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Meerut News: जल निगम की परियोजनाओं में मिलीं खामियां
Tue, 06 Aug 2024 03:41 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Tue, 06 Aug 2024 03:41 AM IST
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शामली। जिले के 182 गांवों में पेयजल लाइन बिछवाने में मानको की पूरी तरह से अनदेखी की जा रही है। एक ओर लाइन बिछवाने में सड़के टूटने से बदहाली का आलम है। वहीं पानी के कनेक्शन घरों के बजाए बाहर लगाए गए हैं।
पेयजल योजनाओं की प्रोजेक्ट मैनेजर और विभागीय अधिकारियों ने जिलेभर में जांच कराई तो खामियां ही खामियां नजर आईं। जिसकी पूरी रिपोर्ट सीडीओ विनय कुमार तिवारी और जल निगम के अधिशासी अभियंता को भेजी गई है। सीडीओ मामले की रिपोर्ट जल निगम के एमडी को भेजेंगे। इसके बाद कार्रवाई होगी।
जल निगम जिले के 182 गांवों में 400 करोड़ से अधिक की लागत से पेयजल परियोजनाओं का निर्माण करा रहा है। विभागीय अधिकारियों को शिकायतें मिल रही थी कि कुछ स्थानों पर मानक के अनुरूप कार्य नही किया जा रहा और जो पेयजल कनेक्शन दिए गए हैं वह घरों के अंदर के बजाए बाहर लगाए गए हैं।
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प्रोजेक्ट मैनेजर सहारनपुर मंडल (क्लस्टर-16) शीलम शंकर ने जिलेभर में जांच की। जिसमें पाया गया कि जिले में अभी सिर्फ 172 जलापूर्ति योजनाओं में से 94 योजनाओं में सीसी सड़क बहाली का काम शुरू किया गया है, निर्माण के लिए सामग्री तक उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। पर्याप्त कर्मचारी नहीं होने के कारण भी कार्य पूरी तरह से प्रभावित हो रहा है। ठेकेदार सड़क बनाने की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
बघेव और अन्य स्थानों पर जांच में आया है कि घरों के बजाए कनेक्शन बाहर लगाए गए हैं, जिसके कारण विभाग को नुकसान भी हो रहा है। इस तरह के 200 से अधिक कनेक्शन बाहर दिए जाने की बात कहीं जा रही है। जांच में सामने आया कि सीसी रोड के बाद उसकी उचित क्यूरिंग नहीं की गई, जिसके कारण रोड की गुणवत्ता पर भी सवाल है।
इसके अलावा 152 नंबर साइट समेत कई स्थानों पर पर हाइड्रो परीक्षण के बिना ही कनेक्शन की स्थापना की जा रही है। इसके अलावा कैराना, शामली, थानाभवन, जलालाबाद क्षेत्र में कनेक्शन को चहारदीवारी के स्लेप के बिना ही दिया गया है। पाइपों की गहराई भी मानक के अनुरूप नहीं है।
किसी भी गांव में लाइन से पूर्व सैंपल प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे जाने का नियम है मगर सैंंपलों का कोई परीक्षण नहीं कराया जा रहा। जबकि सात से लेकर 28 दिन में परीक्षण हर हाल में हो जाना चाहिए। पूरी रिपोर्ट परियोजना प्रबंधक ने जल निगम के अधिशासी अभियंता, सीडीओ को भेजी है। इस मामले में जल्द कार्रवाई होना तय माना जा रहा रहा है।
अभी भी उखड़ी पडी सड़कें, विभाग अनजान
कुड़ाना, ऐरटी, बधेव, करोड़ी आदि में सड़कें टूटी पड़ने के कारण ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। ग्रामीण आसिफ, संजीव और मनोहर का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद विभागीय अधिकारी समस्या की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहे।
जल निगम के अधिशासी अभियंता और परियोजना प्रबंधक ने जल परियोजनाओं के संबंध में रिपोर्ट भेजी है, जिसमें कई तरह की खामियां सामने आई है। घोटाले की भी बू आ रही है। मामले की रिपोर्ट जल निगम के अधिकारियों को भेजी जाएगी। गड़बड़ी करने वाली कंपनी को भी ब्लैक लिस्टेड कराया जाएगा। गड़बड़ी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
-विनय कुमार तिवारी, सीडीओ शामली
शामली जिले में की गई सर्वे रिपोर्ट जल निगम के अधिकारियों को भेजी गई है। कार्यदाई कंपनी को भी चेताया गया है। गड़बड़ी नहीं होने दी जाएगी।
शीलम शंकर, प्रोजेक्ट मैनेजर, सहारनपुर डिविजन
जल निगम की परियोजनाओं का मैंने भी खुद जायजा लिया। कई तरह की खामियां मिली है। जल्द ही कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। प्रयास रहेगा कि ग्रामीणों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाए।
-फूल कुमार, अधिशासी अभियंता, जल निगम ग्रामीण
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पेयजल योजनाओं की प्रोजेक्ट मैनेजर और विभागीय अधिकारियों ने जिलेभर में जांच कराई तो खामियां ही खामियां नजर आईं। जिसकी पूरी रिपोर्ट सीडीओ विनय कुमार तिवारी और जल निगम के अधिशासी अभियंता को भेजी गई है। सीडीओ मामले की रिपोर्ट जल निगम के एमडी को भेजेंगे। इसके बाद कार्रवाई होगी।
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जल निगम जिले के 182 गांवों में 400 करोड़ से अधिक की लागत से पेयजल परियोजनाओं का निर्माण करा रहा है। विभागीय अधिकारियों को शिकायतें मिल रही थी कि कुछ स्थानों पर मानक के अनुरूप कार्य नही किया जा रहा और जो पेयजल कनेक्शन दिए गए हैं वह घरों के अंदर के बजाए बाहर लगाए गए हैं।
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प्रोजेक्ट मैनेजर सहारनपुर मंडल (क्लस्टर-16) शीलम शंकर ने जिलेभर में जांच की। जिसमें पाया गया कि जिले में अभी सिर्फ 172 जलापूर्ति योजनाओं में से 94 योजनाओं में सीसी सड़क बहाली का काम शुरू किया गया है, निर्माण के लिए सामग्री तक उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। पर्याप्त कर्मचारी नहीं होने के कारण भी कार्य पूरी तरह से प्रभावित हो रहा है। ठेकेदार सड़क बनाने की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
बघेव और अन्य स्थानों पर जांच में आया है कि घरों के बजाए कनेक्शन बाहर लगाए गए हैं, जिसके कारण विभाग को नुकसान भी हो रहा है। इस तरह के 200 से अधिक कनेक्शन बाहर दिए जाने की बात कहीं जा रही है। जांच में सामने आया कि सीसी रोड के बाद उसकी उचित क्यूरिंग नहीं की गई, जिसके कारण रोड की गुणवत्ता पर भी सवाल है।
इसके अलावा 152 नंबर साइट समेत कई स्थानों पर पर हाइड्रो परीक्षण के बिना ही कनेक्शन की स्थापना की जा रही है। इसके अलावा कैराना, शामली, थानाभवन, जलालाबाद क्षेत्र में कनेक्शन को चहारदीवारी के स्लेप के बिना ही दिया गया है। पाइपों की गहराई भी मानक के अनुरूप नहीं है।
किसी भी गांव में लाइन से पूर्व सैंपल प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे जाने का नियम है मगर सैंंपलों का कोई परीक्षण नहीं कराया जा रहा। जबकि सात से लेकर 28 दिन में परीक्षण हर हाल में हो जाना चाहिए। पूरी रिपोर्ट परियोजना प्रबंधक ने जल निगम के अधिशासी अभियंता, सीडीओ को भेजी है। इस मामले में जल्द कार्रवाई होना तय माना जा रहा रहा है।
अभी भी उखड़ी पडी सड़कें, विभाग अनजान
कुड़ाना, ऐरटी, बधेव, करोड़ी आदि में सड़कें टूटी पड़ने के कारण ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। ग्रामीण आसिफ, संजीव और मनोहर का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद विभागीय अधिकारी समस्या की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहे।
जल निगम के अधिशासी अभियंता और परियोजना प्रबंधक ने जल परियोजनाओं के संबंध में रिपोर्ट भेजी है, जिसमें कई तरह की खामियां सामने आई है। घोटाले की भी बू आ रही है। मामले की रिपोर्ट जल निगम के अधिकारियों को भेजी जाएगी। गड़बड़ी करने वाली कंपनी को भी ब्लैक लिस्टेड कराया जाएगा। गड़बड़ी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
-विनय कुमार तिवारी, सीडीओ शामली
शामली जिले में की गई सर्वे रिपोर्ट जल निगम के अधिकारियों को भेजी गई है। कार्यदाई कंपनी को भी चेताया गया है। गड़बड़ी नहीं होने दी जाएगी।
शीलम शंकर, प्रोजेक्ट मैनेजर, सहारनपुर डिविजन
जल निगम की परियोजनाओं का मैंने भी खुद जायजा लिया। कई तरह की खामियां मिली है। जल्द ही कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। प्रयास रहेगा कि ग्रामीणों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाए।
-फूल कुमार, अधिशासी अभियंता, जल निगम ग्रामीण
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