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महिला के बैंक खाते से निकाले 7.50 लाख, गिरफ्तार
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महिला के बैंक खाते से निकाले 7.50 लाख, गिरफ्तार
महिला के खाते से अपने मोबाइल वॉलेट में ट्रांसफर कर लेता था पैसा
पिछले कई सालों से कर रहा था ठगी
साइबर सेल की जांच में पकड़ में आया आरोपी
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। रिटायर्ड कर्नल की पत्नी के खाते से 7.50 लाख ठगने वाले आरोपी को पुलिस ने दबोच लिया। आरोपी पिछले कई सालों से हर माह महिला के खाते से मोबाइल वॉलेट के जरिये पैसा निकाल रहा था। महिला की शिकायत पर साइबर सेल ने मामले की जांच की और आरोपी तक पहुंच गए। पुलिस के मुताबिक आरोपी महिला का पड़ोसी था और अक्सर उनके काम में हाथ बंटाता था।
साइबर सेल के मुताबिक शास्त्रीनगर नगर निवासी कमला देवी के पति राजबहादुर सिंह कर्नल थे और रिटायर्ड होने के बाद उनकी मौत हो गई थी। कमला की एक बेटी है, जोकि विदेश में रहती है। कमला देवी की प्रतिमाह 60 हजार रुपये पेंशन आती है। कुछ दिन पहले जब उनकी बेटी विदेश से मेरठ आई। बेटी ने मां के पेंशन वाले खाते की जानकारी ली तो पता चला कि पिछले पांच छह साल से हर माह पेंशन की आधी रकम किसी मोबाइल वॉलेट में जा रही है। अब तक करीब 7.50 लाख रुपये खाते से निकाले जा चुके हैं। जिसके बाद मां-बेटी ने एसएसपी से मामले की शिकायत की। एसएसपी के निर्देश पर नौचंदी थाने में केस दर्ज हुआ और जांच साइबर सेल को सौंपी गई। इंस्पेक्टर साइबर सेल सुभाष अत्री और इंस्पेक्टर नौचंदी तपेश्वर सागर, दरोगा पुष्पेंद्र, उमेश, कपिल, कुलवंत मलिक समेत साइबर की टीम मामले की जांच में लगी हुई थी।
हमदर्द बनकर उठाया फायदा
जांच के बाद पुलिस ने प्रवीण वर्मा निवासी जुडदी नुकड़ सहारनपुर को गिरफ्तार किया। प्रवीण एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता था और कमला के घर के पास ही किराये पर रहता था। कमला अकेली रहती थी, इसके चलते वह उनके कामों में हाथ बंटा देता था। हमदर्दी जताकर वह उनका करीबी हो गया था। इसी दौरान प्रवीण ने कमला के बैंक खाते से अपना मोबाइल नंबर लिंक करवा लिया था और उसके बाद खाते को अपने मोबाइल वॉलेट से जोड़ दिया। इस तरह से प्रवीण हर माह पेंशन का आधा पैसा हर माह मोबाइल वॉलेट में ट्रांसफर कर लेता था, जिसकी जानकारी कमला को नहीं लगी। पुलिस ने शनिवार को आरोपी कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
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सावधानी बरते
साइबर एक्सपर्ट कहते कि अपने मोबाइल पर आने वाला ओटीपी नंबर, अकाउंट नंबर, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड किसी से शेयर न करे। साइबर सेल में रोजाना पैसा ठगने की शिकायत आ रही है। साइबर एक्सपर्ट का कहना है कि अधिकांश ठगी व्यक्ति की खुद की लापरवाही से होती है।
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महिला के खाते से अपने मोबाइल वॉलेट में ट्रांसफर कर लेता था पैसा
पिछले कई सालों से कर रहा था ठगी
साइबर सेल की जांच में पकड़ में आया आरोपी
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। रिटायर्ड कर्नल की पत्नी के खाते से 7.50 लाख ठगने वाले आरोपी को पुलिस ने दबोच लिया। आरोपी पिछले कई सालों से हर माह महिला के खाते से मोबाइल वॉलेट के जरिये पैसा निकाल रहा था। महिला की शिकायत पर साइबर सेल ने मामले की जांच की और आरोपी तक पहुंच गए। पुलिस के मुताबिक आरोपी महिला का पड़ोसी था और अक्सर उनके काम में हाथ बंटाता था।
साइबर सेल के मुताबिक शास्त्रीनगर नगर निवासी कमला देवी के पति राजबहादुर सिंह कर्नल थे और रिटायर्ड होने के बाद उनकी मौत हो गई थी। कमला की एक बेटी है, जोकि विदेश में रहती है। कमला देवी की प्रतिमाह 60 हजार रुपये पेंशन आती है। कुछ दिन पहले जब उनकी बेटी विदेश से मेरठ आई। बेटी ने मां के पेंशन वाले खाते की जानकारी ली तो पता चला कि पिछले पांच छह साल से हर माह पेंशन की आधी रकम किसी मोबाइल वॉलेट में जा रही है। अब तक करीब 7.50 लाख रुपये खाते से निकाले जा चुके हैं। जिसके बाद मां-बेटी ने एसएसपी से मामले की शिकायत की। एसएसपी के निर्देश पर नौचंदी थाने में केस दर्ज हुआ और जांच साइबर सेल को सौंपी गई। इंस्पेक्टर साइबर सेल सुभाष अत्री और इंस्पेक्टर नौचंदी तपेश्वर सागर, दरोगा पुष्पेंद्र, उमेश, कपिल, कुलवंत मलिक समेत साइबर की टीम मामले की जांच में लगी हुई थी।
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हमदर्द बनकर उठाया फायदा
जांच के बाद पुलिस ने प्रवीण वर्मा निवासी जुडदी नुकड़ सहारनपुर को गिरफ्तार किया। प्रवीण एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता था और कमला के घर के पास ही किराये पर रहता था। कमला अकेली रहती थी, इसके चलते वह उनके कामों में हाथ बंटा देता था। हमदर्दी जताकर वह उनका करीबी हो गया था। इसी दौरान प्रवीण ने कमला के बैंक खाते से अपना मोबाइल नंबर लिंक करवा लिया था और उसके बाद खाते को अपने मोबाइल वॉलेट से जोड़ दिया। इस तरह से प्रवीण हर माह पेंशन का आधा पैसा हर माह मोबाइल वॉलेट में ट्रांसफर कर लेता था, जिसकी जानकारी कमला को नहीं लगी। पुलिस ने शनिवार को आरोपी कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
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सावधानी बरते
साइबर एक्सपर्ट कहते कि अपने मोबाइल पर आने वाला ओटीपी नंबर, अकाउंट नंबर, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड किसी से शेयर न करे। साइबर सेल में रोजाना पैसा ठगने की शिकायत आ रही है। साइबर एक्सपर्ट का कहना है कि अधिकांश ठगी व्यक्ति की खुद की लापरवाही से होती है।