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खुले आसमान के नीचे बारिश में नहीं हो पाया लोहियानगर मंडी का कारोबार
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बारिश में भीगकर फल सब्जी बेचते रहे दुकानदार
मेरठ। सर्द मौसम और लगातार बारिश के दौरान दुकानदार भीगते हुए फल और सब्जी बेचते रहे। ग्राहक इतने कम रहे कि ठंड में घंटों बैठकर भी मायूसी ही मिली। रविवार को यह हालात रहे लोहियानगर मंडी परिसर से जुड़े दुकानदारों के। यह मंडी परिसर मतगणना स्थल के लिए चुना गया है। इसके चलते मंडी के आढ़ती और किसान दो दिन से यहां कारोबार नहीं कर पा रहे हैं।
बारिश के कारण पंडित बख्शीदास इंटर कॉलेज परिसर में दुकानें लगाने की तैयारी थी, लेकिन यहां भी जलभराव हो गया। ऐसे में खुले आसमान के नीचे बारिश में ही दुकानें लगानी पड़ रही हैं। दुकानदारों का कहना है कि जिला प्रशासन ने मंडी संचालन के लिए ठोस प्रबंध नहीं किया है। जलभराव के बीच ही 50 प्रतिशत दुकानें सुपर बाजार के सामने लगानी पड़ीं। वहीं, ग्राहकों की कमी के कारण किसानों ने दिल्ली रोड स्थित नवीन मंडी की तरफ रुख कर लिया।
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फल सब्जियों के खराब होने का डर
- दुकानदारों का कहना है कि बारिश के मौसम में खुले आसमान के नीचे मंडी संचालन संभव ही नहीं है। आलू, प्याज, लहसुन आदि कुछ सब्जियां ऐसी हैं जिनको एक-दो दिन पहले ही स्टॉक किया जाता है। उसके लिए भी बड़े स्थान की जरूरत होती है। पहले व्यापारी दुकान और चबूतरों पर टीनशेड में सब्जी रख लिया करते थे। लेकिन अब न तो कॉलेज परिसर में ही कोई इंतजाम है और न ही सुपर मार्केट के बाहर खाली पड़े मैदान में कोई टीन शेड आदि की व्यवस्था है। ऐेसे में रोजाना बेची जाने वाले फल और सब्जियों के खराब होने का भी खतरा है।
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बदतर हालात पर यह बोले दुकानदार
- इस मामले में प्रशासन को मनमानी नहीं करनी चाहिए। मंडी से बाहर दुकानदारों के लिए बेहतर जगह उपलब्ध कराई जाए। - राजकुमार सोनकर आढ़ती।
- मतगणना तक लोहियानगर मंडी को बंद करना उचित नहीं है। इससे किसान और व्यापारी दोनों को ही नुकसान हो रहा है। - राधेश्याम सैनी, आढ़ती।
- बारिश में लहसुन और प्याज नहीं बेची जा सकती है। मजबूरी में कारोबार बंद कर रहे हैं। --नरेश कुमार आढ़ती।
- ज्यादातर माल खराब हो रहा है। किसान दूसरी मंडी में जाकर माल बेच रहे हैं। - सौरभ पटेल आढ़ती।
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मेरठ। सर्द मौसम और लगातार बारिश के दौरान दुकानदार भीगते हुए फल और सब्जी बेचते रहे। ग्राहक इतने कम रहे कि ठंड में घंटों बैठकर भी मायूसी ही मिली। रविवार को यह हालात रहे लोहियानगर मंडी परिसर से जुड़े दुकानदारों के। यह मंडी परिसर मतगणना स्थल के लिए चुना गया है। इसके चलते मंडी के आढ़ती और किसान दो दिन से यहां कारोबार नहीं कर पा रहे हैं।
बारिश के कारण पंडित बख्शीदास इंटर कॉलेज परिसर में दुकानें लगाने की तैयारी थी, लेकिन यहां भी जलभराव हो गया। ऐसे में खुले आसमान के नीचे बारिश में ही दुकानें लगानी पड़ रही हैं। दुकानदारों का कहना है कि जिला प्रशासन ने मंडी संचालन के लिए ठोस प्रबंध नहीं किया है। जलभराव के बीच ही 50 प्रतिशत दुकानें सुपर बाजार के सामने लगानी पड़ीं। वहीं, ग्राहकों की कमी के कारण किसानों ने दिल्ली रोड स्थित नवीन मंडी की तरफ रुख कर लिया।
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फल सब्जियों के खराब होने का डर
- दुकानदारों का कहना है कि बारिश के मौसम में खुले आसमान के नीचे मंडी संचालन संभव ही नहीं है। आलू, प्याज, लहसुन आदि कुछ सब्जियां ऐसी हैं जिनको एक-दो दिन पहले ही स्टॉक किया जाता है। उसके लिए भी बड़े स्थान की जरूरत होती है। पहले व्यापारी दुकान और चबूतरों पर टीनशेड में सब्जी रख लिया करते थे। लेकिन अब न तो कॉलेज परिसर में ही कोई इंतजाम है और न ही सुपर मार्केट के बाहर खाली पड़े मैदान में कोई टीन शेड आदि की व्यवस्था है। ऐेसे में रोजाना बेची जाने वाले फल और सब्जियों के खराब होने का भी खतरा है।
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बदतर हालात पर यह बोले दुकानदार
- इस मामले में प्रशासन को मनमानी नहीं करनी चाहिए। मंडी से बाहर दुकानदारों के लिए बेहतर जगह उपलब्ध कराई जाए। - राजकुमार सोनकर आढ़ती।
- मतगणना तक लोहियानगर मंडी को बंद करना उचित नहीं है। इससे किसान और व्यापारी दोनों को ही नुकसान हो रहा है। - राधेश्याम सैनी, आढ़ती।
- बारिश में लहसुन और प्याज नहीं बेची जा सकती है। मजबूरी में कारोबार बंद कर रहे हैं। --नरेश कुमार आढ़ती।
- ज्यादातर माल खराब हो रहा है। किसान दूसरी मंडी में जाकर माल बेच रहे हैं। - सौरभ पटेल आढ़ती।