सीसीएसयू कैंपस में नए विषयों के लिए 12.80 करोड़ से तैयार होंगे चार विभाग
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सीसीएसयू कैंपस के विधि अध्ययन संस्थान, विष विज्ञान, वाणिज्य विभाग एवं प्रबंधन विभाग में पिछले वर्षों में कई नए पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं। जिस कारण इन विभागों में दो से तीन गुना छात्रों की संख्या बढ़ गई है। विधि अध्ययन संस्थान की बात करें तो यहां पर बीए-एलएलबी और एलएलएम के लिए भवन विस्तार की मांग हो रही थी। इसके साथ ही पांच वर्षीय बीकॉम-एलएलबी पाठ्यक्रम शुरू करने पर भी विचार चल रहा है।
कार्य परिषद की बैठक में इन विभागों के भवन विस्तार का निर्णय लिया गया। इसमें क्षेत्रफल के हिसाब से विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं से अनुमानित आकलन कराया गया। जिसमें उत्तर प्रदेश कंस्ट्रक्शन एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलेपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड निर्माण इकाई लिमिटेड मेरठ, उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद निर्माण इकाई गाजियाबाद और उत्तर प्रदेश प्रोजेक्टस कारपोरेशन लिमिटेड निर्माण इकाई मेरठ ने अलग-अलग अनुमानित आकलन दिया।
इसमें सबसे कम 12 करोड़ 82 लाख 70 हजार रुपये में काम करने के लिए उत्तर प्रदेश कंस्ट्रक्शन एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलेपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड निर्माण इकाई लिमिटेड मेरठ को टेंडर देने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई।
इसके अलावा बृहस्पति भवन में होने वाले कार्यक्रमों के उपरांत जलपान आदि के लिए की व्यवस्था हेतु एक टीन शेड का हॉल बनाये जाने का भी निर्णय लिया गया। कार्य परिषद की बैठक में इस प्रस्ताव पर लगी मुहर, विधि अध्ययन, विष विज्ञान, एमबीए और बीकॉम ऑनर्स विभाग में होना है भवन निर्माण
मूटा के विवाद पर तीन सदस्यीय समिति देगी रिपोर्ट
मूटा को लेकर शिक्षकों में चल रहे विवाद पर बैठक में तीन सदस्यों की जांच समिति बना दी गई है। समिति में प्रो. एचएस सिंह, प्रो. वाई विमला एवं प्रो. पीके वार्ष्णेय होंगे। ये समिति मूटा को लेकर निर्णय देगी कि कौन सा संगठन काम करेगा। बता दें कि मूटा को लेकर काफी दिनों से विवाद चल रहा था। शिक्षकों के दो गुट अपने को असली मूटा कह रहे हैं। कमेटी जल्द ही रिपोर्ट देगी।
दूसरे कई एजेंडों पर लगी मुहर
28 अगस्त और 23 सितंबर को संपन्न हुई कार्य परिषद की बैठकों के कार्यवृत्त की संपुष्टि की गई। शोध अनुभाग द्वारा प्राप्त सात शोध छात्रों को शोध उपाधि प्रदान किए जाने की संस्तुति प्रदान की गई। कृष्णा कॉलेज ऑफ लॉ, कमालपुर, सहारनपुर के प्रत्यावेदन में सत्र 2018-19 हेतु प्रवेश का अनुरोध किया गया था, जिसे कार्यपरिषद द्वारा निरस्त कर दिया गया। मायावती राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बादलपुर, गौतमबुद्ध नगर में बी.वॉक पाठ्यक्रम चलाए जाने का निर्णय लिया गया।
कैंपस के केंद्रीय पुस्तकालय में स्वीकृत पदों के सापेक्ष की गई नियुक्तियों मनोज कुमार, सुभाष चंद, विजयलक्ष्मी भारद्वाज एवं करन का स्थाईकरण किए जाने का निर्णय लिया गया। 31 अक्तूबर हुई वित्त समिति के कार्यवृत का भी अनुमोदन किया गया। शिक्षा विभाग में डॉ. गरिमा की नियुक्ति रद होने के बाद डॉ. संजीव कुमार को पांच अंक प्रदान नहीं करने का निर्णय लिया गया है।
अब इनकी जगह नई नियुक्ति की जा सकती है। इसके अलावा दो संस्थानों को बीएससी नर्सिंग एवं दो संस्थानों को बीएएमएम पाठ्यक्रम की संबद्धता विस्तारण किए जाने का निर्णय लिया गया। कार्यपरिषद द्वारा यह भी प्रस्ताव पारित किया गया कि आगामी सत्र 2019-20 के लिए संबद्धता संबंधी समस्त कार्य 31 मई 2019 तक पूर्ण कर लिए जाएंगे।
ये रहे शामिल
कुलपति प्रो. एनके तनेजा की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रति कुलपति प्रो. एचएस सिंह, प्रो. वाई विमला, प्रो. जितेंद्र ढाका, प्रो. भूपेंद्र सिंह, डॉ. एसके दत्ता, डॉ. पीके वार्ष्णेय, वित्त अधिकारी अवध नारायण एवं कुलसचिव ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव मौजूद रहे।
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