मेरठ। गेल गैस लिमिटेड, मेरठ ने मंत्रालय की डीपीआई योजना के अंतर्गत कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) की आपूर्ति हेतु अपना पहला अनुबंध हस्ताक्षर किया।नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत के रूप में कम्प्रेस्ड बायोगैस की देश के ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ती हुई भागीदारी को और अधिक बढ़ाने के लिए गेल गैस कंपनी ने कदम बढ़ाया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की डीपीआई यानी डेवलमेंट ऑफ पाइप लाइन इंफ्रास्ट्रकचर योजना के अन्तर्गत गेल गैस मेरठ ने पहला अनुबंध गिरवर एंड संस बायो एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के साथ किया है।
गेल गैस मेरठ के महाप्रबन्धक विनय कुमार ने बताया कि गिरवर एंड संस बायो एनर्जी कंपनी अपने सीबीजी प्लान्ट से 6750 एससीएमडी प्रतिदिन की दर से कम्प्रेस्ड बायोगैस की आपूर्ति एमडीपीई पाइपलाइन नेटवर्क से गेल गैस को करेगा। सीबीजी की आपूर्ति क्षमता को जल्द ही बढ़ाते हुए लगभग दोगुना तक किया जाएगा, ताकि निकट भविष्य में स्टेशनों पर और भी अधिक मात्रा में सीबीजी ईंधन की आपूर्ति मेरठ के लोगों को मिल सकेगी। बताया कि यह पहल सीबीजी को पांच प्रतिशत प्राकृतिक गैस के साथ मिलाने के सरकार एवं कंपनी दोनों के लक्ष्य पर काम करेगी। जिससे एक स्वच्छ और अधिक टिकाऊ ऊर्जा भविष्य को बढ़ावा भी मिलेगा, साथ ही पर्यावरण के लिए भी यह उपयोगी सिद्ध होगी। उन्होंने बताया कि यह अनुबंध गेल गैस कंपनी के नोएडा स्थित मुख्यालय पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौतम चक्रवर्ती के समक्ष हुआ।