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Meerut News: मिलावट का खेल... आधे से ज्यादा नमूने फेल
Thu, 29 Jun 2023 01:52 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Thu, 29 Jun 2023 01:52 AM IST
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मेरठ। अस्पतालों में मरीजों की भरमार है, मरीजों की लंबी कतार है। दरअसल सेहतमंद रहें भी तो कैसे, हर चीज में मिलावट जो है। इस साल अप्रैल से लेकर जून तक की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) द्वारा लिए गए 76 खाद्य पदार्थों में से 46 नमूने जांच में फेल निकले हैं। इनमें 33 अधोमानक हैं और 13 असुरक्षित हैं, यानी करीब 60 प्रतिशत नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं।
ये नमूने पनीर, दूध, बेसन, कचरी, सॉस, तेल, नमकीन और मिठाइयों आदि के हैं। कचरी और सॉस में खतरनाक रंग मिलाए गए थे, जबकि दूध और पनीर में अलग से फैट मिलाया गया था। बेसन में भी केमिकल की मिलावट निकली है। मिठाइयों को चमकाने के लिए ज्यादा मात्रा में फूड कलर मिलाया गया था। सरसों के तेल में पाम आयल निकला। मिलावट करने वालों के खिलाफ कोर्ट ने एक करोड़, 72 लाख 70 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है, हालांकि मिलावटखोर फिर भी सुधर नहीं रहे हैं।
लचर प्रशासनिक कार्यप्रणाली के कारण मिलावटखोरों पर पूरी तरह से शिकंजा नहीं कस पाता है। मिलावट के लगभग सभी मामलों में जुर्माना लगता है, सजा नहीं हो पाती है। जिले में पिछले पांच साल में सजा का कोई मामला नहीं है। हालांकि, भारतीय दंड संहिता में मिलावटखोरों पर कड़ी सजा का प्रावधान है, लेकिन मिलावट से संबंधित 90 फीसदी मामले प्रशासनिक कोर्ट में स्थानांतरित हो जाते हैं, जिस कारण वह न्यायालय की कार्रवाई से बच जाते हैं।
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यह वसूला गया जुर्माना
साल 2022- 23: एक करोड़, 72 लाख, 70 हजार रुपये
साल 2021-22: 43 लाख 65 हजार रुपये
साल 2020-21: 41 लाख 33 हजार 500 रुपये
साल 2019-20: 70 लाख 88 हजार रुपये
साल 2018-19: 60 लाख 73 हजार रुपये
जारी है एफएसडीए की कार्रवाई
विभाग की टीमें लगातार सक्रिय हैं। खाद्य पदार्थों के सैंपल जांच के लिए लखनऊ भेजे जाते हैं और रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाती है। - शिव कुमार, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी, एफएसडीए
मिलावटी खाना सेहत के लिए नुकसानदेह
फिजिशियन डॉ. तनुराज सिरोही ने बताया कि मिलावटी खाने से किडनी और पेट संबंधी रोग हो सकते हैं। ऐसे खाने से दूर रहें। मिलावटी तेल और घी का दिल पर तेजी से असर होता है। धमनियों में चिकनाई जम जाती है। हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।
6 माह से आजीवन कारावास तक हो सकती है सजा
जो नमूने असुरक्षित पाए जाते हैं उनमें एफआईआर दर्ज कराई जाती है और एसीजेएम कोर्ट में मुकदमा चलता है। इनमें 6 माह से लेकर आजीवन कारावास तक सजा का प्रावधान है। तीन लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है। - दीपक सिंह, अभिहित अधिकारी, एफएसडीए
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ये नमूने पनीर, दूध, बेसन, कचरी, सॉस, तेल, नमकीन और मिठाइयों आदि के हैं। कचरी और सॉस में खतरनाक रंग मिलाए गए थे, जबकि दूध और पनीर में अलग से फैट मिलाया गया था। बेसन में भी केमिकल की मिलावट निकली है। मिठाइयों को चमकाने के लिए ज्यादा मात्रा में फूड कलर मिलाया गया था। सरसों के तेल में पाम आयल निकला। मिलावट करने वालों के खिलाफ कोर्ट ने एक करोड़, 72 लाख 70 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है, हालांकि मिलावटखोर फिर भी सुधर नहीं रहे हैं।
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लचर प्रशासनिक कार्यप्रणाली के कारण मिलावटखोरों पर पूरी तरह से शिकंजा नहीं कस पाता है। मिलावट के लगभग सभी मामलों में जुर्माना लगता है, सजा नहीं हो पाती है। जिले में पिछले पांच साल में सजा का कोई मामला नहीं है। हालांकि, भारतीय दंड संहिता में मिलावटखोरों पर कड़ी सजा का प्रावधान है, लेकिन मिलावट से संबंधित 90 फीसदी मामले प्रशासनिक कोर्ट में स्थानांतरित हो जाते हैं, जिस कारण वह न्यायालय की कार्रवाई से बच जाते हैं।
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यह वसूला गया जुर्माना
साल 2022- 23: एक करोड़, 72 लाख, 70 हजार रुपये
साल 2021-22: 43 लाख 65 हजार रुपये
साल 2020-21: 41 लाख 33 हजार 500 रुपये
साल 2019-20: 70 लाख 88 हजार रुपये
साल 2018-19: 60 लाख 73 हजार रुपये
जारी है एफएसडीए की कार्रवाई
विभाग की टीमें लगातार सक्रिय हैं। खाद्य पदार्थों के सैंपल जांच के लिए लखनऊ भेजे जाते हैं और रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाती है। - शिव कुमार, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी, एफएसडीए
मिलावटी खाना सेहत के लिए नुकसानदेह
फिजिशियन डॉ. तनुराज सिरोही ने बताया कि मिलावटी खाने से किडनी और पेट संबंधी रोग हो सकते हैं। ऐसे खाने से दूर रहें। मिलावटी तेल और घी का दिल पर तेजी से असर होता है। धमनियों में चिकनाई जम जाती है। हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।
6 माह से आजीवन कारावास तक हो सकती है सजा
जो नमूने असुरक्षित पाए जाते हैं उनमें एफआईआर दर्ज कराई जाती है और एसीजेएम कोर्ट में मुकदमा चलता है। इनमें 6 माह से लेकर आजीवन कारावास तक सजा का प्रावधान है। तीन लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है। - दीपक सिंह, अभिहित अधिकारी, एफएसडीए