{"_id":"60b8fbeaab8f1c743c493ecc","slug":"four-years-old-died-after-dogs-scratched-while-he-was-playing-on-farms-in-sardhana-meerut","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेरठ : सरधना में कुत्तों ने मासूम को नोंचा, खेत पर लहूलुहान मिला बच्चा, इलाज के दौरान मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेरठ : सरधना में कुत्तों ने मासूम को नोंचा, खेत पर लहूलुहान मिला बच्चा, इलाज के दौरान मौत
Thu, 03 Jun 2021 09:27 PM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Thu, 03 Jun 2021 09:27 PM IST
सार
परिजन मासूम को गंभीर हालत में रूहासा में एक प्राईवेट चिकित्सक के पास लेकर पहुंचे, जहां उसे मृत घोषित कर दिया।
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मेरठ के सरधना में गुरुवार को चकबंदी गांव में खुंखार कुत्तों ने एक चार वर्षीय मासूम को नोंचकर मौत के घाट उतार दिया। चकबंदी गांव में गुरुवार सुबह अपने पिता के संग खेत पर गए चार वर्षीय मासूम को नजर बचते ही खूंखार कुत्तों ने अपना निवाला बना डाला।
विज्ञापन
पिता की नजर उस पर पड़ी तो बच्चे की सांस चल रही थीं। उसे रूहासा में एक प्राईवेट चिकित्सक के यहां लेकर पहुंचे, जहां बच्चे को मृत घोषित कर दिया। इकलौते पुत्र की मौत पर परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने गमगीन हालात में बच्चे का अंतिम संस्कार कर दिया।
विज्ञापन
चकबंदी गांव निवासी मुकेश (35) पुत्र मनवीर गुरुवार सुबह खेत में काम करने गया था। उसके साथ चार वर्षीय बेटा दीपांशु भी था। मुकेश ईंख के खेत में जुताई करने लगा। इसी बीच उसकी आंखों से दीपांशु ओझल हो गया। खेत का काम निपटा मुकेश घर के लिए चल दिया।
विज्ञापन
उसे दीपांशु की याद आई तो तलाश शुरू की। उसने देखा कि खेत में कुछ कुत्तों का मुंह खून से सना है। उसने व खेतों में काम कर रहे अन्य लोगों ने पास जाकर देखा तो वह उसके मासूम बच्चे को ही अपना निवाला बनाए हुए थे। तब तक दीपांशु की हालत खराब हो चुकी थी, लेकिन कुछ सांसें चल रही थी।
परिजन उसे गंभीर हालत में रूहासा में एक प्राईवेट चिकित्सक के पास लेकर पहुंचे, जहां उसे मृत घोषित कर दिया। मासूम दीपांशु का शव घर पहुंचा तो उसकी दो बड़ी बहनों व मां का रोकर बुरा हाल हो गया। दीपांशु, मुकेश का इकलौता पुत्र था। ग्राम प्रधान अनिल ने इसे दुखद घटना बताते हुए खेद व्यक्त किया।