बुलंदशहर से ही प्रस्तावित बताया है। हालांकि पहले इसे एनएच-58 से जुड़ना बताया था।
अमर उजाला ने सबसे पहले खबर प्रकाशित कर हाजीपुर से गंगा एक्सप्रेसवे का प्रस्तावित एलाइनमेंट बताया था। इसके बाद किसान लामंबद हो गए। एक बार फिर साफ हो गया कि सरकार इसे हापुड़ रोड से निकालते हुए आउटर रिंग रोड से जोड़कर गढ़ रोड से निकालेगी। वेबसाइट पर पहले इसकी मेरठ से प्रयागराज तक दूरी 628 किमी रखी गई थी। अब इसे 34 किमी घटाकर लगभग 594 किमी कर दिया है। इससे साफ है कि दिल्ली रोड के किमी हटा दिए हैं। गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ, हापुड़, अमरोहा, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज आदि शामिल हैं।
अब विरोध होगा तेज
कांशी, सोलाना समेत खरखौदा क्षेत्र के किसान अब विरोध करेंगे। यूूपीडा द्वारा वेबसाइट पर एनएच-58 को हटाने के बाद साफ कहा जा सकता है कि अब दिल्ली रोड से गंगा एक्सप्रेसवे की शुुरुआत नहीं होगी। किठौर विधायक सत्यवीर त्यागी ने बीते दिनों खरखौदा क्षेत्र के किसानों की मुलाकात मुख्यमंत्री से कराई थी। हालांकि, इसके बाद गढ़ रोड स्थित बारहा क्षेत्र के ठाकुर समाज के लोग हाजीपुर एलाइनमेंट का समर्थन कर रहे थे। इसके लिए उन्होंने राज्यसभा सदस्य विजयपाल तोमर समेत कई अन्य बड़े नेताओं से भी बात की थी।
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हाजीपुर से प्रस्तावित एलाइनमेंट के समर्थन में पंचायत
मेरठ। गंगा एक्सप्रेसवे के प्रस्तावित हाजीपुर क्षेत्र से ही निकाले जाने को लेकर गढ़ रोड स्थित बढ़ला में पंचायत का आयोजन किया गया। जिला पंचायत सदस्य सतपाल सिंह ने सभी को इस गंगा एक्सप्रेसवे के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि यही मार्ग सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। सरकार ने भी इसी मार्ग को प्रस्तावित बताया है। इस मौके पर सभी से प्रस्तावित एलाइनमेंट के लिए समर्थन मांगा। इस मौके पर अध्यक्ष गजेंद्र सिंह, योगेंद्र तोमर, ब्रजभूषण, ओमपाल, अनिल तोमर, राजवीर सिंह आदि मौजूद रहे।
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अमर उजाला ने सबसे पहले खबर प्रकाशित कर हाजीपुर से गंगा एक्सप्रेसवे का प्रस्तावित एलाइनमेंट बताया था। इसके बाद किसान लामंबद हो गए। एक बार फिर साफ हो गया कि सरकार इसे हापुड़ रोड से निकालते हुए आउटर रिंग रोड से जोड़कर गढ़ रोड से निकालेगी। वेबसाइट पर पहले इसकी मेरठ से प्रयागराज तक दूरी 628 किमी रखी गई थी। अब इसे 34 किमी घटाकर लगभग 594 किमी कर दिया है। इससे साफ है कि दिल्ली रोड के किमी हटा दिए हैं। गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ, हापुड़, अमरोहा, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज आदि शामिल हैं।
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अब विरोध होगा तेज
कांशी, सोलाना समेत खरखौदा क्षेत्र के किसान अब विरोध करेंगे। यूूपीडा द्वारा वेबसाइट पर एनएच-58 को हटाने के बाद साफ कहा जा सकता है कि अब दिल्ली रोड से गंगा एक्सप्रेसवे की शुुरुआत नहीं होगी। किठौर विधायक सत्यवीर त्यागी ने बीते दिनों खरखौदा क्षेत्र के किसानों की मुलाकात मुख्यमंत्री से कराई थी। हालांकि, इसके बाद गढ़ रोड स्थित बारहा क्षेत्र के ठाकुर समाज के लोग हाजीपुर एलाइनमेंट का समर्थन कर रहे थे। इसके लिए उन्होंने राज्यसभा सदस्य विजयपाल तोमर समेत कई अन्य बड़े नेताओं से भी बात की थी।
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हाजीपुर से प्रस्तावित एलाइनमेंट के समर्थन में पंचायत
मेरठ। गंगा एक्सप्रेसवे के प्रस्तावित हाजीपुर क्षेत्र से ही निकाले जाने को लेकर गढ़ रोड स्थित बढ़ला में पंचायत का आयोजन किया गया। जिला पंचायत सदस्य सतपाल सिंह ने सभी को इस गंगा एक्सप्रेसवे के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि यही मार्ग सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। सरकार ने भी इसी मार्ग को प्रस्तावित बताया है। इस मौके पर सभी से प्रस्तावित एलाइनमेंट के लिए समर्थन मांगा। इस मौके पर अध्यक्ष गजेंद्र सिंह, योगेंद्र तोमर, ब्रजभूषण, ओमपाल, अनिल तोमर, राजवीर सिंह आदि मौजूद रहे।