फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Furnace furnace is found in sinauli excavation at Baghpat

उत्खनन में फिर मिली भट्ठी, कहीं दो विधियों से तो अंतिम संस्कार नहीं करते थे सिनौली वाले

Mon, 22 Apr 2019 05:02 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत Published by: कपिल kapil Updated Mon, 22 Apr 2019 05:02 PM IST
विज्ञापन
Furnace furnace is found in sinauli excavation at Baghpat
बड़ौत के सिनौली उत्खनन स्थल से प्राप्त शवदाह भट्ठी - फोटो : अमर उजाला

बागपत के सिनौली में तीसरे चरण के उत्खनन का कार्य पूरा हो गया है। उत्खनन केंद्र से आखिर में फिर एक भट्ठी निकली है। पहली संभावना यह है कि भट्ठी को मिट्टी के बर्तन पकाने के काम में लिया जाता रहा होगा। इसके अलावा अंतिम संस्कार की दो विधियों की परंपरा से भी इसे जोड़कर देखा जा रहा है। तीसरी संभावना यह है कि अंतिम संस्कार की सभी क्रियाएं शवाधान केंद्र पर ही किए जाने की परंपरा रही होगी। हकीकत क्या है, यह एक लंबे शोध का विषय बन गया है। पिछले 13 साल में सिनौली में तीसरी बार उत्खनन का कार्य किया गया।  

विज्ञापन


साल 2006 में हुई पहले चरण की खुदाई में एक भट्ठी निकली थी। करीब छह फुट लंबाई की इस भट्ठी के प्रयोग को लेकर तभी से सवाल उठ रहे हैं। तीसरे चरण की खुदाई में भी तीन भट्ठी निकली हैं। हड्प्पाकालीन साइट पर मिले कंकाल के पास बहुतायत में मिट्टी के बर्तन रखे जाने का चलन था। अलग-अलग आकार के बर्तन रखे जाते थे। यह संभावना है कि यहां पर भट्ठी के बर्तन पकाए जाते रहे होंगे।
विज्ञापन

 
इसके अलावा एक संभावना यह है कि भट्ठी दो नए सवाल भी खड़े कर रही हैं। अंतिम संस्कार की कहीं दो विधियां तो नहीं थी। एक दफनाने की और दूसरी इस तरह की भट्ठी में जलाने की। लेकिन इस पर विस्तृत शोध किए जाने की जरूरत है।

विज्ञापन
विज्ञापन

एक दावा यह भी
शहजाद राय शोध केंद्र के निदेशक अमित राय जैन कहते हैं कि वेदों में वर्णित है कि प्राचीन समय में समाज के उच्च एवं शाही परिवार के महत्वपूर्ण लोगों को अति विशिष्ट विधि पूर्वक उनके रोजमर्रा के साजो सामान, खाद्य सामग्री युद्ध के अस्त्र-शस्त्र सहित दफनाते थे, तो वहीं उसी समय में समाज के आमजन साधारण या सैनिकों को आग में जलाकर दाह संस्कार करने की भी परंपरा रही होगी।  

चौथे चरण की होगी खोदाई
सिनौली उत्खनन स्थल से प्रतिदिन कुछ ना कुछ आश्चर्यजनक पुरावशेष प्राप्त हो रहे हैं। इसी के मद्देनजर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के पुराविद अत्याधुनिक विधियों से सिनौली उत्खनन का चारों ओर का सर्वेक्षण कर चतुर्थ चरण की खोदाई के लिए कर रहे हैं।

नोट- इन खबरों के बारे अपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें


https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed