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Meerut: पांच साल के बच्चे ने कोल्डड्रिंक समझकर पी लिया तेजाब, हालत गंभीर
Mon, 05 Dec 2022 09:00 AM IST
मेरठ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 05 Dec 2022 09:00 AM IST
सार
उत्तर प्रदेश के मेरठ स्थित कंकरखेड़ा में एक पांच साल के बच्चे ने कोल्डड्रिंक समझकर तेजाब पी लिया। हालत गंभीर होने के कारण रविवार को यह बच्चा दिल्ली के लिए रेफर कर दिया गया। बच्चे को लगातार वेंटिलेटर पर रखा जा रहा है।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मेरठ के कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र की हरिलोक कॉलोनी में पांच साल के बच्चे पूरब ने कोल्डड्रिंक समझकर तेजाब पी लिया। पहले उसे निजी अस्पताल ले जाया गया और बाद में मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। हालत गंभीर होने के कारण रविवार को यह बच्चा दिल्ली के लिए रेफर कर दिया गया।
मूल रूप से अयोध्या निवासी राजेश अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ किराए के मकान में रहता है। राजेश कंकरखेड़ा में एक डेयरी की दुकान पर काम करता है। राजेश के अनुसार उसका बेटा पूरब दो दिन पहले बच्चों के साथ पड़ोसी के घर में खेल रहा था। खेलने के दौरान बच्चा बाथरूम में घुस गया।
यहां कोल्डड्रिंक की बोतल में तेजाब रखा हुआ था। बच्चे ने इसे कोल्डड्रिंक समझ लिया और कुछ तेजाब पी लिया। कुछ देर बाद ही उसकी हालत बिगड़ने लगी। बच्चे को उल्टियां लगीं। कुछ ही देर में वह बेहोश होकर फर्श पर गिर गया। अन्य बच्चों ने परिजनों को जानकारी दी।
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बाद में परिजन और पड़ोसी बच्चे को लेकर कंकरखेड़ा के कई अस्पतालों में लेकर पहुंचे। बाद में उसे मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां उपचार के दौरान हालत न सुधरने पर रविवार दोपहर दिल्ली के लिए रेफर कर दिया गया।
बच्चे की सांस और खाने की नली में सूूजन
मेडिकल के चिकित्सकों के अनुसार तेजाब से बच्चे की खाने और सांस की नली में सूजन आ गई है। बच्चे को लगातार वेंटिलेटर पर रखा जा रहा है। ऑक्सीजन की कमी के कारण बच्चे को सांस लेने में तकलीफ हो रही है। बच्चे की हालत देखकर परिजन बार-बार बिलखते रहे।
ऐसी घटना हो तो नमक का पानी और ठंडा दूध पिलाया जाए
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव मित्तल का कहना है कि अभिभावकों को ध्यान रखना चाहिएं कि बच्चे ऐसी घटनाओं से बचें। यदि बच्चा गलती से जहरीला पेय पदार्थ ले लेता है तो उसे नमक का पानी और ठंडा दूध दिया जाना चाहिए। नमक के पानी से तेज उल्टियां होंगी और दूध विषाक्त पदार्थ के दुष्प्रभाव को कम करेगा।
यह भी पढ़ें: Khatauli Election: कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान जारी, आज प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे मतदाता
अभिभावक यह बरतें सावधानी
- तेजाब, फिनाइल के साथ ही जहरीली या ज्वलनशील चीजों को बच्चों की पहुंच से दूर रखें
- कोल्डड्रिंक, फ्रूट जूस के पैक या ऐसी अन्य बोतलों में भी इस तरह का सामान न रखा जाए
- घर या पड़ोस में बच्चों के खेलते समय उन पर निगरानी रखने का प्रयास करें
- बच्चे के सामने कंचे, छोटी बॉल, अंगूठी जैसा सामान भी न रखें, इसे वह निगल सकता है
- शिक्षक भी स्कूलों में इस बारे में बच्चों को जरूरी सावधानियां बताते रहें
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मूल रूप से अयोध्या निवासी राजेश अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ किराए के मकान में रहता है। राजेश कंकरखेड़ा में एक डेयरी की दुकान पर काम करता है। राजेश के अनुसार उसका बेटा पूरब दो दिन पहले बच्चों के साथ पड़ोसी के घर में खेल रहा था। खेलने के दौरान बच्चा बाथरूम में घुस गया।
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यहां कोल्डड्रिंक की बोतल में तेजाब रखा हुआ था। बच्चे ने इसे कोल्डड्रिंक समझ लिया और कुछ तेजाब पी लिया। कुछ देर बाद ही उसकी हालत बिगड़ने लगी। बच्चे को उल्टियां लगीं। कुछ ही देर में वह बेहोश होकर फर्श पर गिर गया। अन्य बच्चों ने परिजनों को जानकारी दी।
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बाद में परिजन और पड़ोसी बच्चे को लेकर कंकरखेड़ा के कई अस्पतालों में लेकर पहुंचे। बाद में उसे मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां उपचार के दौरान हालत न सुधरने पर रविवार दोपहर दिल्ली के लिए रेफर कर दिया गया।
बच्चे की सांस और खाने की नली में सूूजन
मेडिकल के चिकित्सकों के अनुसार तेजाब से बच्चे की खाने और सांस की नली में सूजन आ गई है। बच्चे को लगातार वेंटिलेटर पर रखा जा रहा है। ऑक्सीजन की कमी के कारण बच्चे को सांस लेने में तकलीफ हो रही है। बच्चे की हालत देखकर परिजन बार-बार बिलखते रहे।
ऐसी घटना हो तो नमक का पानी और ठंडा दूध पिलाया जाए
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव मित्तल का कहना है कि अभिभावकों को ध्यान रखना चाहिएं कि बच्चे ऐसी घटनाओं से बचें। यदि बच्चा गलती से जहरीला पेय पदार्थ ले लेता है तो उसे नमक का पानी और ठंडा दूध दिया जाना चाहिए। नमक के पानी से तेज उल्टियां होंगी और दूध विषाक्त पदार्थ के दुष्प्रभाव को कम करेगा।
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अभिभावक यह बरतें सावधानी
- तेजाब, फिनाइल के साथ ही जहरीली या ज्वलनशील चीजों को बच्चों की पहुंच से दूर रखें
- कोल्डड्रिंक, फ्रूट जूस के पैक या ऐसी अन्य बोतलों में भी इस तरह का सामान न रखा जाए
- घर या पड़ोस में बच्चों के खेलते समय उन पर निगरानी रखने का प्रयास करें
- बच्चे के सामने कंचे, छोटी बॉल, अंगूठी जैसा सामान भी न रखें, इसे वह निगल सकता है
- शिक्षक भी स्कूलों में इस बारे में बच्चों को जरूरी सावधानियां बताते रहें