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7186 मृत किसानों का गन्ना डाल रहे थे माफिया

Mon, 30 Sep 2019 02:12 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 30 Sep 2019 02:12 AM IST
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fraud in sugarcane quata
fraud in sugarcane quata
मेरठ।
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गन्ना विभाग में पारदर्शिता लाने के तमाम दावों पर गन्ना माफिया, जुगाड़बाज किसान व विभागीय कर्मचारी पानी फेर रहे हैं। शुगर मिलों को गन्ना आवंटित करने के लिए कराए गए सर्वे में मंडल के 7186 मृत किसानों के नाम पर गन्ना डाला जाना मिला। इतना ही नहीं 1203 भूमिहीन गन्ना किसान बने मिले। 1254 किसानों के डबल बांड चलते पाए गए। 1899 किसानों के पास बढ़ा रकबा मिला। इन सब आंकड़ों ने गन्ना विभाग के दावों को खोखला साबित कर दिया है।
गन्ना विभाग द्वारा संचालित गन्ना विकास समितियां शुगर मिल और किसान के बीच सेतु का काम करती हैं। गन्ना एक्ट के मुताबिक प्रदेश के किसान शुगर मिलों को सीधे गन्ना ना देकर समिति के माध्यम से गन्ना आपूर्ति करते हैं। इसके लिए किसानों को फीस देकर गन्ना विकास समिति का सदस्य बनना पड़ता है। समिति अपने सदस्यों को गन्ना आपूर्ति करने के लिए बांड (अनुबंध पत्र) जारी करती है। इसके आधार पर किसान अपना गन्ना मिल को सप्लाई करते हैं। गन्ना माफिया और रसूखदार किसान समिति व मिल कर्मचारियों की मिलीभगत से बांड में खेल कराते हैं। मंडल के किसान हर साल वास्तविक रकबे से ज्यादा रकबा होने, कुछ किसानों के डबल बांड होने और मृतक किसानोें के भी बांड चलने की शिकायत करते रहे हैं। मेरठ परिक्षेत्र के उप गन्ना आयुक्त राजेश मिश्र ने शिकायतों को देखते हुए रकबे और बांड की जांच कराई थी। इसमें चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
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3000 हेक्टेयर रकबा फर्जी
जांच में 7186 मृत किसानों के बांड चलते मिले। ये बांड पर कई सालों से पर्ची जा रही थी। गन्ना विभाग ने गन्ना रकबा की सही तस्वीर जानने के लिए किसानों की खसरा और खतौनी की जांच राजस्व विभाग से कराई थी। जांच में मंडल के 1899 किसानों के पास वास्तविक रकबे से 3000 हेक्टेयर रकबा अधिक मिला।
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कम रकबे में दोगुनी पर्ची
मंडल में 1254 किसानों के डबल बांड मिले हैं। ये बांड फर्जीवाड़ा करके बनवाए गए थे। इसमें विभाग के कर्मचारी भी शामिल रहे हैं। एक ही किसान के नाम में कुमार और सिंह आदि लगाकर डबल बांड बनाए गए थे। डबल बांड से किसान की कम रकबे में ही दोगुनी पर्ची हो जाती है। इससे वह समय से पहले ही अपना गन्ना डालकर अलग हो जाता है। बची हुई पर्चियां गन्ना माफिया के काम आती हैं।

सर्वे के दौरान सामने आए आंकड़े
जिला फर्जी किसान डबल बांड वाले किसान भूमिहीन किसान मृत किसान
मेरठ 183 425 508 3213
बागपत 00 480 462 2545
गाजियाबाद 00 00 03 27
हापुड़ 00 61 02 495
बुलंदशहर 24 288 228 906
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मेरठ क्षेत्र 207 1254 1203 7186
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क्या कहते हैं अधिकारी
किसानों के भू अभिलेखों की वास्तविक जानकारी के लिए राजस्व विभाग से जांच कराई गई थी। इसमें 3000 हेक्टेयर रकबा फर्जी मिला। जांच में 7186 मृत किसानों के बांड चलते मिले। रिकार्र्ड को दुरुस्त करा दिया गया है। ऐसे मामले मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। -राजेश मिश्र, उप गन्ना आयुक्त मेरठ परिक्षेत्र
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