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Meerut News: गंगा का जलस्तर तीसरे दिन भी घटा, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत की उम्मीद
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संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। पहाड़ों और मैदानी क्षेत्रों में बारिश का दौर धीमा पड़ने के साथ ही गंगा के जलस्तर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। इससे गंगा किनारे बसे गांवों और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों ने राहत की सांस ली है। हालांकि नदी में अभी भी पर्याप्त मात्रा में पानी बह रहा है, जिसके चलते तटवर्ती क्षेत्रों में निगरानी जारी है।
रविवार दोपहर 2:00 बजे हरिद्वार के भीमगौड़ा बैराज का गेज 291.95 मीटर दर्ज किया गया, जबकि यहां से गंगा में 85,710 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। वहीं बिजनौर बैराज पर दोपहर 2:00 बजे गंगा का गेज 218.50 मीटर दर्ज हुआ और यहां से 1,05,540 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज रहा।
पिछले दिनों लगातार बढ़े जलस्तर के कारण हस्तिनापुर खादर क्षेत्र के। निचले इलाकों के कई गांवों के जंगल में पानी भरने से बाढ़ जैसे हालात बन गए थे। गंगा का पानी खेतों और जंगलों तक पहुंच गया था। कई स्थानों पर कटान के कारण ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जलस्तर में गिरावट के बाद अब धीरे-धीरे हालात सामान्य होने की उम्मीद जगी है।
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हस्तिनापुर। पहाड़ों और मैदानी क्षेत्रों में बारिश का दौर धीमा पड़ने के साथ ही गंगा के जलस्तर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। इससे गंगा किनारे बसे गांवों और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों ने राहत की सांस ली है। हालांकि नदी में अभी भी पर्याप्त मात्रा में पानी बह रहा है, जिसके चलते तटवर्ती क्षेत्रों में निगरानी जारी है।
रविवार दोपहर 2:00 बजे हरिद्वार के भीमगौड़ा बैराज का गेज 291.95 मीटर दर्ज किया गया, जबकि यहां से गंगा में 85,710 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। वहीं बिजनौर बैराज पर दोपहर 2:00 बजे गंगा का गेज 218.50 मीटर दर्ज हुआ और यहां से 1,05,540 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज रहा।
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पिछले दिनों लगातार बढ़े जलस्तर के कारण हस्तिनापुर खादर क्षेत्र के। निचले इलाकों के कई गांवों के जंगल में पानी भरने से बाढ़ जैसे हालात बन गए थे। गंगा का पानी खेतों और जंगलों तक पहुंच गया था। कई स्थानों पर कटान के कारण ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जलस्तर में गिरावट के बाद अब धीरे-धीरे हालात सामान्य होने की उम्मीद जगी है।
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