फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Fraud in consolidation department and DM ordered action against officers at Muzaffarnagar

एक्सक्लूसिव: जमीन की नपाई में बड़ा 'खेल', डीएम ने अधिकारियों के खिलाफ दिए कार्रवाई के आदेश

Tue, 10 Sep 2019 03:36 AM IST
कपिल kapil रणवीर सैना, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
रणवीर सैना, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Published by: कपिल kapil Updated Tue, 10 Sep 2019 03:36 AM IST
विज्ञापन
Fraud in consolidation department and DM ordered action against officers at Muzaffarnagar
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : डेमो

चकबंदी विभाग में एक नया खेल उजागर होने से खलबली मच गई है। चकबंदी विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने गांव अटाली में जमीन की पैमाईश में कुछ किसानों को लाभ पहुंचा दिया और कुछ को नुकसान पहुंचा दिया। कई किसानों को अधिक जमीन दे दी और कुछ की जमीन पैमाईश में कम कर दी। शिकायत के बाद जांच हुई तो पूरा मामला सामने आया। प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए दो एसीओ, एक कानूनगो और तीन लेखपालों के खिलाफ डीएम ने विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए हैं। इसके लिए अलग से जांच अधिकारी भी नियुक्त किए गए हैं। 

विज्ञापन


मुजफ्फरनगर जनपद में बघरा ब्लॉक के गांव अटाली में लंबे समय तक चली चकबंदी प्रक्रिया के बाद वर्ष 2016 में इसे पूरा किया गया। चकबंदी विभाग के अधिकारियों ने मौके पर जाकर किसानों की जमीनों की पैमाईश की। पैमाईश होने के बाद से ही कुछ किसानों को यह शक था कि उनकी जमीन नपाई में कम कर दी गई है और इसका लाभ सटे हुए दूसरे किसानों को दे दिया गया। गांव में चकबंदी के सेक्टर सात, आठ और नौ में यह समस्या सामने आई। किसानों ने अपने तरीके से जमीन की पैमाईश कराई तो वह कम निकली। मामला धीरे-धीरे जोर पकड़ता गया।
विज्ञापन


वहीं डीएम सेल्वा कुमारी जे के सामने अटाली गांव के कुछ किसानों ने यह मामला रखा तो उन्होंने एडीएम प्रशासन अमित सिंह को जांच सौंपी। एडीएम की देखरेख में सीओ चकबंदी संजय शर्मा ने पूरे मामले की जांच की। जांच में शिकायत सही पाई गई और कुछ किसानों की जमीन मौके पर अधिक और कुछ की कम मिली। सीओ की जांच के आधार पर एडीएम ने रिपोर्ट डीएम को सौंपी। डीएम सेल्वा कुमारी जे ने चकबंदी के दौरान गलत पैमाईश करने में एसीओ सदर ब्रजपाल सैनी, एसीओ चरथावल राजेश कुमार, कानूनगो विक्रम सिंह, लेखपाल धोकरण लाल शाह, राकेश मौर्य और देवेंद्र शर्मा को पृथम दृष्टया दोषी माना। ब्रजपाल सैनी, राजेश कुमार, विक्रम सिंह, धोकरणलाल शाह, राकेश मौर्य के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। देवेंद्र शर्मा से स्पष्टीकरण मांगा गया है। डीएम के आदेश से चकबंदी विभाग में हड़कंप मचा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: इलेक्ट्रॉनिक टिकट मशीनों की सच्चाई जान चौंक गए अफसर, लगाया जा रहा प्रदेश सरकार को चूना

जांच अधिकारी नामित किए
बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि पूरे मामले की गहनता से जांच करने और दोषियों पर कार्रवाई तय करने के लिए जांच अधिकारी नामित किए गए हैं। सीओ चकबंदी को जांच सौंपी गई है। अभिलेखों में कोई हेराफेरी नहीं हुई है। केवल पैमाईश में गलती सामने आ रही है। इसलिए विस्तृत जांच होगी। 

यह भी पढ़ें: नकली पेट्रोल-डीजल का खेल: जमीन के नीचे टैंकों में दबा था गरीबों के घर रोशन करने वाला तेल

बागपत, मेरठ के डीएम को भी लिखा पत्र
चकबंदी के खेल में जो लेखपाल, कानूनगो और एसीओ दोषी पाए गए हैं, इनमें दो की पोस्टिंग जिले से बाहर है। इनमें एक लेखपाल राकेश मौर्य मेरठ और दूसरा धोकरणलाल शाह बागपत में हैं। डीएम सेल्वा कुमारी जे ने इन दोनों पर कार्रवाई के लिए डीएम मेरठ और डीएम बागपत को पत्र लिखा है। पत्र के साथ इनके खिलाफ हुई जांच की रिपोर्ट लगाई गई है।

नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें


https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed