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दस हजार अपात्रों को बांट दिया चार हजार क्विंटल राशन
Sat, 20 Nov 2021 11:27 PM IST
मेरठ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 20 Nov 2021 11:27 PM IST
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बड़ौत (बागपत)। प्रदेश में बागपत सहित 26 जिलों में दस हजार अपात्र कार्डधारकों को करीब चार हजार क्विंटल राशन बांट दिया गया। बांटे गए राशन की कीमत करीब 80 लाख रुपये बताई जा रही है। तीन साल पहले काटे गए अपात्रों के नाम पीओएस मशीन में अपडेट नहीं किए जाने के कारण यह धांधली होती रही। शासन ने इसे गंभीरता से लिया और एसआईटी बनाकर इसकी जांच शुरू करा दी है। एसआईटी ने बागपत से जांच शुरूआत की है और इसके बाद शामली, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, सहारनपुर, मेरठ सहित अन्य 25 जिलों में जाकर जांच करेगी।
मामला वर्ष 2019 के सितंबर और अक्तूबर माह का है। आपूर्ति विभाग ने जांच में अपात्र पाए जाने पर बागपत के 108 राशन कार्ड काटे थे। अन्य 25 जनपदों मेें भी इसी तरह जांच कर तकरीबन दस हजार अपात्र लोगों के राशन कार्ड काटे गए। काटे गए राशन कार्ड की रिपोर्ट सरकारी वेबसाइट एनआईसी (नेशनल इनफोरमेटिक्ससेंटर) पर अपलोड करने के निर्देश दिए थे। साथ ही पीओएस मशीन में अपडेट के लिए निर्माता कंपनी आर्मी इन्फोटेक के अधिकारियों को दी थी। लेकिन इन्हें अपडेट नहीं किया गया। संवाद
इन जनपदों में हुआ वितरण
बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर, हाथरस, रामपुर, संभल, अलीगढ़, कासगंज, सहारनपुर, गाजियाबाद, हापुड़, मुरादाबाद, फिरोजाबाद, मेरठ, बदायूं, पीलीभीत, मैनपुरी, आगरा, गौतमबुद्धनगर, अमरोहा, बिजनौर, एटा, मथुरा, बुलंदशहर, बरेली, शाहजहांपुर शामिल है।
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निर्धारित समय में मशीनें नहीं हुई अपडेट
हर माह की एक से चार तारीख तक पीओएस मशीनों को अपडेट करने का समय निर्धारित है। इसके बाद पांच तारीख से राशन वितरण शुरू होता है, जो 15 तक चलता था। इसके बाद 20 तारीख से राशन शुरू होता है जो 30 तारीख तक चलता है। हैरानी की बात यह है कि वर्ष 2019 के सितंबर और अक्तूबर माह में मशीनों को अपडेट नहीं किया गया। कंपनी के अधिकारी सर्वर डाउन होने की बात कर रहे है। मगर, एक या दो या फिर तीन से चार दिनों तक सर्वर डाउन रह सकता है, दो माह तक सर्वर डाउन रहने की बात हजम नहीं हो रही है।
ऐसे पकड़ में आया मामला
वर्ष 2019 में तहसील मेें तैनात आपूर्ति निरीक्षक राहुल पटेल ने बताया कि पात्र लोगों ने राशन न मिलने की शिकायत सीएम पोर्टल पर की गई थी। इसके बाद शासन ने जांच कराई तो अपात्र लोगों का डाटा अपलोड मिला। तभी तत्काल प्रभाव से काटे गए कार्डों को मशीनों से हटाते हुए अपडेट कर दिया गया था। मगर, वर्ष 2020 में कोरोना काल के चलते गांव-गांव जांच करना संभव नहीं था। इसलिए अब टीम प्रत्येक जिलों में जाकर जांच कर रही है।
एसआईटी गंभीरता से कर रही जांच
क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि एसआईटी अपनी जांच गोपनीय रखती है। जिस जनपद में टीम जांच करने के लिए जाती है, वहां संबंधित विभाग के अफसरों से कुछ घंटे पहले ही संपर्क करती है, ताकि जांच किसी तरह भी प्रभावित ना हो। बाद में टीम संबंधित अधिकारियों से मिलती है और बिना बताए जांच स्थल पर पहुंच जाती है।
-पूर्व में हुई जांच के बागपत से 108 अपात्र लोगों के राशन कार्ड काटे गए थे। पीओएस मशीन की कंपनी आर्मी इन्फोटेक कंपनी को इसकी लिस्ट देकर अपडेट करने के लिए कहा गया था। इसके बावजूद मशीनें अपडेट नहीं की गई और राशन वितरण कर दिया गया। शासन स्तर से इसकी जांच करने के लिए लखनऊ से एसआईटी बागपत आई थी, जो हाल ही मेें जांच कर लौटी है। - कृष्ण बल्लभ सिंह, जिला आपूर्ति अधिकारी।
-कई बार सर्वर डाउन होने की वजह से मशीन का डाटा अपडेट नहीं हो पाता। इस वजह से राशन कार्ड अपडेट नहीं हुए होंगे। - आसिफ खान, सिस्टम इंटीग्रेटर आफिसर, आर्मी इन्फोटेक कंपनी।
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मामला वर्ष 2019 के सितंबर और अक्तूबर माह का है। आपूर्ति विभाग ने जांच में अपात्र पाए जाने पर बागपत के 108 राशन कार्ड काटे थे। अन्य 25 जनपदों मेें भी इसी तरह जांच कर तकरीबन दस हजार अपात्र लोगों के राशन कार्ड काटे गए। काटे गए राशन कार्ड की रिपोर्ट सरकारी वेबसाइट एनआईसी (नेशनल इनफोरमेटिक्ससेंटर) पर अपलोड करने के निर्देश दिए थे। साथ ही पीओएस मशीन में अपडेट के लिए निर्माता कंपनी आर्मी इन्फोटेक के अधिकारियों को दी थी। लेकिन इन्हें अपडेट नहीं किया गया। संवाद
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इन जनपदों में हुआ वितरण
बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर, हाथरस, रामपुर, संभल, अलीगढ़, कासगंज, सहारनपुर, गाजियाबाद, हापुड़, मुरादाबाद, फिरोजाबाद, मेरठ, बदायूं, पीलीभीत, मैनपुरी, आगरा, गौतमबुद्धनगर, अमरोहा, बिजनौर, एटा, मथुरा, बुलंदशहर, बरेली, शाहजहांपुर शामिल है।
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निर्धारित समय में मशीनें नहीं हुई अपडेट
हर माह की एक से चार तारीख तक पीओएस मशीनों को अपडेट करने का समय निर्धारित है। इसके बाद पांच तारीख से राशन वितरण शुरू होता है, जो 15 तक चलता था। इसके बाद 20 तारीख से राशन शुरू होता है जो 30 तारीख तक चलता है। हैरानी की बात यह है कि वर्ष 2019 के सितंबर और अक्तूबर माह में मशीनों को अपडेट नहीं किया गया। कंपनी के अधिकारी सर्वर डाउन होने की बात कर रहे है। मगर, एक या दो या फिर तीन से चार दिनों तक सर्वर डाउन रह सकता है, दो माह तक सर्वर डाउन रहने की बात हजम नहीं हो रही है।
ऐसे पकड़ में आया मामला
वर्ष 2019 में तहसील मेें तैनात आपूर्ति निरीक्षक राहुल पटेल ने बताया कि पात्र लोगों ने राशन न मिलने की शिकायत सीएम पोर्टल पर की गई थी। इसके बाद शासन ने जांच कराई तो अपात्र लोगों का डाटा अपलोड मिला। तभी तत्काल प्रभाव से काटे गए कार्डों को मशीनों से हटाते हुए अपडेट कर दिया गया था। मगर, वर्ष 2020 में कोरोना काल के चलते गांव-गांव जांच करना संभव नहीं था। इसलिए अब टीम प्रत्येक जिलों में जाकर जांच कर रही है।
एसआईटी गंभीरता से कर रही जांच
क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि एसआईटी अपनी जांच गोपनीय रखती है। जिस जनपद में टीम जांच करने के लिए जाती है, वहां संबंधित विभाग के अफसरों से कुछ घंटे पहले ही संपर्क करती है, ताकि जांच किसी तरह भी प्रभावित ना हो। बाद में टीम संबंधित अधिकारियों से मिलती है और बिना बताए जांच स्थल पर पहुंच जाती है।
-पूर्व में हुई जांच के बागपत से 108 अपात्र लोगों के राशन कार्ड काटे गए थे। पीओएस मशीन की कंपनी आर्मी इन्फोटेक कंपनी को इसकी लिस्ट देकर अपडेट करने के लिए कहा गया था। इसके बावजूद मशीनें अपडेट नहीं की गई और राशन वितरण कर दिया गया। शासन स्तर से इसकी जांच करने के लिए लखनऊ से एसआईटी बागपत आई थी, जो हाल ही मेें जांच कर लौटी है। - कृष्ण बल्लभ सिंह, जिला आपूर्ति अधिकारी।
-कई बार सर्वर डाउन होने की वजह से मशीन का डाटा अपडेट नहीं हो पाता। इस वजह से राशन कार्ड अपडेट नहीं हुए होंगे। - आसिफ खान, सिस्टम इंटीग्रेटर आफिसर, आर्मी इन्फोटेक कंपनी।