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Meerut News: लोकल से ग्लोबल, मेरठ की रेवड़ी-गज्जक ने पार किए सात समंदर
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बजाजा बाजार स्थित लाल कृष्ण चंद्र गंगा शरण के संचालक, सुधांशु अग्रवाल। विदेश में जा रही मेरठ की
मेरठ। सर्द हवाएं चलते ही तिल और गुड़ की सौंधी खुशबू अपने आप गलियों में उतर आती है। मेरठ के बाजारों में यह खुशबू सिर्फ मौसम का एहसास नहीं कराती, बल्कि पीढ़ियों से चले आ रहे स्वाद की याद भी दिलाती है। रेवड़ी और गज्जक की खनकती मिठास अब केवल शहर तक सीमित नहीं रही, बल्कि सात समंदर पार बैठी जुबानों को भी अपना दीवाना बना रही है।
ठंड के मौसम और त्योहारों के साथ ही शहर के बाजारों में रेवड़ी-गज्जक की रौनक लौट आई है। सुबह होते ही मिठाई की दुकानों और सड़क किनारे लगे स्टॉलों पर ग्राहकों की भीड़ उमड़ पड़ती है। तिल गज्जक, पीनट चिक्की, गुड़ रेवड़ी और स्पेशल क्रंची गज्जक लोगों की पहली पसंद बनी हुई हैं। देसी स्वाद के प्रति बढ़ते रुझान ने बाजारों में खास उत्साह भर दिया है। अब रेवड़ी-गज्जक सिर्फ पारंपरिक रूप में ही नहीं, बल्कि नए अंदाज में भी लोगों को लुभा रही है। दुकानों पर ड्राई फ्रूट, पिस्ता, नारियल, इलायची और चोको-गज्जक जैसी वैरायटी खूब बिक रही हैं। इसके बावजूद शुद्ध तिल और गुड़ से बनी देसी गज्जक और रेवड़ी का स्वाद हर उम्र के लोगों की पसंद में सबसे ऊपर है। बजाजा बाजार स्थित लाला किशन चंद गंगा सरन के सुधांशु अग्रवाल बताते हैं कि उनके यहां बनी मिठाइयां देश के अलग-अलग राज्यों के साथ-साथ विदेशों में भी भेजी जाती हैं। पाकिस्तान में भी मेरठ की गज्जक की अच्छी खासी मांग है। राम चंद्र सहाय के संचालक सचिन तोमर के अनुसार, उनके यहां देसी घी में तैयार की गई रेवड़ी-गज्जक विदेशों तक पहुंचती है। ऑनलाइन ऑर्डर भी आते हैं।
ऑनलाइन ऑर्डर और गिफ्ट पैक का ट्रेंड
स्थानीय बाजारों के साथ-साथ अब ऑनलाइन ऑर्डरों में भी तेजी आ गई है। त्योहारों के बाद भी पूरे सर्दी के मौसम में इन देसी मिठाइयों की मांग बनी रहती है। दुकानदारों ने खास पैकिंग और आकर्षक गिफ्ट पैक तैयार किए हैं, जिन्हें शादियों, त्योहारों और मेहमानों के स्वागत के लिए खूब पसंद किया जा रहा है।
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ठंड के मौसम और त्योहारों के साथ ही शहर के बाजारों में रेवड़ी-गज्जक की रौनक लौट आई है। सुबह होते ही मिठाई की दुकानों और सड़क किनारे लगे स्टॉलों पर ग्राहकों की भीड़ उमड़ पड़ती है। तिल गज्जक, पीनट चिक्की, गुड़ रेवड़ी और स्पेशल क्रंची गज्जक लोगों की पहली पसंद बनी हुई हैं। देसी स्वाद के प्रति बढ़ते रुझान ने बाजारों में खास उत्साह भर दिया है। अब रेवड़ी-गज्जक सिर्फ पारंपरिक रूप में ही नहीं, बल्कि नए अंदाज में भी लोगों को लुभा रही है। दुकानों पर ड्राई फ्रूट, पिस्ता, नारियल, इलायची और चोको-गज्जक जैसी वैरायटी खूब बिक रही हैं। इसके बावजूद शुद्ध तिल और गुड़ से बनी देसी गज्जक और रेवड़ी का स्वाद हर उम्र के लोगों की पसंद में सबसे ऊपर है। बजाजा बाजार स्थित लाला किशन चंद गंगा सरन के सुधांशु अग्रवाल बताते हैं कि उनके यहां बनी मिठाइयां देश के अलग-अलग राज्यों के साथ-साथ विदेशों में भी भेजी जाती हैं। पाकिस्तान में भी मेरठ की गज्जक की अच्छी खासी मांग है। राम चंद्र सहाय के संचालक सचिन तोमर के अनुसार, उनके यहां देसी घी में तैयार की गई रेवड़ी-गज्जक विदेशों तक पहुंचती है। ऑनलाइन ऑर्डर भी आते हैं।
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ऑनलाइन ऑर्डर और गिफ्ट पैक का ट्रेंड
स्थानीय बाजारों के साथ-साथ अब ऑनलाइन ऑर्डरों में भी तेजी आ गई है। त्योहारों के बाद भी पूरे सर्दी के मौसम में इन देसी मिठाइयों की मांग बनी रहती है। दुकानदारों ने खास पैकिंग और आकर्षक गिफ्ट पैक तैयार किए हैं, जिन्हें शादियों, त्योहारों और मेहमानों के स्वागत के लिए खूब पसंद किया जा रहा है।
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