नियमों की अनदेखी: हस्तिनापुर में वन अधिनियम की उड़ रही धज्जियां, अवैध निर्माण जारी, चुप्पी साधे बैठे अधिकारी
हस्तिनापुर वन्य अभ्यारण क्षेत्र में वन विभाग लोगों को वन अधिनियमों का पाठ पढ़ाता है लेकिन अवैध निर्माण और खोदाई पर अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हुए हैं। पिछले एक वर्ष में क्षेत्र में तीन बार शिकायत के बावजूद लगातार कार्य जारी है।
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सेंचुरी क्षेत्र में रठौरा खुर्द चौराहे से कुछ दूरी पर एक प्राइवेट कंपनी द्वारा बिना वन विभाग की अनुमति के सड़क खोदकर पाइपलाइन बिछाने का कार्य किया जा रहा है। पिछले एक वर्ष में तीन बार कार्य शुरू हो चुका है। क्षेत्र के लोगों ने तीनों ही बार इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। पाइपलाइन बिछाने वाले ठेकेदार विभागीय अधिकारियों से सेटिंग कर कार्य को शुरू कर देते हैं।
हस्तिनापुर रामराज मार्ग पर पेट्रोल पंप के पास रविवार शाम से अवैध रूप से पाइप लाइन डालने का कार्य शुरू कराया गया, जिसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी लेकिन कोई एक्शन नहीं लिया गया। इसके बाद सोमवार सुबह कार्य फिर शुरू हुआ।
उच्च अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई, जिसके बाद वन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर कार्य को रुकवाया। उधर रुक-रुक कर लगातार चल रहे इस कार्य से लोग वन विभाग के अधिकारियों पर सवाल उठा रहे हैं।
सेटिंग से किया जाता है कार्य को शुरू
पाइपलाइन बिछाने वाले ठेकेदार को अवैध रूप से पाइप डालने के लिए वन विभाग के अधिकारी कई बार चेतावनी दे चुके हैं। करीब छह महीने पहले उसकी मशीन और अन्य सामान को भी वन विभाग की टीम ने जब्त कर लिया था। उसके बाद उसने समान को जैसे-तैसे वन विभाग के कब्जे से छुड़ावा लिया और चार महीने बीतने के बाद अधिकारियों से सेटिंग कर एक बार फिर कार्य शुरू कर दिया।
स्टाफ को मौके पर भेज कर रुकवाया गया है कार्य
इस मामले में क्षेत्रीय रेंजर रविकांत चौधरी का कहना है कि स्टाफ को मौके पर भेज कर कार्य को रुकवा दिया गया है।