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मेरठ के सूरजकुंड श्मशान में गेट तक जल रहीं चिताएं, 24 घंटे में 95 शवों के लिए खरीदा गया अंतिम संस्कार का सामान

Mon, 26 Apr 2021 10:31 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Mon, 26 Apr 2021 10:31 PM IST
सार

  • 24 घंटे में 95 लोगों के लिए खरीदा गया अंतिम संस्कार का सामान  
  • सूरजकुंड शमशान घाट पहुंचे 72 शव, इनमें 26 कोरोना संक्रमित

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Funerals burning till the gate at Surajkund crematorium in Meerut
सूरजकुंड श्मशान, सूरजकुंड मेरठ - फोटो : amar ujala

विस्तार

मेरठ में कोरोना संक्रमण बढ़ने और चिकित्सा सुविधाओं के अभाव में बड़ी संख्या में लोगों की मृत्यु हो रही है। सरकारी आंकड़े चाहे कुछ भी हों, सोमवार को 24 घंटे में शहर में अलग-अलग धर्म के 95 लोगों के अंतिम संस्कार का सामान गंगा मोटर कमेटी के रोडवेज स्थित कार्यालय से खरीदा गया। सूरजकुंड श्मशान घाट पर 72 लोगों का अंतिम संस्कार किया गया, इनमें 26 कोरोना पॉजिटिव बताए गए। वहीं 23 लोगों का शहर के अन्य श्मशान घाटों में अंतिम संस्कार किया गया।

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ऑक्सीजन की कमी के चलते अस्पतालों में सामान्य बीमारी के मरीजों को चिकित्सा सुविधा नहीं दी जा रही है। अस्पताल मरीजों से कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट मांगते हैं। ज्यादातर लोगों की मौत एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल में जाते हुए हो रही हैं। बहुत से लोग एंबुलेंस में भी दम तोड़ रहे हैं।

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केस एक : रोहटा रोड निवासी महिला की जान गई 
रोहटा रोड जवाहर नगर निवासी महिला की देर रात सांस लेने में समस्या हुई। पुत्र ने टेंपो से रोहटा रोड के कई अस्पतालों में भर्ती कराने का प्रयास किया। सभी जगह ऑक्सीजन न होने की बात कही गई। बागपत रोड के भी अस्पतालों ने बेड फुल होने की बात कहकर मरीज को नहीं देखा। अंत में कंकरखेड़ा स्थित एक अस्पताल में इलाज का आश्वासन दिया गया लेकिन तब तक महिला की मौत हो चुकी थी।

केस दो : ऑक्सीजन की कमी लील गई जिंदगी
सूरजकुंड श्मशान में पहुंचे गुप्ता परिवार ने बताया कि उनके पिता को सांस की समस्या थी। इसका इलाज भी चल रहा था। तबीयत ज्यादा खराब होने और सांस लेने में समस्या बढ़ने पर कई अस्पतालों में दिखाया गया। अस्पताल संचालक ने ऑक्सीजन की व्यवस्था स्वयं करने के लिए कहा। बाद में वेंटिलेटर की भी व्यवस्था नहीं हो पाई। अंतत: उनके पिता को बचाया नहीं जा सका।

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