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समधी राना को सिम भिजवाने में पूर्व विधायक गाजी गिरफ्तार
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शाहनवाज राना, फाइल फोटो
- फोटो : संवाद
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। पूर्व विधायक शाहनवाज राना को जेल में सिम पहुंचाने के मामले में करीब आठ घंटे चली पूछताछ के बाद पुलिस ने बढ़ापुर के पूर्व विधायक मोहम्मद गाजी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के नोटिस के बाद गाजी थाने पहुंचे थे। धोखाधड़ी से सिम खरीदने की धारा भी बढ़ाई गई है।
सिम प्रकरण में नोटिस के बाद बुधवार को पूर्व विधायक गाजी दोपहर करीब एक बजे नई मंडी थाने पहुंचा था। एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत, सीओ रुपाली रॉय, थाना प्रभारी और मुकदमे के विवेचक ने पूर्व विधायक से जानकारी लेनी शुरू की। एसपी सिटी ने बताया कि पूर्व विधायक ने अपने नौकर के बेटे समीर के आधार कार्ड का दुरुपयोग कर सिम खरीदा।इस सिम को जेल में बंद पूर्व विधायक शाहनवाज राना तक पहुंचाया गया। जेल में चेकिंग के दौरान राना से मोबाइल बरामद हुआ था।
- यह था मामला
पिछले साल राना स्टील में चार दिसंबर को जीएसटी टीम पर हमले और महिला अधिकारी से छेड़छाड़ के मामले में पूर्व विधायक शाहनवाज राना को जेल भेजा गया था। दिसंबर 2024 को धोखाधड़ी का दूसरा मुकदमा दर्ज हुआ, जिसमें अभी तक जमानत नहीं मिली है। 25 मार्च 2025 को जेलर राजेश कुमार ने राना से मोबाइल बरामद किया था। मोबाइल प्रकरण के बाद राना को चित्रकूट भेजा गया। जांच में अब समधी मोहम्मद गाजी भी फंस गए हैं।
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- सिम में फंस गए समधी, गाजी से पूछे 100 सवाल, राना को राहत नहीं
मुजफ्फरनगर। पूर्व विधायक शाहनवाज राना को जेल में सिम पहुंचाने के मामले में पुलिस ने उनके समधी बिजनौर के बढ़ापुर सीट से पूर्व विधायक मोहम्मद गाजी पर शिकंजा कस दिया है। पुलिस के नोटिस के बाद नई मंडी थाने पहुंचे गाजी से करीब आठ घंटे लंबी पूछताछ के दौरान 100 सवाल पूछे गए। देर रात तक पुलिस की जांच जारी है। राना तक पहुंचाए गए सिम के मामले में पुलिस छानबीन कर रही है।
सिम प्रकरण में नोटिस के बाद बुधवार को आसपा नेता और पूर्व विधायक गाजी दोपहर करीब एक बजे नई मंडी थाने पहुंचा। एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत, सीओ रुपाली रॉय, थाना प्रभारी और मुकदमे के विवेचक ने पूर्व विधायक से जानकारी लेनी शुरू की।
देर रात तक सिम प्रकरण में पूछताछ जारी है। पुलिस ने अब तक 100 सवाल किए हैं, जिन पर आधे-अधूरे जवाब मिले हैं। पुलिस पूर्व विधायक की ओर से दिए गए जवाबों को तस्दीक कर रही है। उधर, हाईकोर्ट से पूर्व विधायक शाहनवाज राना को राहत नहीं मिली है।
- नौकर के बेटे के नाम से निकलवाया था सिम
पुलिस को पूछताछ में जानकारी मिली है कि पिछले साल दिसंबर में जीएसटी के छापे के बाद हुए प्रकरण में पूर्व विधायक शाहनवाज राना के परिवार के सदस्य बिजनौर गए थे। इसी दौरान मोहम्मद गाजी के नौकर के बेटे समीर के नाम से एक सिम निकलवाया गया। कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर निकलवाए गए सिम को बाद में जेल तक भिजवा दिया गया। पुलिस इस बात की जांच में जुटी है कि जेल के बाहर और अंदर इस सिम से किन लोगों से क्या-क्या बात की गई है। साजिश में और कौन लोग शामिल हैं।
- शाहनवाज राना को हाईकोर्ट से राहत न हीं
पूर्व विधायक शाहनवाज राना की जमानत पर बुधवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। लेकिन राना को जमानत नहीं मिली है। इसके अलावा अब गैंगस्टर का मुकदमा भी दर्ज हो चुका है। राना पांच दिसंबर 2024 से जेल में बंद हैं। वर्तमान में वह चित्रकूट जेल में बंद हैं। एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत का कहना है कि पूर्व विधायक शाहनवाज राना, उनके बेटे सहित पांच आरोपियों के खिलाफ सिविल लाइन थाने में गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज किया जा चुका है।
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इनसेट
अब तक इस मामले में नहीं मिली राहत
मुजफ्फरनगर। सहायक आयुक्त राज्य कर खंड आठ प्रदुम्मन चौधरी ने सिविल लाइन थाने में 8 दिसंबर 2024 को मुकदमा दर्ज कराया था कि सर्व श्री जम्बूदीप एक्सपोर्ट एंड इंपोर्ट लिमिटेड मेरठ रोड के जीएसटी नंबर के विरुद्ध प्राप्त इनपुट के आधार पर कंपनी की जांच 2018-19 में राज्य कर विशेष अनुसंधान शाखा ने की थी। कंपनी की ओर से जो प्रपत्र प्रस्तुत किए गए, उनमें बिल्टी आदि फर्जी कागजात मिले थे।
कंपनी पर 27 करोड़ दो लाख 47 हजार 588 रुपये बकाया था। जिसे कंपनी ने जमा नहीं कराया। सरकारी राजस्व को हानि पहुंचाने के लिए फर्जी बिल्टियां तैयार की गई थी।
जिसके आधार पर सर्व जंबूदीप एक्सपोर्ट कंपनी, पूर्व विधायक शाहनवाज राना, उनके साले कंपनी के डायरेक्टर कामरान राना, बेटे शाह आजम राना व दो अन्य जिया अब्बास जैदी और तौसिफ कुरेशी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
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मुजफ्फरनगर। पूर्व विधायक शाहनवाज राना को जेल में सिम पहुंचाने के मामले में करीब आठ घंटे चली पूछताछ के बाद पुलिस ने बढ़ापुर के पूर्व विधायक मोहम्मद गाजी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के नोटिस के बाद गाजी थाने पहुंचे थे। धोखाधड़ी से सिम खरीदने की धारा भी बढ़ाई गई है।
सिम प्रकरण में नोटिस के बाद बुधवार को पूर्व विधायक गाजी दोपहर करीब एक बजे नई मंडी थाने पहुंचा था। एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत, सीओ रुपाली रॉय, थाना प्रभारी और मुकदमे के विवेचक ने पूर्व विधायक से जानकारी लेनी शुरू की। एसपी सिटी ने बताया कि पूर्व विधायक ने अपने नौकर के बेटे समीर के आधार कार्ड का दुरुपयोग कर सिम खरीदा।इस सिम को जेल में बंद पूर्व विधायक शाहनवाज राना तक पहुंचाया गया। जेल में चेकिंग के दौरान राना से मोबाइल बरामद हुआ था।
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- यह था मामला
पिछले साल राना स्टील में चार दिसंबर को जीएसटी टीम पर हमले और महिला अधिकारी से छेड़छाड़ के मामले में पूर्व विधायक शाहनवाज राना को जेल भेजा गया था। दिसंबर 2024 को धोखाधड़ी का दूसरा मुकदमा दर्ज हुआ, जिसमें अभी तक जमानत नहीं मिली है। 25 मार्च 2025 को जेलर राजेश कुमार ने राना से मोबाइल बरामद किया था। मोबाइल प्रकरण के बाद राना को चित्रकूट भेजा गया। जांच में अब समधी मोहम्मद गाजी भी फंस गए हैं।
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- सिम में फंस गए समधी, गाजी से पूछे 100 सवाल, राना को राहत नहीं
मुजफ्फरनगर। पूर्व विधायक शाहनवाज राना को जेल में सिम पहुंचाने के मामले में पुलिस ने उनके समधी बिजनौर के बढ़ापुर सीट से पूर्व विधायक मोहम्मद गाजी पर शिकंजा कस दिया है। पुलिस के नोटिस के बाद नई मंडी थाने पहुंचे गाजी से करीब आठ घंटे लंबी पूछताछ के दौरान 100 सवाल पूछे गए। देर रात तक पुलिस की जांच जारी है। राना तक पहुंचाए गए सिम के मामले में पुलिस छानबीन कर रही है।
सिम प्रकरण में नोटिस के बाद बुधवार को आसपा नेता और पूर्व विधायक गाजी दोपहर करीब एक बजे नई मंडी थाने पहुंचा। एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत, सीओ रुपाली रॉय, थाना प्रभारी और मुकदमे के विवेचक ने पूर्व विधायक से जानकारी लेनी शुरू की।
देर रात तक सिम प्रकरण में पूछताछ जारी है। पुलिस ने अब तक 100 सवाल किए हैं, जिन पर आधे-अधूरे जवाब मिले हैं। पुलिस पूर्व विधायक की ओर से दिए गए जवाबों को तस्दीक कर रही है। उधर, हाईकोर्ट से पूर्व विधायक शाहनवाज राना को राहत नहीं मिली है।
- नौकर के बेटे के नाम से निकलवाया था सिम
पुलिस को पूछताछ में जानकारी मिली है कि पिछले साल दिसंबर में जीएसटी के छापे के बाद हुए प्रकरण में पूर्व विधायक शाहनवाज राना के परिवार के सदस्य बिजनौर गए थे। इसी दौरान मोहम्मद गाजी के नौकर के बेटे समीर के नाम से एक सिम निकलवाया गया। कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर निकलवाए गए सिम को बाद में जेल तक भिजवा दिया गया। पुलिस इस बात की जांच में जुटी है कि जेल के बाहर और अंदर इस सिम से किन लोगों से क्या-क्या बात की गई है। साजिश में और कौन लोग शामिल हैं।
- शाहनवाज राना को हाईकोर्ट से राहत न हीं
पूर्व विधायक शाहनवाज राना की जमानत पर बुधवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। लेकिन राना को जमानत नहीं मिली है। इसके अलावा अब गैंगस्टर का मुकदमा भी दर्ज हो चुका है। राना पांच दिसंबर 2024 से जेल में बंद हैं। वर्तमान में वह चित्रकूट जेल में बंद हैं। एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत का कहना है कि पूर्व विधायक शाहनवाज राना, उनके बेटे सहित पांच आरोपियों के खिलाफ सिविल लाइन थाने में गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज किया जा चुका है।
इनसेट
अब तक इस मामले में नहीं मिली राहत
मुजफ्फरनगर। सहायक आयुक्त राज्य कर खंड आठ प्रदुम्मन चौधरी ने सिविल लाइन थाने में 8 दिसंबर 2024 को मुकदमा दर्ज कराया था कि सर्व श्री जम्बूदीप एक्सपोर्ट एंड इंपोर्ट लिमिटेड मेरठ रोड के जीएसटी नंबर के विरुद्ध प्राप्त इनपुट के आधार पर कंपनी की जांच 2018-19 में राज्य कर विशेष अनुसंधान शाखा ने की थी। कंपनी की ओर से जो प्रपत्र प्रस्तुत किए गए, उनमें बिल्टी आदि फर्जी कागजात मिले थे।
कंपनी पर 27 करोड़ दो लाख 47 हजार 588 रुपये बकाया था। जिसे कंपनी ने जमा नहीं कराया। सरकारी राजस्व को हानि पहुंचाने के लिए फर्जी बिल्टियां तैयार की गई थी।
जिसके आधार पर सर्व जंबूदीप एक्सपोर्ट कंपनी, पूर्व विधायक शाहनवाज राना, उनके साले कंपनी के डायरेक्टर कामरान राना, बेटे शाह आजम राना व दो अन्य जिया अब्बास जैदी और तौसिफ कुरेशी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।