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पश्चिमी यूपी के इन कॉलेजों की खुली पोल, छात्रवृत्ति से समाज का नहीं अपना कर रहे 'कल्याण'

Wed, 17 Apr 2019 12:41 PM IST
कपिल kapil दीपक भारद्वाज, अमर उजाला, मेरठ
दीपक भारद्वाज, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Wed, 17 Apr 2019 12:41 PM IST
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Fraud in scholarship in many colleges at Meerut, the case has been open after the action
समाज कल्याण अधिकारी मो. मुश्ताक के कॉलेज निरीक्षण में खुली पोल - फोटो : अमर उजाला

मेरठ जिले के कई कॉलेज समाज कल्याण विभाग को चूना लगा रहे हैं। एक महीने में दूसरी बार ऐसे कॉलेजों का खुलासा हुआ है। समाज कल्याण अधिकारी मोहम्मद मुश्ताक अहमद ने पांच कॉलेजों का औचक निरीक्षण किया तो सामने आया कि कक्षाएं तो बंद हैं। लेकिन छात्रवृत्ति लगातार बंट रही है। 457 छात्र-छात्राओं के बजाय केवल 21 ही मौजूद मिले। सामने आया कि समाज कल्याण विभाग से मिलने वाली छात्रवृत्ति में गोलमाल कर कॉलेज संचालक समाज के बजाय अपना ही कल्याण करने में लगे हैं। इन सभी कॉलेजों के प्रशासन को नोटिस जारी कर दिए गए हैं। 

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यहां किया निरीक्षण
समाज कल्याण अधिकारी के अनुसार सोमवार को हापुड़ बाईपास स्थित गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज, एसकेडी कॉलेज ऑफ एजुकेशन, अंबरीश शर्मा कॉलेज ऑफ एजुकेशन हापुड़ रोड, एनकेबीआर कॉलेज ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज, डीएवी कॉलेज खरखौदा का निरीक्षण किया गया। इनमें अनियमितताएं मिलने पर नोटिस जारी कर तुरंत जवाब देने के लिए आदेशित किया गया है।
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97 में से सिर्फ दो छात्राएं मिलीं
एसकेडी कॉलेज ऑफ एजुकेशन कॉलेज में एससी जाति के 97 छात्र-छात्राओं में से सिर्फ दो छात्राएं ही उपस्थित पाईं गईं। इस कॉलेज को भी काली सूची में शामिल कराने के लिए निदेशालय को लिखा जाएगा। हापुड़ रोड स्थित फफूंडा में एनकेबीआर कॉलेज में अनियमितता पाईं गई। यहां विभिन्न कोर्स के 40 छात्रों के आवेदन छात्रवृत्ति के लिए थे। यहां सिर्फ 16 छात्र ही उपस्थित मिले। इसमें बीफार्मा प्रथम वर्ष के दो, द्वितीय वर्ष के पांच, तृतीय वर्ष के तीन, चतुर्थ वर्ष के चार और पैरामेडिकल डिप्लोमा के दो छात्र ही मिले। 
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103 की छात्रवृत्ति, न शिक्षक और न छात्र
हापुड़ बाईपास स्थित गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज में निरीक्षण के दौरान एक भी छात्र और शिक्षक मौजूद नहीं मिला। इस कॉलेज में अनुसूचित जाति के 103 छात्र-छात्राओं का डाटा प्रमाणित है और इनकी छात्रवृत्ति ली जा रही है। लेकिन समाज कल्याण अधिकारी के निरीक्षण में पोल खुलने से कॉलेज प्रशासन संतोषजनक जवाब नहीं दे सका।

27 मार्च को ये कॉलेज पकड़े गए
27 मार्च को भी समाज कल्याण अधिकारी के निरीक्षण में ऐसे ही कई कॉलेज की पोल खुली थी। इनमें मवाना रोड स्थित एआर कॉलेज, महालक्ष्मी डिग्री कॉलेज, कृष्णा इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के खाते सीज किए गए थे। 

- 457 छात्र-छात्राओं को जा रही समाज कल्याण विभाग से छात्रवृत्ति
- 05 कॉलेजों के निरीक्षण में केवल 21 छात्र-छात्राएं ही मौजूद मिले
- 02 कॉलेजों की कक्षाओं में लगा मिला ताला, तीन कॉलेजों में मिले विद्यार्थी

लटके मिले ताले
हापुड़ रोड स्थित अंबरीश शर्मा कॉलेज ऑफ एजुकेशन का हाल भी बेहाल मिला। यहां से 49 छात्रों की छात्रवृत्ति ली जा रही है। लेकिन कक्षाओं में ताले लटके मिले। वहां कोई छात्र और अध्यापक नहीं था। इस कॉलेज को काली सूची में शामिल कराने के लिए निदेशालय को पत्र लिखा जाएगा। 

168 में से सिर्फ तीन छात्राएं
डीएवी कॉलेज में एससी जाति के बीबीए, बीसीए, बीए, बीएड कोर्स के 168 छात्रों की छात्रवृत्ति ली जा रही है। निरीक्षण में सिर्फ तीन छात्राएं ही मिलीं। इनके खिलाफ भी कार्रवाई के लिए शासन को लिखा जाएगा।

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