नागरिकता कानून: मुजफ्फरनगर में पीएफआई के चार सक्रिय सदस्य गिरफ्तार, मेरठ में 12 का चालान
मुज़फ्फरनगर के शहर कोतवाली पुलिस ने रविवार देर शाम को बुढाना मोड से पीएफआई के चार सक्रिय सदस्य फरमान, नफीस निवासी जसोई, मुस्तकीम निवासी भनवाड़ा और मोहम्मद इकबाल निवासी रियावली नगला को गिरफ्तार किया है। शहर इंस्पेक्टर अनिल कपरवान ने बताया कि 20 दिसंबर को शहर में सीएए के विरोध में हुए प्रदर्शन में इन्होंने ही हिंसा कराई थी। जिनसे पूछताछ की जा रही है पुलिस इस संबंध में आज दोपहर बाद को पीसी करेगी।
ईडी और एटीएस के इनपुट पर मेरठ में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के 12 लोगों पर कार्रवाई के मामले में नया मोड़ आया है। पुलिस ने पीएफआई के लोगों का शांति भंग में चालान किया है। आरोपियों को जमानत तो मिल गई। लेकिन पुलिस ने उनकी निगरानी शुरू कर दी है। बैंक की रिपोर्ट के बाद ही पुलिस अगली कार्रवाई करेगी।
20 दिसंबर को नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में मेरठ समेत कई जिलों में हिंसा हुई थी। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने खुलासा किया कि पीएफआई ने हिंसा के लिए करोड़ों रुपये की फंडिंग की थी। पीएफआई ने मेरठ में हिंसा कराने के लिए 12 लोगों के बैंक खातों में करोड़ों रुपये ट्रांसफर किए थे। इनमें से चार खातों में तीन करोड़ की पुष्टि हो चुकी है।
ईडी और एटीएस के इनपुट पर शनिवार रात पुलिस में पीएफआई से जुड़े 12 लोगों को गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि इन सभी का शांति भंग में चालान किया गया। रविवार को सभी को जमानत मिलना बताया गया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन लोगों का शांति भंग में चालान कर पुलिस ने कानूनी रूप से आरोपी बना लिया है, इसके चलते अब इनकी पुलिस निगरानी कर रही है। बैंक की रिपोर्ट आने के बाद इन लोगों को दोबारा से हिरासत में लेकर पूछताछ की जाएगी। सभी 12 लोगों के बैंक खातों की जानकारी जुटाई जा रही है। प्रत्येक आरोपियों के पास से पांच से आठ पास बुक मिली हैं।
शांतिभंग में हुआ चालान, सुबूतों को इकट्ठा करने की बात कह रही पुलिस
पीएफआई से जुड़े सभी लोगों पर कड़ी कार्रवाई होगी। सुरक्षा एजेंसियों के इनपुट पर पुलिस गंभीरता से जांच कर रही है। कोई भी आरोपी बच नहीं पाएगा। बैंकों से जांच रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। - अजय साहनी, एसएसपी