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बिगड़ती जा रही स्थिति : मेरठ में ब्लैक फंगस के चार और मरीज मिले, अब तक 16 में पुष्टि, लापरवाही कर रहे अस्पताल
Sun, 16 May 2021 02:54 PM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Sun, 16 May 2021 02:54 PM IST
सार
सर्विलांस अधिकारी डॉ. अशोक तालियान ने बताया कि अस्पताल ब्लैक फंगस के मरीजों की जानकारी देने में लापरवाही कर रहे हैं। जानकारी नहीं देने वाले अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी
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ब्लैक फंगस
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
मेरठ में ब्लैक फंगस के शनिवार को मेरठ में चार और नए मरीज मिले। इनमें तीन आनंद और एक आर्यव्रत अस्पताल में मिला है। इन अस्पतालों में भर्ती दूसरे मरीजों के परिजन डरे हुए हैं। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि ब्लैक फंगस वाले मरीजों को अलग वार्ड में रखा जा रहा है। प्रतिदिन इस बीमारी के मरीज बढ़ते जा रहे हैं, इससे लोगों में दहशत का माहौल है।
मेरठ के अस्पतालों में शुक्रवार रात तक ब्लैक फंगस के 12 मरीज आ चुके थे। इनमें से दो की मौत हो गई। कई मरीज दिल्ली के अस्पतालों में रेफर कर दिए गए हैं। सात मरीजों का अभी भी मेरठ में इलाज चल रहा है। इनमें तीन न्यूटिमा में और तीन मेडिकल कॉलेज में भर्ती हैं।
तीन नए मरीजों की पुष्टि शनिवार को आनंद अस्पताल में हुई, लेकिन शाम तक भी इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को नहीं दी गई। जब अधिकारियों को तीनों मरीजों के ऑपरेशन की जानकारी मिली तो सूचना अपडेट कराई गई।
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मेरठ के अस्पतालों में शुक्रवार रात तक ब्लैक फंगस के 12 मरीज आ चुके थे। इनमें से दो की मौत हो गई। कई मरीज दिल्ली के अस्पतालों में रेफर कर दिए गए हैं। सात मरीजों का अभी भी मेरठ में इलाज चल रहा है। इनमें तीन न्यूटिमा में और तीन मेडिकल कॉलेज में भर्ती हैं।
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तीन नए मरीजों की पुष्टि शनिवार को आनंद अस्पताल में हुई, लेकिन शाम तक भी इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को नहीं दी गई। जब अधिकारियों को तीनों मरीजों के ऑपरेशन की जानकारी मिली तो सूचना अपडेट कराई गई।
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सर्विलांस अधिकारी डॉ. अशोक तालियान ने बताया कि अस्पताल जानकारी देने में लापरवाही कर रहे हैं। जानकारी नहीं देने वाले अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होेंने कहा कि ब्लैक फंगस के मरीजों की संख्या तुरंत दें, ताकि शासन को अपडेट कराया जा सके। जिससे मरीजों को उचित उपचार दिलाया जा सके।
आनंद अस्पताल में भर्ती तीनों मरीजों का ऑपरेशन करके फंगस वाले हिस्से को निकाला गया है। अस्पताल के वरिष्ठ ईएनटी सर्जन डॉ. पुनीत भार्गव के साथ डॉ. संजय अग्रवाल, डॉ. एनपी सिंह व डॉ. अजय गुप्ता की टीम ने ऑपरेशन किया। न्यूटिमा में भी एक मरीज का ऑपरेशन हुआ है।
लंबी होती जा रही चेन
शनिवार को जो चार मरीज मिले हैं, वह सभी मेरठ के रहने वाले हैं। अभी तक मुजफ्फरनगर और सहारनपुर के मामले आ रहे थे, लेकिन अब मेरठ में भी इनकी संख्या बढ़ने लगी। डॉक्टरों के मुताबिक जो मरीज कोरोना से ठीक होकर लंबे समय तक अस्पताल में रहकर जा रहे हैं, उनमें भी ये संक्रमण सामने आ रहा है।
आनंद अस्पताल में भर्ती तीनों मरीजों का ऑपरेशन करके फंगस वाले हिस्से को निकाला गया है। अस्पताल के वरिष्ठ ईएनटी सर्जन डॉ. पुनीत भार्गव के साथ डॉ. संजय अग्रवाल, डॉ. एनपी सिंह व डॉ. अजय गुप्ता की टीम ने ऑपरेशन किया। न्यूटिमा में भी एक मरीज का ऑपरेशन हुआ है।
लंबी होती जा रही चेन
शनिवार को जो चार मरीज मिले हैं, वह सभी मेरठ के रहने वाले हैं। अभी तक मुजफ्फरनगर और सहारनपुर के मामले आ रहे थे, लेकिन अब मेरठ में भी इनकी संख्या बढ़ने लगी। डॉक्टरों के मुताबिक जो मरीज कोरोना से ठीक होकर लंबे समय तक अस्पताल में रहकर जा रहे हैं, उनमें भी ये संक्रमण सामने आ रहा है।
चिकित्सकों के मुताबिक ये संक्रमण त्वचा से शुरू होकर शरीर के अन्य भागों में फैल सकता है। उपचार के समय मृतक और संक्रमित ऊतकों को हटाने के लिए सर्जरी की जाती है। इससे बचने के लिए सामान्य व्यक्ति दिन में दो बार ब्रश करें। पानी की बोतल प्रतिदिन साफ की जाए। मरीज अगर होश में है तो हर दिन मुंह साफ करें। होश में न रहने की स्थिति में डेमिकल माउथ पेंट डालकर मुंह साफ किया जा सकता है।
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. तनुराज सिरोही बताते हैं कि ब्लैक फंगस से बचना है तो ऑक्सीजन ही नहीं, बल्कि दिन में दो बार शुगर लेवल जरूर चेक करें। ब्लैक फंगस अनकंट्रोल शुगर वाले मरीजों को सबसे ज्यादा शिकार बना रहा है।
ब्लैक फंगस का खतरा कोविड और नॉन कोविड दोनों ऐसे मरीजों को है, जिनका शुगर लेवल अनकंट्रोल चल रहा है। कोविड मरीजों को तो बेहद सतर्कता की जरूरत है। अगर शुगर लेवल बिगड़ा तो ब्लैक फंगस चपेट में ले लेगा, क्योंकि ये पहले से ही वातावरण में मौजूद है।
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. तनुराज सिरोही बताते हैं कि ब्लैक फंगस से बचना है तो ऑक्सीजन ही नहीं, बल्कि दिन में दो बार शुगर लेवल जरूर चेक करें। ब्लैक फंगस अनकंट्रोल शुगर वाले मरीजों को सबसे ज्यादा शिकार बना रहा है।
ब्लैक फंगस का खतरा कोविड और नॉन कोविड दोनों ऐसे मरीजों को है, जिनका शुगर लेवल अनकंट्रोल चल रहा है। कोविड मरीजों को तो बेहद सतर्कता की जरूरत है। अगर शुगर लेवल बिगड़ा तो ब्लैक फंगस चपेट में ले लेगा, क्योंकि ये पहले से ही वातावरण में मौजूद है।