फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Lockdown: आंगन में महकने थे, मगर मिट्टी में मिल गए चमकीले फूल, किसान ने खेत में जलाए साढ़े तीन लाख गुलाब

Wed, 29 Apr 2020 07:39 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ/बागपत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ/बागपत Published by: Dimple Sirohi Updated Wed, 29 Apr 2020 07:39 PM IST
विज्ञापन
Flower farming wasted in lockdown, farmers run tractor on many acres land
Floriculture, गुलाब की खेती - फोटो : amar ujala

लॉकडाउन के कारण विवाह और अन्य सार्वजनिक समारोह के आयोजन पर रोक लगने से फूलों की खेती करने वाले किसानों को जोर का झटका लगा है। ऐसे में फूलों की खेती करने वाले किसानों की फसलें खेत में नष्ट हो रही है।



कई जिलों में किसानों ने जहां सैकड़ों बीघा में फूलों की खेती पर ट्रैक्टर चला दिया तो बागपत में एक किसान कोे पाॅली हाउस में उगाए साढ़े तीन लाख गुलाब खेत में ही जलाने पड़े। आगे जाने कैसे मिट्टी में मिल गए आंगन को महकाने वाले चमकीले फूल:-

Flower farming wasted in lockdown, farmers run tractor on many acres land
Floriculture, गुलाब की खेती - फोटो : amar ujala

बागपत जनपद के मुकुंदपुर गांव में गुलाब की खेती करने वाले किसान सुधीर खोखर का कहना है कि इस बार अच्छी फसल थी, लेकिन लॉकडाउन के कारण फूलों की डिमांड नहीं रही। फूलों की सबसे ज्यादा मांग शादी समारोह, रेस्टोरेंट और होटल में होती है। लॉकडाउन में यह सब बंद है, इस कारण उनकी पूरी फसल बर्बाद हो गई है। 

जो फूल खिल चुके थे पहले उन्हें तोड़कर एक जगह स्टोर किया गया लेकिन फिर लाॅकडाउन की अवधि बढ़ गई और स्टोर किए गए साढ़े तीन लाख से ज्यादा गुलाब के फूलों को नष्ट करने के अलावा कोई और रास्ता नहीं बचा था। इसलिए खेत में एकत्र करके जला दिया। सुधीर बताते हैं कि इससे उन्हें 15 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। इसी तरह जिले में गेंदे की खेती करने वाले किसानों को भी भारी नुकसान हुआ है।

Flower farming wasted in lockdown, farmers run tractor on many acres land
किसान सुधीर खोखर - फोटो : amar ujala

गुलाब को इसलिए हुआ नुकसान
सुधीर के अनुसार गुलाब का सबसे बेहतर सीजन 15 मार्च से अप्रैल के पूरे महीने तक होता है। लेकिन इस दौरान लाॅकडाउन रहा, जिस कारण फसल को जलाने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा।

नवंबर में आएगी गुलाब की दूसरी फसल
किसान सुधीर खोखर का कहना है कि साल में दो फसल आती हैं। पहली फसल बेकार गई, अब नवंबर में फिर से फूल खिलेंगे। उसकी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Flower farming wasted in lockdown, farmers run tractor on many acres land
फूलों को खेत में ट्रैक्टर चलाकर नष्ट करता किसान - फोटो : amar ujala
उधर, मेरठ में बुधवार को कांग्रेस सेवादल के जिलाध्यक्ष रोहित गुर्जर ने फूलों की खेती कर रहे किसानों से मुलाकात कर उनका हाल जाना। 

उन्होंने लाॅकडाउन के कारण किसानों को हो रहे नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग करते हुए जिलाधिकारी अनिल ढींगरा और यूपी कांग्रेस प्रभारी प्रियंका गांधी को पत्र लिखकर स्थिति से अवगत कराया।

 
विज्ञापन
Flower farming wasted in lockdown, farmers run tractor on many acres land
नूरनगर निवासी किसान दयाराम व महिपाल - फोटो : amar ujala
रोहित गुर्जर ने बताया कि आज सेवादल के साथियों सहित नूरनगर के फूल किसान महिपाल सिंह किसान के खेत पर पहुंचे जहां किसान फूलों की बिक्री न होने के कारण खेत में फसल नष्ट करा रहा था।

वहीं किसानों का कहना है कि लाॅकडाउन के कारण सारे फूल खेतों में ही खड़े हैं। इसके कारण रोज लागत बढ़ती है। अधिकतर फूल खेत में ही खराब हो रहा है। ऐसे में ट्रैक्टर चलाने के अतिरिक्त और कोई रास्ता नहीं बचता।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed