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गंगा की रेत में बसने लगा नगर
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Mon, 07 Nov 2016 01:55 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
गंगा स्नान पर मखदूमपुर में लगने वाले मेला की तैयारी शुरू हो गई है। रविवार को रास्ते पर बेरिकेडिंग लगाने का काम शुरू हो गया। लाइटिंग और रास्ता बनाने में लोग जुट गए हैं। अच्छी बात यह है कि इस बार गंगा में पानी स्तर अच्छा है। दो-तीन दिन में तैयारी पूरी कर ली जाएगी।
गंगा स्नान पर गढ़ मुक्तेश्वर और मखदूमपुर में मेला लगता है। गढ़ में बड़ा मेला लगता है। मखदूमपुर में भी संख्या हर साल बढ़ती जा रही है। चार से पांच लाख श्रृद्धालु यहां भी पहुंचते हैं। इस बार आंकड़ा अधिक भी हो सकता है। जिला पंचायत की ओर से मेले की तैयारी शुरू कर दी गई है। बेरिकेडिंग और लाइटिंग का काम रविवार को शुरू हो गया। गंगा तक जाने के लिए रास्ता तैयार कर दिया है। गौरतलब है मेले के दौरान गंगा पर हर साल इधर से उधर आने जाने के लिए अस्थायी पुल बनाया जाता है। पुल बनाने का काम तेजी से चल रहा है। मेले का उद्घाटन होने से पहले पुल तैयार हो जाएगा। उधर, मेला लगने से पहले मखदूमपुर घाट पर एनजीओ का पहुंचना शुरू हो गया है। गंगा को निर्मल और साफ बनाए रखने के लिए हर साल मेला लगने से पहले अपील करने और जागरूक करने के उद्देश्य से एनजीओ मखदूमपुर घाट पर पहुंचते हैं। वह अपना तंबू भी लगाते हैं।
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गंगा स्नान पर गढ़ मुक्तेश्वर और मखदूमपुर में मेला लगता है। गढ़ में बड़ा मेला लगता है। मखदूमपुर में भी संख्या हर साल बढ़ती जा रही है। चार से पांच लाख श्रृद्धालु यहां भी पहुंचते हैं। इस बार आंकड़ा अधिक भी हो सकता है। जिला पंचायत की ओर से मेले की तैयारी शुरू कर दी गई है। बेरिकेडिंग और लाइटिंग का काम रविवार को शुरू हो गया। गंगा तक जाने के लिए रास्ता तैयार कर दिया है। गौरतलब है मेले के दौरान गंगा पर हर साल इधर से उधर आने जाने के लिए अस्थायी पुल बनाया जाता है। पुल बनाने का काम तेजी से चल रहा है। मेले का उद्घाटन होने से पहले पुल तैयार हो जाएगा। उधर, मेला लगने से पहले मखदूमपुर घाट पर एनजीओ का पहुंचना शुरू हो गया है। गंगा को निर्मल और साफ बनाए रखने के लिए हर साल मेला लगने से पहले अपील करने और जागरूक करने के उद्देश्य से एनजीओ मखदूमपुर घाट पर पहुंचते हैं। वह अपना तंबू भी लगाते हैं।
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